मनचाहा फल के लिए इस विधि से करें भगवान शिव की पूजा

श्रावण मास शुरू होने वाला है और ऐसे में हर कोई भगवान शिव की ख़ास तरीके से पूजा के लिए जोरों शोरों से तैयारी में जुटे हुए हैं. हर कोई चाहता है कि उन पर भगवान शिव की असीम कृपा बनी रही लेकिन अनजाने में कई ऐसी गलतियां हो जाती हैं जिससे पूजा करने का पूरा फल नहीं मिल पाता है.श्रावण मास शुरू होने वाला है और ऐसे में हर कोई भगवान शिव की ख़ास तरीके से पूजा के लिए जोरों शोरों से तैयारी में जुटे हुए हैं. हर कोई चाहता है कि उन पर भगवान शिव की असीम कृपा बनी रही लेकिन अनजाने में कई ऐसी गलतियां हो जाती हैं जिससे पूजा करने का पूरा फल नहीं मिल पाता है.  श्रावण मास में राशि के अनुसार ऐसे करें भगवान शिव की पूजा    बता दें कि सावन का महीना भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता हैं अगर इस महीने में आप भगवान शिव की सच्चे मन से आराधना करते हैं तो आपको आपकी इच्छानुसार फल मिलेगा लेकिन उससे पहले आपको इन बातों पर ध्यान देना होगा. भगवान शिव की पूजा बहुत कठिन मानी गई है. अगर आप पूरे विधि विधान के अनुसार शिव की पूजा करते हैं इसके लिए आपको कई सामग्री की आवश्यकता होगी जो इस प्रकार हैं.  आखिर क्यों भगवान शिव ने पार्वती को सुनाई थी अमरकथा?    दीपक, तेल या घी, फूल, चंदन का पेस्ट, सिंदूर, धूप, कपूर, विशेष व्यंजन, खीर, फल, पान के पत्ते और मेवा, नारियल. इसके अलावा शिव का अभिषेक के लिए इकट्ठा की गई सामग्री में पवित्र राख, ताजा दूध, दही, शहद, गुलाबजल, पंचामृत (शहद के साथ फल मिला हुआ), गन्ना का रस, निविदा नारियल का पानी, चंदन पानी, गंगाजल और अन्य सुगंधित पदार्थ को शामिल जरूर करना चाहिए. पूजा के दौरान शिवलिंग को उत्तर दिशा में रखना शुभ माना गया हैं और गंगा जल से शिव जी का अभिषेक किया जाता है और अंत में भगवान की आरती की जाती है.

बता दें कि सावन का महीना भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता हैं अगर इस महीने में आप भगवान शिव की सच्चे मन से आराधना करते हैं तो आपको आपकी इच्छानुसार फल मिलेगा लेकिन उससे पहले आपको इन बातों पर ध्यान देना होगा. भगवान शिव की पूजा बहुत कठिन मानी गई है. अगर आप पूरे विधि विधान के अनुसार शिव की पूजा करते हैं इसके लिए आपको कई सामग्री की आवश्यकता होगी जो इस प्रकार हैं.

दीपक, तेल या घी, फूल, चंदन का पेस्ट, सिंदूर, धूप, कपूर, विशेष व्यंजन, खीर, फल, पान के पत्ते और मेवा, नारियल. इसके अलावा शिव का अभिषेक के लिए इकट्ठा की गई सामग्री में पवित्र राख, ताजा दूध, दही, शहद, गुलाबजल, पंचामृत (शहद के साथ फल मिला हुआ), गन्ना का रस, निविदा नारियल का पानी, चंदन पानी, गंगाजल और अन्य सुगंधित पदार्थ को शामिल जरूर करना चाहिए. पूजा के दौरान शिवलिंग को उत्तर दिशा में रखना शुभ माना गया हैं और गंगा जल से शिव जी का अभिषेक किया जाता है और अंत में भगवान की आरती की जाती है.

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