भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बीडीसी की बैठक में जमकर बवाल

क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए जनप्रतिनिधियों ने पहले तो मीटिंग हॉल में हंगामा किया। उसके बाद दफ्तर के बाहर आकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।                   कालाढूंगी रोड स्थित विकासखंड सभागार में हल्द्वानी क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक शुरू हुई। पौने बारह बजे शुरू हुई बैठक में एक प्रस्ताव पर ही चर्चा हुई थी कि पंचायत प्रतिनिधियों ने लघु सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त होने की शिकायत की। मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत करते पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि लघु सिंचाई के तहत पिछले चार सालों में हुए करोड़ों के निर्माण कार्यों का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। ठेकेदार भुखमरी की कगार पर हैं। ठेकेदार भुगतान की बात करते हैं तो अधिकारी 20 प्रतिशत एडवांस भुगतान कर पेमेंट ले जाने की बात करते हैं। क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए जनप्रतिनिधियों ने पहले तो मीटिंग हॉल में हंगामा किया। उसके बाद दफ्तर के बाहर आकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।                   कालाढूंगी रोड स्थित विकासखंड सभागार में हल्द्वानी क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक शुरू हुई। पौने बारह बजे शुरू हुई बैठक में एक प्रस्ताव पर ही चर्चा हुई थी कि पंचायत प्रतिनिधियों ने लघु सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त होने की शिकायत की। मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत करते पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि लघु सिंचाई के तहत पिछले चार सालों में हुए करोड़ों के निर्माण कार्यों का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। ठेकेदार भुखमरी की कगार पर हैं। ठेकेदार भुगतान की बात करते हैं तो अधिकारी 20 प्रतिशत एडवांस भुगतान कर पेमेंट ले जाने की बात करते हैं।    सीडीओ विनीत कुमार ने कहा कि सार्वजनिक मंच से भ्रष्टाचार का खुला आरोप लगाना सही नहीं है। इतना कहते ही पंचायत प्रतिनिधि भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी। जनप्रतिनिधियों ने पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडे द्वारा पंचायतों की एसआइटी जांच कराने संबंधी बयान की भी निंदा की। बैठक में एसआइटी जांच का विरोध करने संबंधी प्रस्ताव पारित किया गया। बाद में सभागार से बाहर निकले और नारेबाजी की। संगठन ने डीएम और सीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पंचायतों के काम की एसआइटी जांच करने संबंधी फैसले और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से पंचायतों का सोशल ऑडिट कराने संबंधी फैसले का भी विरोध किया है।    राज्य सरकार दो हफ्ते के भीतर दे जवाब: हार्इकोर्ट यह भी पढ़ें इस दौरान ब्लॉक प्रमुख भोला दत्त भट्ट, ग्राम प्रधान संगठन के नैनीताल जिला अध्यक्ष कुंदन सिंह बोहरा, कुंदन देउपा, कुंदन मेहता, जेडी कत्यूरा, संजय जोशी, भगवती बिष्ट, पुष्पा धोनी, जया देवी, दीपेंद्र सिंह बिष्ट, हरीश सिंह दरमवाल बंशी सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे। बैठक का बहिष्कार होने से लाव लश्कर के साथ अधिकारी देखते रह गए। क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए जनप्रतिनिधियों ने पहले तो मीटिंग हॉल में हंगामा किया। उसके बाद दफ्तर के बाहर आकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।                   कालाढूंगी रोड स्थित विकासखंड सभागार में हल्द्वानी क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक शुरू हुई। पौने बारह बजे शुरू हुई बैठक में एक प्रस्ताव पर ही चर्चा हुई थी कि पंचायत प्रतिनिधियों ने लघु सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त होने की शिकायत की। मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत करते पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि लघु सिंचाई के तहत पिछले चार सालों में हुए करोड़ों के निर्माण कार्यों का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। ठेकेदार भुखमरी की कगार पर हैं। ठेकेदार भुगतान की बात करते हैं तो अधिकारी 20 प्रतिशत एडवांस भुगतान कर पेमेंट ले जाने की बात करते हैं।    सीडीओ विनीत कुमार ने कहा कि सार्वजनिक मंच से भ्रष्टाचार का खुला आरोप लगाना सही नहीं है। इतना कहते ही पंचायत प्रतिनिधि भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी। जनप्रतिनिधियों ने पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडे द्वारा पंचायतों की एसआइटी जांच कराने संबंधी बयान की भी निंदा की। बैठक में एसआइटी जांच का विरोध करने संबंधी प्रस्ताव पारित किया गया। बाद में सभागार से बाहर निकले और नारेबाजी की। संगठन ने डीएम और सीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पंचायतों के काम की एसआइटी जांच करने संबंधी फैसले और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से पंचायतों का सोशल ऑडिट कराने संबंधी फैसले का भी विरोध किया है।    राज्य सरकार दो हफ्ते के भीतर दे जवाब: हार्इकोर्ट यह भी पढ़ें इस दौरान ब्लॉक प्रमुख भोला दत्त भट्ट, ग्राम प्रधान संगठन के नैनीताल जिला अध्यक्ष कुंदन सिंह बोहरा, कुंदन देउपा, कुंदन मेहता, जेडी कत्यूरा, संजय जोशी, भगवती बिष्ट, पुष्पा धोनी, जया देवी, दीपेंद्र सिंह बिष्ट, हरीश सिंह दरमवाल बंशी सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे। बैठक का बहिष्कार होने से लाव लश्कर के साथ अधिकारी देखते रह गए।

सीडीओ विनीत कुमार ने कहा कि सार्वजनिक मंच से भ्रष्टाचार का खुला आरोप लगाना सही नहीं है। इतना कहते ही पंचायत प्रतिनिधि भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी। जनप्रतिनिधियों ने पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडे द्वारा पंचायतों की एसआइटी जांच कराने संबंधी बयान की भी निंदा की। बैठक में एसआइटी जांच का विरोध करने संबंधी प्रस्ताव पारित किया गया। बाद में सभागार से बाहर निकले और नारेबाजी की। संगठन ने डीएम और सीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पंचायतों के काम की एसआइटी जांच करने संबंधी फैसले और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से पंचायतों का सोशल ऑडिट कराने संबंधी फैसले का भी विरोध किया है। 

इस दौरान ब्लॉक प्रमुख भोला दत्त भट्ट, ग्राम प्रधान संगठन के नैनीताल जिला अध्यक्ष कुंदन सिंह बोहरा, कुंदन देउपा, कुंदन मेहता, जेडी कत्यूरा, संजय जोशी, भगवती बिष्ट, पुष्पा धोनी, जया देवी, दीपेंद्र सिंह बिष्ट, हरीश सिंह दरमवाल बंशी सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे। बैठक का बहिष्कार होने से लाव लश्कर के साथ अधिकारी देखते रह गए। 

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