मालदीव में बड़े पैमाने पर जमीन हथियाने की कोशिश में चीन, पेंटागन ने जताई चिंता

मालदीव में बड़े पैमाने पर जमीन हथियाने के चीन पर लग रहे आरोपों के बीच पेंटागन ने शनिवार (7 अप्रैल) को कहा कि यह अमेरिका के लिए चिंता का कारण है. पेंटागन ने कहा कि अमेरिका स्वतंत्र और मुक्त हिन्द – प्रशांत नियम आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है और इससे अलावा कुछ होता है तो यह अमेरिका के लिए चिंता का विषय है. दक्षिण और दक्षिण – पूर्व एशिया मामलों के उप सहायक रक्षामंत्री जोए फेल्टर ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘अमेरिका नियम आधारित स्वतंत्र और खुली हिंद-प्रशांत व्यवस्था के लिये प्रतिबद्ध हैऔर इससे अलग कुछ भी होता है तो यह हमारे लिए चिंता का विषय है.’’मालदीव में बड़े पैमाने पर जमीन हथियाने की कोशिश में चीन, पेंटागन ने जताई चिंता

पेंटागन के शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘‘यह भारत के करीब हो रहा है और हम जानते हैं कि यह भारत के लिए भी चिंता का विषय है. हां जाहिर तौर पर यह (मालदीव की स्थिति) चिंता का विषय बन गया है. यह हमारी राष्ट्रीय रक्षा रणनीति में शामिल कुछ प्राथमिकताओं को भी प्रभावित करता है.’’ वह मालदीव में जमीन हथियाने की चीन की गतिविधियों, जिसे सैन्य चौकियों के रूप में विकसित करने की संभावना है, पर मालदीव के नेता विपक्ष एवं पूर्व विदेश मंत्री के आरोपों से संबंधित सवाल का जवाब दे रहे थे.

फेल्टर ने कहा कि ये घटनाक्रम उन सभी के लिए ‘‘चिंता का कारण’’ हैं जो नियम आधारित व्यवस्था का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप समूचे क्षेत्र में ऐसी गतिविधिां देखते हैं तो इससे आपको कुछ चिंता होती है. जिबूती से लेकर ग्वादर और श्रीलंका में हंबनटोटा बंदरगाह तक, और अब संभवत: मालदीव तक तथा आगे पूर्व तक विस्तार, यह चिंता का विषय है.’’ फेल्टर ने उल्लेख किया कि भारत सहित क्षेत्र के अन्य देशों ने भी चिंता व्यक्त की है.

हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अहमद नसीम ने आरोप लगाया था कि चीन मालदीव के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है और वह बड़े पैमाने पर जमीन हथियाने में शामिल है जिससे अमेरिका और भारत दोनों को बड़ा रणनीतिक खतरा है. उन्होंने आरोप लगाया था कि मालदीव में चीन एक आधार प्रतिष्ठान बनाना चाहता है जहां एक दिन जंगी जहाज और पनडुब्बियां रखी जा सकती हैं.

You May Also Like

English News