मन की बात में PM मोदी ने बाढ़ के कहर से बेटियों के करिश्मे तक हर मुद्दे पर लिया फैसला..

नरेंद्र मोदी ने 30 जुलाई को अपने मन की बात कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित राज्यों की बात कही और बाढ़ से होने वाले नुकसान से बचने के लिए पहले से तैयारी और पूर्व नियोजित योजनाओं पर काम करने की बात कही.नरेंद्र मोदी ने 30 जुलाई को अपने मन की बात कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित राज्यों की बात कही और बाढ़ से होने वाले नुकसान से बचने के लिए पहले से तैयारी और पूर्व नियोजित योजनाओं पर काम करने की बात कही.CAT 2017: परीक्षा की नोटिफिकेशन हो गई जारी, यहां देखें…

प्रधानमंत्री ने जीएसटी पर बात की. उन्होंने कहा कि इस बार जीएसटी को ढेरों चिट्ठ‍ियां आई हैं और कॉल्स आए हैं. जीएसटी के लागू होने के सिर्फ एक महीने हुए हैं और फायदे आने लगे हैं. मुझे खुशी होती है कि जब कोई गरीब कहता है कि मेरे जरूरत की चीजें सस्ती हो गई हैं.

‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने दिया ‘Waste को वेल्थ’ मानने का मंत्र

जीएसटी ने हमारी अर्थव्यवस्था पर एक बहुत ही सकारात्मक प्रभाव और बहुत ही कम समय में उत्पन्न किया है. विश्व जरूर इस पर अध्ययन करेगा.क्योंकि इतने बड़े विशाल देश में उसे लागू करना और उसे आगे लेकर जाना अपने आप में उपलब्ध‍ि है.

जीएसटी ऐप पर आप भलीभांति जान सकते हैं कि GST के पहले जिस चीज का जितना दाम था, तो नई परिस्थिति में कितना दाम होगा.

पीएम मोदी के ‘मन की बात’ की खास बातें-

अगस्त में कई महत्वपूर्ण दिवस

अगस्त का महीना एतिहासिक महीना है. 1 अगस्त 1920 को असहायोग आंदोलन प्रारंभ हुआ. 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन प्रारंभ हुआ, जिसे अगस्त क्रांति के रूप में भी जाना जाता है. 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ था.

इस साल हम भारत छोड़ों आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं. भारत छोड़ों का नारा युसुफ ने दिया है. युवाओं को जानना चाहिए कि 9 अगस्त को भारत कौन सा दिन मनाता है. 9 अगस्त को ‘भारत छोड़ो आंदोलन दिवस’ मनाते हैं.

1857 से शुरू हुआ आजादी की संघर्ष साल 1942 तक देश हर पल आजादी की कोश‍िश करता रहा. 1942 से 1947 तक इन पांच साल निर्णायक वर्ष बन गए. संकल्प से सिद्धी का निर्णायक साल. करीब 70 साल बाद एक बार फिर संकल्प लें कि एक व्यक्त‍ि के नाते देश को विकसित करेंगे. एक नये भारत के निर्माण में सहयोग दें. मैं युवा साथियों को, युवा मित्रों को, आमंत्रित करता हूं कि नए भारत के निर्माण में वे innovative तरीके से योगदान के लिए आगे आएं.

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