मार्क्सवाद ने सिर्फ विश्व को नहीं, बल्कि चीन को भी बदल दियाः जिनपिंग

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को कहा कि 97 साल से समाजवाद के कार्ल मार्क्स के सिद्धांत के प्रति कम्युनिस्ट पार्टी की निष्ठा ‘‘पूरी तरह’’ सही है और इसने चीन को ‘‘एशिया के बीमार व्यक्ति’’ से विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में तब्दील कर दिया है.चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को कहा कि 97 साल से समाजवाद के कार्ल मार्क्स के सिद्धांत के प्रति कम्युनिस्ट पार्टी की निष्ठा ‘‘पूरी तरह’’ सही है और इसने चीन को ‘‘एशिया के बीमार व्यक्ति’’ से विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में तब्दील कर दिया है.  चीन में मार्क्सवाद का गहरा प्रभाव है जहां छात्र माध्यमिक स्कूल में मार्क्स और लेनिन के सिद्धांतों के बारे में जानना शुरू कर देते हैं. अमेरिका के बाद चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.   जानिए साम्यवाद के पुरोधा कार्ल मार्क्स की 7 खास बातें  शी ने यहां मार्क्स की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कहा, ‘‘विश्व में समाजवाद के विकास में झटके लगे हो सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर मानव समाज के विकास की प्रवृत्ति में बदलाव नहीं हुआ है और न ही कभी यह बदलेगी.’’  उन्होंने कहा, ‘‘मार्क्सवाद ने पूरी तरह से न सिर्फ विश्व को, बल्कि चीन को भी बदल दिया है.’’  शी ने कहा कि यह जबर्दस्त बदलाव इस बात का पुख्ता सबूत है कि हम केवल समाजवाद के जरिए ही चीन को बचा सकते हैं.

चीन में मार्क्सवाद का गहरा प्रभाव है जहां छात्र माध्यमिक स्कूल में मार्क्स और लेनिन के सिद्धांतों के बारे में जानना शुरू कर देते हैं. अमेरिका के बाद चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. 

जानिए साम्यवाद के पुरोधा कार्ल मार्क्स की 7 खास बातें

शी ने यहां मार्क्स की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कहा, ‘‘विश्व में समाजवाद के विकास में झटके लगे हो सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर मानव समाज के विकास की प्रवृत्ति में बदलाव नहीं हुआ है और न ही कभी यह बदलेगी.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘मार्क्सवाद ने पूरी तरह से न सिर्फ विश्व को, बल्कि चीन को भी बदल दिया है.’’

शी ने कहा कि यह जबर्दस्त बदलाव इस बात का पुख्ता सबूत है कि हम केवल समाजवाद के जरिए ही चीन को बचा सकते हैं.

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