माता-पिता चार साल तक जिसे बेटी समझ रहे थे वह बेटा साबित हुआ

चार वर्षीय अयमान मोहम्मद खान उर्फ अमन की मेडिकल रिपोर्ट से अंतत: पुष्टि हो गई वह लड़का है। इससे पहले उसे लड़की माना जा रहा था। उसके गुणसूत्र प्रारूप से पता चला है कि उसका गुणसूत्र पुरुष के जैसे एक्सवाई है। आगे की जांच के लिए परिवार ने बच्चे को सेंट जार्ज अस्पताल लाया है और उसे गुरुवार को भर्ती करने की उम्मीद है। सभी कुछ योजना के अनुसार रहा तो यह बच्चा जननांग पुनर्निर्माण कराने वाला महाराष्ट्र में सबसे कम उम्र का मरीज होगा

बच्चे के पिता ट्रक ड्राइवर मोहम्मद खान ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा, ‘हम कई जांच करा चुके हैं और आगे की जांच के लिए बच्चे को अस्पताल लाए हैं। उसे भर्ती किया जाएगा और आपरेशन की तारीख दी जाएगी।’ वर्तमान में बच्चे को हार्मोन दबाने वाली दवाएं दी जा रही हैं। ये दवाएं उसके चिकित्सक डॉक्टर रजत कपूर के निर्देश के अनुसार पिछले एक महीने से दी जा रही हैं। डॉक्टर कपूर प्लास्टिक सर्जन हैं और उन्होंने ही बीड़ के कांस्टेबल ललित साल्वे का आपरेशन किया था।

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने कहा कि अमन को गुरुवार को भर्ती किया जा सकता है। उसके गुणसूत्र प्रारूप की जांच की गई और निष्कर्ष निकला कि वह लड़का है। ललित की तरह ही उसका गुणसूत्र एक्सवाई पाया गया। सभी जरूरी जांच के बाद ऑपरेशन किया जाएगा।

मिड डे ने सबसे पहले एक अगस्त को अमन की हालत के बारे में खबर दी थी। मालेगांव निवासी खान को अगस्त 2013 में दूसरी बेटी हुई थी। लेकिन तीन साल बाद ही परिवार को पता चला कि यह लड़की नहीं है। वास्तव में यह लड़का है जो अविकसित जननांग के साथ पैदा हुआ है। उसके माता-पिता यह नहीं समझ पा रहे थे कि इस बच्चे को क्या कहा जाए।

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