Dacoity: लखनऊ मलिहाबाद में फिर डकैतों का धावा, टेलर के घर लूटपाट!

लखनऊ: राजधानी में बदमाशों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। 26 जनवरी कर शाम खुद डीजीपी ओपी सिंह मलिहाबाद पहुंचे और पुलिसिंग का जायजा लिया। डीजीपी के इस दौरे के बाद रात को ही बदमाशों ने मलिहाबाद के अमानीगंज इलाके में एक टेलर को बंधक बनाकर उसके घर में लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस टेलर के घर में हुई लूट की इस घटना को संदिग्ध मान रही है।


मलिहाबाद के अमानीगंज इलाके में टेलर असलम अपने परिवार के साथ रहता है। उसके दो घर हैं और दोनों आमने-सामने बने हैं। एक घर में असलम सिलाई का काम करता है। बताया जाता है कि शुक्रवार की रात असलह सिलाई वाले घर में मौजूद था, जबकि उसकी पत्नी और बेटी दूसरे घर में थीं।

रात करीब तीन बजे असलम पेशाब करने के लिए उठे। इस बीच असलम के घर के बाहर पहले से घात लगाये बैठे बदमाशों ने उसको पकड़ लिया। बदमाशों ने असलम पर असलहा तान दिया औरा उसको पकड़कर बाग के अंदर ले गये। इसके बाद बदमाशों ने असलहे से रुपये और जेवरात के बारे में पूछा।

दो बदमाश असलम को असलहे के बल पर बंधक बनाये रहे, जबकि दो बदमाश असलम के घर में घुस गये। इसके बाद बदमाशों ने असलम के घर से 16 हजार रुपये नकद और एक लाख के जेवरात लूटे और उसको धमकी देते हुए फरार हो गये। पीडि़त असलम का कहना है कि बदमाशों के जाने के बाद यूपी 100 की एक गाड़ी गश्त करते हुए निकली और असलम ने गाड़ी मे मौजूद पुलिस वालों को घटना बतायी। पुलिसकर्मी छानबीन के बाद वापस लौट गये।

शनिवार की सुबह तक जब कोई पुलिस वाला नहीं पहुुंचा तो असलम ने सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। एक बार फिर वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के होश उड़ गये। आनन-फानन में एसपी ग्रामीण डा.सतीश कुमार, सीओ मलिहाबाद संतोष सिंह और मलिहाबाद पुलिस भी पहुंच गयी। पुलिस ने छानबीन करते हुए असलम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस असलम के घर में लूट की इस घटना को संदिग्ध बता रही है।

पीडि़त का कहना सभी बदमाश थे नकाबपोश
टेलर असलम का कहना है कि वारदात में शामिल सभी बदमाश नकाबपोश थे और उनके चेहरे गमछे से ढके हुए थे। बदमाश बार-बार उसको गोली मारने की धमकी दे रहे थे। उसने बताया कि असलहे के बल पर बदमाश उसको बाग में ले गये और फिर पर असलहे की नोक पर बंधक बना लिया। उनकी बोली भी सामान्य थी।

पुलिस का कहना क्या बदमाश असलम के घर से निकलने का रहे थे इतजार
टेलर असलम के घर लूटपाट की वारदात को पुलिस संशय में है। पुलिस का कहना है कि टेलर असलम ने जिस तरह पूरी घटना बतायी है उसमें कई छेंद है। ऐसा लग रहा है कि बदमाश असलम के घर के बाहर मौजूद उसके निकलने का इंतजार कर रहे थे। असलम के बयान से लग रहा है कि बदमाशों को इस बात का पता था कि रात में असलम पेशाब करने के लिए अपने घर से निकलेगा।

26 जनवरी की शाम मलिहाबाद पहुंचे थे डीजीपी
चिनहट, काकोरी और मलिहाबाद इलाके में एक के बाद एक डकैती की घटना के बाद प्रदेश के नवनियुक्त डीजीपी ओपी सिंह शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे मलिहाबाद कोतवाली पहुंचे। उनके साथ एसएसपी दीपक कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। डीजीपी ने इस दौरान अधिकारियों को ग्रामीण इलाकों में गश्त बढ़ाने और डकैतों को जल्द पकडऩे का आदेश दिया। करीब 25 मिनट रूकने के बाद डीजीपी वापस लौट गये। बड़ी हैरानी की बात यह रही कि डीजीपी के जाने के कुछ ही घंटे के बाद बदमाशों ने मलिहाबाद के अमानीगंज इलाके में वारदात को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली।

चिनहट और मलिहाबाद कोतवाल पर गिरी गाज
राजधानी लखनऊ में सबसे पहले चिनहट इलाके में 18 जनवरी को एक ठेकेदार के घर में डकैती डाली थी, जबकि एक किसान के घर में भी डकैती डालने की कोशिश की थी। इसके बाद बदमाशों ने 20 जनवरी काकोरी के बनियाखेड़ा और कटौली गांव में डकैती डाली थी। काकोरी के बाद बदमाशों ने 22 जनवरी को मलिहाबाद के मुंशीगंज और सरावां गांव में डकैती डाली थी। अब तक एक भी घटना को खुलासा नहीं हो सका है। 21 जनवरी को एसएसपी ने काकोरी थानाध्यक्ष यशवंत सिंह को निलम्बित कर दिया था। वहीं शनिवार को एसएसपी ने इंस्पेक्टर चिनहट रवीन्द्र नाथ राय और मलिहाबाद प्रभारी अरूण सिंह को भी लाइन हाजिर कर दिया। हुसैनगंज कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह को चिनहट को प्रभारी बनाया गया है,जबकि क्राइम ब्रांच में तैनात रीतेन्द्र प्रताप सिंह को मलिहाबाद कोतवाली का चार्ज दिया गया है।

अब तक पुलिस के हाथ खाली
चिनहट में 18जनवरी, काकोरी में 20 जनवरी और मलिहबाद में 22 जनवरी को डकैती की घटना को अब तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीमें लगातार डकैतों का सुराग लगने में जुटी हैं ,पर कहीं से कोई सुराग नहीं मिलता दिखा रहा है। वहीं एक के बाद एक घटना से ग्रामीण परेशान हैं तो पुलिस भी रात भर गश्त कर रही है। जेल से रिहा होकर आये डकैतों से लेकर आसपास जनपदों के डकैतों की लोकेशन पता की जा रही है। कुछ संदिग्ध भी पुलिस की हिरासत में है। रात 11 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक पुलिस सरकारी से लेकर प्राइवेट वाहनों से गांव-गांव गश्त कर रही है। पुलिस के अधिकारियोंं का कहना है कि पुलिस की टीम हर संभव कोशिश कर रही है, पर अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है।

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