मारुति प्लांट में घुसा तेंदुआ, रेस्क्यू टीम ने 35 घंटे बाद पकड़ा

अरावली के जंगलों से सटे मानेसर स्थित मारुति प्लांट में बृहस्पतिवार सुबह एक तेंदुआ घुसा ज‌िसे करीब 35 घंटों की मशक्कत के बाद पकड़ा जा सका।मारुति प्लांट में घुसा तेंदुआ, रेस्क्यू टीम ने 35 घंटे बाद पकड़ा
25 से भी ज्यादा रेस्क्यू टीमें बृहस्पतिवार की सुबह से ही तेंदुए को पकड़ने की कोशिश में थी लेकिन उसे शुक्रवार को दिन में करीब 2 बजे ही पकड़ा जा सका। कल से ही रेस्क्यू टीमें पटाखा फोड़ने से लेकर बकरी और मांस रखने तक का लालच तेंदुए को दे चुकी थीं। इसके बावजूद तेंदुआ बाहर नहीं आ रहा था।

आज रेस्क्यू टीमों ने तेंदुए को बेहोशी का इंजेक्शन देकर पकड़ा है। भारी भरकम मशीनों के नीचे तेंदुए के छिपने के कारण वन्य जीव विभाग को पकड़ने में दिक्कत आ रही थी।मारुति प्लांट में घुसा तेंदुआ, रेस्क्यू टीम ने 35 घंटे बाद पकड़ा

ये है पूरा मामला

वन्य जीव विभाग के मुताबिक मारुति सुजुकी प्लांट के अंदर बृहस्पतिवार सुबह ही अरावली पहाड़ियों से कासन गांव की ओर से तेंदुआ घुस गया। सुबह चार बजे सुरक्षाकर्मियों ने उसे इंजन विभाग में देखा। इसके बाद मारुति कंपनी प्लांट में हड़कंप मच गया।

मारुति कंपनी में सुबह 6.30 बजे से दोपहर 3.15 तक चलने वाली शिफ्ट बंद रही। इससे ट्रांसपोर्ट समेत अन्य सभी काम प्रभावित रहे। सीसीटीवी कैमरे में मारुति के इंजन विभाग में तेंदुए के घूमने की पुष्टि होने के बाद वन्य जीव विभाग की टीम पूरी तैयारी के साथ पहुंची।

वन्य मंडलीय अधिकारी श्याम सुंदर ने कहा कि लगातार निगरानी के बाद तेंदुए को दोपहर बाद इंजन डिपार्टमेंट से निकालने का प्रयास शुरू किया गया। टीम ने पटाखे फोड़कर तेंदुए को निकालने की कोशिश की।

कई घंटे के प्रयास के बाद टीम तेंदुए को किसी तरह निकालकर बगल वाले परिसर में ले जाने में कामयाब रही, लेकिन पकड़ने में सफलता नहीं मिली। बगल के परिसर में तेंदुए के जाने के बाद दोपहर बाद प्लांट में काम शुरू हुआ। इसके बाद टीम ने दो पिंजरे में बकरे को चारा बनाकर तेंदुए को पकड़ने की रणनीति तैयार की। लेकिन सफलता नहीं मिली।

टाइम लाइन:

-सुबह 03.35 बजे: आईएमटी मानेसर प्लांट में चहल कदमी करते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ तेंदुआ। 
-सुबह 05.30 बजे: दूसरे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए को देखा गया। इसमें साफ दिखा। इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
-06.15 बजे: पुलिस व वन्य जीव विभाग की टीम पहुंची और सीसीटीवी देखने के बाद पुष्टि की।
-06.30 बजे: सुबह के शिफ्ट में काम करने आए कर्मचारियों को रोक दिया।
-07.00 बजे: तेंदुआ प्लांट के अंदर इंजन प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में पहुंच गया।
-08.00 बजे: वन्य मंडलीय जीव अधिकारी के नेतृत्व में टीम प्लांट में पहुंची। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरे रखा।
-08.30 बजे: कैमरे को देखकर तेंदुओं को लेकर निशानदेही की गई और एरिया घेराव किया।
-10.00 बजे: पुलिस की टीम ने बाहर लोगों की लगी भीड़ को हटाया।
-10.30 बजे: वन्य जीव विभाग की रेस्क्यू की तीन टीमें मौके पर पहुंची।
-11.00 बजे: वन विभाग की टीम भी जायजा लेने के लिए पहुंची।
12.00 बजे: दोपहर विभाग की ओर से कोशिश जारी रही, लेकिन मशीनों में छिपने के कारण परेशानी हुई।
-01.00 बजे: पटाखा छोड़कर तेंदुओं को निकालने की कोशिश, लेकिन नाकामयाब रहे।
-03.00 बजे: कोशिश नाकामयाब होने के बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए दो बकरों को चारा बनाकर पकड़ने की तैयारी।
-04.00 बजे: तेंदुआ इंजन डिपार्टमेंट से निकलकर बगल के परिसर में चला गया। देर शाम तक रेस्क्यू जारी।
-05.00 बजे: दूसरी शिफ्ट में इंजन प्लांट बंद रहा, बाकी जगह काम चालू किया।
 
 

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