मनोहर पर्रिकर ने कहा- वायरल लेटर है झूठा, अफवाहों पर ना करें विश्वास

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर जो सोमवार से अपने ट्रीटमेंट का दूसरा चरण शुरू करने वाले हैं, उनके नाम से सोशल मीडिया पर एक पत्र काफी वायरल हो रहा है। माना जा रहा है कि यह पत्र खुद बीमार सीएम ने लिखा है। पत्र में पश्चाताप और कथित आत्मनिरीक्षण की बात कही गई है। इस मामले पर मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) का कहना है कि यह प्रामाणिक नहीं है और शरारत वाला काम है।

 

रविवार को सीएम ऑफिस ने एक बयान में कहा- यह देखा गया है कि सोशल मीडिया पर काफी सारे मैसेजिस छाए हुए हैं। जिसे सीएम द्वारा लिखा माना जा रहा है। इस तरह के सभी मैसेज प्रामाणिक नहीं हैं और शरारत भरे हैं। सीएम द्वारा दिया गया संदेश सीधे या फिर उनके वेरिफाईड सोशल मीडिया हैंडल के जरिए ही दिया जाएगा। यह पत्र जो कि झूठी अफवाह है उसे ऐप्पल के सह-संस्थापक की 2011 में हुई मौत के बाद बनाया गया था। जिसमें चिंतनशील और पश्चाताप वाली बातें लिखी हैं। खुद सीएम ने लोगों से इस तरह की अफवाहों का शिकार ना होने की बात कही है।

मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य को बहुत अच्छा बताते हुए राज्य विधान सभा अध्यक्ष प्रमोद सावंत ने कहा कि पर्रिकर का तीन दिनों तक ट्रीटमेंट होगा और उसके दो हफ्ते बाद उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी। जिसके बाद वह वापस गोवा लौट आएंगे। रविवार को सीएमओ गोवा फेसबुक पेज से रविवार को पर्रिकर के स्वास्थ्य से संबंधित अफवाहों को खारिज किया गया था। इसमें कहा गया था कि बहुत से शरारती मैसेज सोशल मीडिया पर चल रहे हैं जिसे मुख्यमंत्री द्वारा लिखा बताया जा रहा है।

मनोहर पर्रिकर को 15 फरवरी को मुंबई के लीलावती अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। जिसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क स्वास्थ्य सुविधा में शिफ्ट किया गया था। जहां उनके एडवांस स्टेज के पैनक्रियाटिक कैंसर का इलाज चल रहा है। वहीं सीएमओ का कहना है कि पर्रिकर को हल्के अग्नाशयकोप (माइल्ड पैनक्रियाटिक) से पीड़ित हैं और वह इलाज में सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

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