महाघोटलाः वित्त मंत्रालय ने बैंकों के लिए तय की 15 दिन की डेडलाइन, तय होगी जवाबदेही

पीएनबी समेत अन्य पब्लिक सेक्टर बैंकों में हुए महाघोटाले के बाद सरकार ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों के लिए 15 दिन की डेडलाइन तय की है, जिसके दौरान उनको सभी तरह के अपने ऑपरेशनल और टेक्नीकल सिस्टम की सफाई करनी होगी। ऐसा इसलिए ताकि आगे किसी भी तरह का घोटाला न हो। इसके साथ ही बैंकों को पहले से चल रहे सभी प्राइवेट कंपनियों के लोन, व एनपीए के बारे में जानकारी देनी होगी।  महाघोटलाः वित्त मंत्रालय ने बैंकों के लिए तय की 15 दिन की डेडलाइन, तय होगी जवाबदेही

सीनियर अधिकारियों पर गिरेगी गाज
वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव राजीव कुमार ने कहा कि 15 दिन की मियाद के बाद भी अगर बैंकों ने सिस्टम को अपग्रेड और पुराने रिस्क को दुरस्त करने में किसी तरह की कार्यवाही नहीं की तो फिर सीनियर अधिकारियों पर सारी जवाबदेही तय की जाएगी।  

17 बैंकों पर पड़ा असर
महाघोटाले से देश की सभी बैंकों को कुल मिला कर 176 अरब रुपये से ज्यादा की चपत लगने की आशंका है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि उसने महाघोटाले के खुलासे के बाद से अब तक नीरव मोदी, मेहुल चोकसी के 105 से अधिक बैंक खाते और 29 प्रॉपर्टी को सील कर दिया है। 

इन बैंकों ने दिया लोन
जिन बैंकों ने नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड को लोन दिया उसमें पीएनबी के अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (194 करोड़), देना बैंक (153.25 करोड़), विजया बैंक (150.15 करोड़), बैंक ऑफ इंडिया (127 करोड़), सिंडिकेट बैंक (125 करोड़), ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (120 करोड़), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (110 करोड़) व इलाहाबाद बैंक, आईडीबीआई बैंक 100 करोड़ प्रत्येक शामिल है। 

जून 2015 तक दिया 1980 करोड़ का लोन
इन बैंकों ने एक कंशोर्शियम और व्यक्तिगत तौर पर नीरव की कंपनी फायरस्टार इंटरनेशनल को जून 2015 तक करीब 1980 करोड़ रुपये का लोन दिया था। इसके अलावा बैंकों ने 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लोन दिया था। इसमें से केवल 90 करोड़ रुपये कंपनी ने बैंक को चुका दिया है।

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