माल्या की तरह UK में है भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी, CBI ने प्रत्यर्पण के लिए लगाई अर्जी

भारत में करोड़ों रुपये के फ्रॉड का आरोपी भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी यूके में है। यूके के अधिकारियों ने सीबीआइ को इस बारे में जानकारी दी है। इस केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में प्रत्यर्पण की अर्जी भी दाखिल कर दी है। भारत में करोड़ों रुपये के फ्रॉड का आरोपी भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी यूके में है। यूके के अधिकारियों ने सीबीआइ को इस बारे में जानकारी दी है। इस केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में प्रत्यर्पण की अर्जी भी दाखिल कर दी है।    नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी 13,500 करोड़ के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में आरोपी हैं। इस महीने की शुरुआत में ही भारत सरकार ने संसद में बाताया था कि यूके में भारतीय मिशन को नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अर्जी भेजी जा चुकी है।  विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने संसद में बताया था कि एक स्पेशल डिप्लोमेटिक बैग ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के पास अर्जी दी है। साल 2002 से अब तक नीरव मोदी 29वां भगोड़ा है, जिसके भारत ने यूके से प्रत्यर्पण के लिए अर्जी लगायी है।  बता दें कि पिछले 16 साल में यूके की सरकार ने 9 बार भारत की अर्जी को ठुकरा दिया है। एक अन्य भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण का मामला अब भी ब्रिटेन की अदालत में चल रहा है।   मोदी सरकार की सावधानी से सामने आया यूपीए सरकार का घोटाला: भाजपा यह भी पढ़ें विदेश मंत्रालय की तरफ से भी जल्द ही नीरव मोदी को वापस भारत लाने के संबंध में एक अर्जी भेजी जाएगी। सीबीआइ ने यूके में अधिकारियों से कहा है कि नीरव मोदी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है, इसलिए उसे हिरासत में लिया जाए।    नीरव मोदी के खिलाफ इसी साल जून में सीबीआइ की मांग पर इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था। इंटरपोल ने अपने 192 सदस्य देशों से रेड कॉर्नर नोटिस में कहा था कि जहां कहीं भी यह व्यक्ति दिखे, वहीं नीरव मोदी को गिरफ्तार या हिरासत में लिया जाए। इसके बाद नीरव की प्रत्यर्पण या निर्वासन की कार्रवाई शुरू की जाएगी।  देश के सबसे बड़े बैंक घोटाले का पर्दाफाश होने से कुछ हफ्ते पहले ही नीरव मोदी, उसकी पत्नी अमी मोदी (अमेरिकी नागरिक), भाई निशाल मोदी (बेल्जियम का नागरिक) और मामा मेहुल चोकसी देश से भाग गए थे। इन सभी के नाम सीबीआइ की एफआइआर में दर्ज हैं।   पीएनबी घोटाले पर सरकार सख्त, महीने भर में दायर होगी चार्जशीट यह भी पढ़ें बता दें कि मेहुल चोकसी को एंटीगुआ में देखा गया है और उसने इस देश की नागरिकता हासिल कर ली है। नीरव और मेहुल दोनों ने ही पूछताछ में शामिल होने के लिए भारत आने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इसके पीछे व्यापारिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण बताए हैं।  सीबीआइ के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने बताया कि घोटाला उजागर होने के बाद इसी साल 24 फरवरी को नीरव मोदी का पासपोर्ट रद कर दिया गया है। इस बारे में इंटरपोल के सदस्य देशों को जानकारी भी दी गई है। इसके बावजूद वह इस दौरान कई देशों के चक्कर काटता रहा।

नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी 13,500 करोड़ के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में आरोपी हैं। इस महीने की शुरुआत में ही भारत सरकार ने संसद में बाताया था कि यूके में भारतीय मिशन को नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अर्जी भेजी जा चुकी है।

विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने संसद में बताया था कि एक स्पेशल डिप्लोमेटिक बैग ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के पास अर्जी दी है। साल 2002 से अब तक नीरव मोदी 29वां भगोड़ा है, जिसके भारत ने यूके से प्रत्यर्पण के लिए अर्जी लगायी है।

बता दें कि पिछले 16 साल में यूके की सरकार ने 9 बार भारत की अर्जी को ठुकरा दिया है। एक अन्य भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण का मामला अब भी ब्रिटेन की अदालत में चल रहा है।

विदेश मंत्रालय की तरफ से भी जल्द ही नीरव मोदी को वापस भारत लाने के संबंध में एक अर्जी भेजी जाएगी। सीबीआइ ने यूके में अधिकारियों से कहा है कि नीरव मोदी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है, इसलिए उसे हिरासत में लिया जाए।   

नीरव मोदी के खिलाफ इसी साल जून में सीबीआइ की मांग पर इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था। इंटरपोल ने अपने 192 सदस्य देशों से रेड कॉर्नर नोटिस में कहा था कि जहां कहीं भी यह व्यक्ति दिखे, वहीं नीरव मोदी को गिरफ्तार या हिरासत में लिया जाए। इसके बाद नीरव की प्रत्यर्पण या निर्वासन की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

देश के सबसे बड़े बैंक घोटाले का पर्दाफाश होने से कुछ हफ्ते पहले ही नीरव मोदी, उसकी पत्नी अमी मोदी (अमेरिकी नागरिक), भाई निशाल मोदी (बेल्जियम का नागरिक) और मामा मेहुल चोकसी देश से भाग गए थे। इन सभी के नाम सीबीआइ की एफआइआर में दर्ज हैं।

बता दें कि मेहुल चोकसी को एंटीगुआ में देखा गया है और उसने इस देश की नागरिकता हासिल कर ली है। नीरव और मेहुल दोनों ने ही पूछताछ में शामिल होने के लिए भारत आने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इसके पीछे व्यापारिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण बताए हैं।

सीबीआइ के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने बताया कि घोटाला उजागर होने के बाद इसी साल 24 फरवरी को नीरव मोदी का पासपोर्ट रद कर दिया गया है। इस बारे में इंटरपोल के सदस्य देशों को जानकारी भी दी गई है। इसके बावजूद वह इस दौरान कई देशों के चक्कर काटता रहा।

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