मप्र में पकडे गए ISI के 11 एजेंट, पास में मिले 3 हजार सिमकार्ड, 50 मोबाइल फोन

भोपाल : मध्यप्रदेश के एंटीटेरसिस्ट स्क्वाड ने पाकिस्तान की खुफिया एजेेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाले करीब 11 लोगों को पकड़ा है।

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खास बात यह है कि अब तक कथित तौर पर टेररिज़म से जुड़े वर्ग विशेष के लोगों के ही नाम सामने आ रहे थे लेकिन अब इस वर्ग से अलग हटकर अन्य वर्ग के लोगों के नाम सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। ये आरोपी फर्जी काॅल सेंटर संचालित कर रहे थे। जब एटीएस ने इन लोगोें से पूछताछ की तो कई आश्चर्यजन जानकारियां सामने आई । 

एटीएस ने जिन लोगों को पकड़ा है उनके पास से 3 हजार सिमकार्ड, 50 मोबाईल फोन व 35 सिम बाॅक्स मिले हैं। इसे आईएसआईएस के विरूद्ध एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। एटीएस को आतंकियों के बैंक्स अकाउंट की जानकारी मिली है। एटीएस के प्रमुख संजीव शमी ने जानकारी देते हुए कहा कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाईंड दिल्ली के कोचिंग सेंटर का शिक्षक गुलशन सेन है।

गुलशन सेन ने दिल्ली, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तरप्रदेश में पैरलल टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित करने के लिए करीब 5 हजार सिम बाॅक्स किराए पर लिए थे। हालांकि यह फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद है। एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि बीते वर्ष नवंबर माह में जम्मू कश्मीर के आरएसपुरा में सतविंदर सिंह और दादू नाम के दो आतंकियों को पकड़ा गया था। इन लोगों ने सैन्य जानकारियो को पाकिस्तान तक पहुंचाया था।

इन लोगों ने बताया कि इन्हें सेना से मदद मिलती थी। उन्होंने मध्यप्रदेश के अतिरिक्त दिल्ली, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा व यूपी में सिम बाॅक्स किराए पर दिए थे। एटीएस ने बताया है कि गुलशन सेन अफगानिस्तान में अमेरिका की सेना के लिए आईटी कम्युनिकेशन सपोर्ट का कार्य किया करता था। वह दो बार अफगानिस्तान गया था।

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 दरअसल आतंकियों ने जम्मू कश्मीर में कर्नल विक्रम तिवारी के तौर पर पूछताछ की थी। आतंकी इसी तरह से सेना के अधिकारियों के नाम बताकर सेना की जानकारी प्राप्त करते थे। इसके बाद जम्मू कश्मीर से एटीएस को जानकारी मिली और एटीएस ने अपनी कार्रवाई की। 

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