मां-बेटी में सिर्फ डेढ़ साल का फर्क, करिश्मा देख नहीं होगा आंखों पर यकीन

क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि मां और बेटी में सिर्फ डेढ़ साल का फर्क हो सकता है? शायद आपको समझ नहीं आ रहा कि हम क्या कहना चाह रहे हैं। चलिए समझातें है ये पूरा माजरा… मां-बेटी में सिर्फ डेढ़ साल का फर्क, करिश्मा देख नहीं होगा आंखों पर यकीन

यह मामला जुड़ा है पूर्व मिस वर्ल्ड रह चुकी डायना हेडन से। दरअसल, उन्होंने बीते साल IVF तकनीक के जरिए एक बच्चे को जन्म दिया था। डायना हेडन ने आठ साल पहले अपने अंडाणु सुरक्षित किए थे। गौरतलब हो भारत में सबसे पहले ऐसा मामला सामने आया था। लेकिन अब अमेरिका में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की ही रहने वाली 26 वर्षीय टीना गिब्सन ने 24 साल पहले फ्रीज रखे गए भ्रूण से एक बच्ची को जन्म दिया। दरअसल, उनके पति 33 वर्षीय बेंजामिन गिब्सन को सिस्टिक फाइब्रोसिस नामक बीमारी थी, जिसके चलते उन्होंने भ्रूण को जन्म देने का फैसला लिया। ध्यान देनें वाली बात ये हैं कि जिस समय इस भ्रूण को फ्रीज किया गया था उस वक्त टीना की महज डेढ़ साल थी।

लोग कह रहे हैं कि ये साइंस है…
लोग कह रहे है कि ये साइंस का कमाल है। जी हां… कहीं हद तक ये बात सही है क्योंकि ये  IVF तकनीक से संभव हुआ है। लेकिन इसे आप भगवान का करिश्मा भी कहेंगे, जब ये जानेंगे कि इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। दरअसल, ये एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। ऐमा 24 साल तक भ्रूण रही जिसके बाद उसने इस दुनिया में जन्म लिया। 

इस बाबत ऐमा की मां बनी टीना गिब्सन कहती है कि जब इसे फ्रीज किया गया तब वे सिर्फ 18 महीने की थी। इससे पहले 2011 में एक महिला ने 20 साल पुराने भ्रूण को जन्म दिया था।  

कैसे हुआ ये संभव
पिछले साल टीना ने नेशनल एम्ब्रियो डोनेशन सेंटर में संपर्क किया। यहां भ्रूण को बर्फ में जमाकर सेफली स्टोर रखा जाता है। यह लंबे समय तक भ्रूण को सुरक्षित रखा जा सकता है। इन भ्रूण को स्नो बेबी भी कहा जाता है यह तकनीक उन लोगों के लिए वरदान बन गई है जो लोग बच्चा पैदा नहीं कर सकते हैं। यह भ्रूण 14 अक्तूबर 1992 को फ्रीज किया गया था। टीना ने बच्चे का नाम एमा रेन गिब्सन रखा  है। 

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