‘मन की बात’ में PM मोदी ने राज्यों को दिया GST की सफलता का क्रेडिट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए आज एक बार फिर देशवासियों से अपने विचार साझा किए.  कार्यक्रम की 45वीं कड़ी में पीएम मोदी ने भारत-अफगानिस्तान के बीच हुए ऐतिहासिक टेस्ट मैच को याद किया. साथ ही उन्होंने जीएसटी को सफल बताते हुए इसका क्रेडिट राज्यों को दिया.श्यामा प्रसाद को किया याद  पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी याद किया. उन्होंने कहा कि कल ही (23 जून) श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि थी. उन्होंने बताया कि डॉ. मुखर्जी के करीबी विषयों में शिक्षा, प्रशासन और संसदीय मामले थे.

जीएसटी को बताया सफल

पीएम मोदी ने जीएसटी की पहली सालगिरह आने से पहले इसकी सफलता का क्रेडिट राज्यों को दिया. उन्होंने कहा कि ‘वन नेशन वन टैक्स’ देश के लोगों का सपना था, जो अब हकीकत में बदल चुका है. पीएम ने कहा कि जीएसटी की सफलता के लिए राज्यों ने मिलकर काम किया और इसे सफल बनाया. उन्होंने जीएसटी ईमानदारी की जीत करार दिया.

‘मन की बात’ की शुरुआत में बेंगलुरु में हुए भारत-अफगानिस्तान टेस्ट मैच का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने अफगानी स्टार बॉलर राशिद खान के खेल को सराहा. साथ ही उन्होंने कहा कि यह मैच यादगार रहेगा. पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे यह मैच इसलिए याद रहेगा क्योंकि भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेते समय अफगानिस्तान की टीम को आमंत्रित किया और दोनों टीमों ने साथ में फोटो लिए.’ 

योग ने दुनिया को एकजुट किया

पीएम मोदी ने पूरी दुनिया में मनाए गए योग दिवस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘योग दिवस पर अलग ही नजारा था, जब पूरी दुनिया एकजुट नजर आई. विश्वभर में योग दिवस को उत्साह के साथ मनाया गया. सऊदी अरब में पहली बार ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ और मुझे बताया गया है कि बहुत सारे आसन महिलाओं ने किए. लद्दाख की ऊंची चोटियों पर भारत और चीन के सैनिकों ने एकसाथ मिलकर योगाभ्यास किया.’

पीएम ने कहा, ‘वायुसेना के हमारे योद्धाओं ने तो बीच आसमान में धरती से 15 हजार फुट की ऊंचाई पर योगासन करके सबको स्तब्ध कर दिया. देखने वाला नजारा यह था कि उन्होंने हवा में तैरते हुए किया, न कि हवाई जहाज में बैठ कर.’

श्यामा प्रसाद को किया याद

पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी याद किया. उन्होंने कहा कि कल ही (23 जून) श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि थी. उन्होंने बताया कि डॉ. मुखर्जी के करीबी विषयों में शिक्षा, प्रशासन और संसदीय मामले थे.

 
 

 

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