माल्या के खिलाफ छोटी कामयाबी से खुश न हो बैंक

किंगफिशर के मालिक और शराब व्यापारी भगौड़े विजय माल्या के खिलाफ ब्रिटेन के हाई कोर्ट में भारतीयों बैंकों ने भले ही केस जीत लिया हो, लेकिन बैंकों के लिए आगे बड़ी बाधाएं मौजूद हैं. उल्लेखनीय है कि कोर्ट के जज ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि माल्या के खिलाफ भारतीय कोर्ट के फैसले कानूनी रूप से इंग्लैंड और वेल्स में मौजूद उनकी संपत्तियों पर लागू हो सकते हैं. फैसले में कहा गया है कि विजय माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक लोन है. हाई कोर्ट के प्रवर्तन अधिकारी अब इंग्लैंड और वेल्स स्थित उनकी संपत्तियों से कर्ज की उगाही कर सकते हैं.किंगफिशर के मालिक और शराब व्यापारी भगौड़े विजय माल्या के खिलाफ ब्रिटेन के हाई कोर्ट में भारतीयों बैंकों ने भले ही केस जीत लिया हो, लेकिन बैंकों के लिए आगे बड़ी बाधाएं मौजूद हैं. उल्लेखनीय है कि कोर्ट के जज ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि माल्या के खिलाफ भारतीय कोर्ट के फैसले कानूनी रूप से इंग्लैंड और वेल्स में मौजूद उनकी संपत्तियों पर लागू हो सकते हैं. फैसले में कहा गया है कि विजय माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक लोन है. हाई कोर्ट के प्रवर्तन अधिकारी अब इंग्लैंड और वेल्स स्थित उनकी संपत्तियों से कर्ज की उगाही कर सकते हैं.  सूत्रों से मिली जानकारी में कहा गया है कि ब्रिटेन में मौजूद माल्या की कई संपत्तियों के अस्पष्ट और पेचीदा स्वरूप वाले स्वामित्व के कारण बैंकों के लिए यह पता लगाना कि वे संपत्तियां उनकी हैं या नहीं, बेहद निराश कर देने वाला प्रयास है. लंदन हाई कोर्ट में बैंकों का प्रतिनिधित्व कर रहे निगेल तोजी क्यू सी द्वारा कोर्ट में सौंपे गए निवेदन में कहा गया है, 'लोग मानते हैं कि माल्या पेचीदे स्वामित्व के नेटवर्क के जरिए ब्रिटेन में संपत्तियों के मालिक बने हुए हैं. उन्होंने दबाव डालने पर भी अपनी संपत्तियों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी है.'  हाई कोर्ट ने कहा है कि भारतीय शराब कारोबारी विजय माल्या को ‘कानून से भगोड़ा’ करार दिया जा सकता है. संकट में फंसा यह उद्योगपति भारत में धोखाधड़ी व मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों का सामना कर रहा है. हाई कोर्ट के जज एंड्रयू हेनशॉ ने इस बात का संज्ञान लिया कि माल्या ‘वित्तीय गड़बड़ियों’ के लिए भारत को प्रत्यर्पित किए जाने का विरोध कर रहा है.किंगफिशर के मालिक और शराब व्यापारी भगौड़े विजय माल्या के खिलाफ ब्रिटेन के हाई कोर्ट में भारतीयों बैंकों ने भले ही केस जीत लिया हो, लेकिन बैंकों के लिए आगे बड़ी बाधाएं मौजूद हैं. उल्लेखनीय है कि कोर्ट के जज ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि माल्या के खिलाफ भारतीय कोर्ट के फैसले कानूनी रूप से इंग्लैंड और वेल्स में मौजूद उनकी संपत्तियों पर लागू हो सकते हैं. फैसले में कहा गया है कि विजय माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक लोन है. हाई कोर्ट के प्रवर्तन अधिकारी अब इंग्लैंड और वेल्स स्थित उनकी संपत्तियों से कर्ज की उगाही कर सकते हैं.  सूत्रों से मिली जानकारी में कहा गया है कि ब्रिटेन में मौजूद माल्या की कई संपत्तियों के अस्पष्ट और पेचीदा स्वरूप वाले स्वामित्व के कारण बैंकों के लिए यह पता लगाना कि वे संपत्तियां उनकी हैं या नहीं, बेहद निराश कर देने वाला प्रयास है. लंदन हाई कोर्ट में बैंकों का प्रतिनिधित्व कर रहे निगेल तोजी क्यू सी द्वारा कोर्ट में सौंपे गए निवेदन में कहा गया है, 'लोग मानते हैं कि माल्या पेचीदे स्वामित्व के नेटवर्क के जरिए ब्रिटेन में संपत्तियों के मालिक बने हुए हैं. उन्होंने दबाव डालने पर भी अपनी संपत्तियों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी है.'  हाई कोर्ट ने कहा है कि भारतीय शराब कारोबारी विजय माल्या को ‘कानून से भगोड़ा’ करार दिया जा सकता है. संकट में फंसा यह उद्योगपति भारत में धोखाधड़ी व मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों का सामना कर रहा है. हाई कोर्ट के जज एंड्रयू हेनशॉ ने इस बात का संज्ञान लिया कि माल्या ‘वित्तीय गड़बड़ियों’ के लिए भारत को प्रत्यर्पित किए जाने का विरोध कर रहा है.

सूत्रों से मिली जानकारी में कहा गया है कि ब्रिटेन में मौजूद माल्या की कई संपत्तियों के अस्पष्ट और पेचीदा स्वरूप वाले स्वामित्व के कारण बैंकों के लिए यह पता लगाना कि वे संपत्तियां उनकी हैं या नहीं, बेहद निराश कर देने वाला प्रयास है. लंदन हाई कोर्ट में बैंकों का प्रतिनिधित्व कर रहे निगेल तोजी क्यू सी द्वारा कोर्ट में सौंपे गए निवेदन में कहा गया है, ‘लोग मानते हैं कि माल्या पेचीदे स्वामित्व के नेटवर्क के जरिए ब्रिटेन में संपत्तियों के मालिक बने हुए हैं. उन्होंने दबाव डालने पर भी अपनी संपत्तियों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी है.’ 
हाई कोर्ट ने कहा है कि भारतीय शराब कारोबारी विजय माल्या को ‘कानून से भगोड़ा’ करार दिया जा सकता है. संकट में फंसा यह उद्योगपति भारत में धोखाधड़ी व मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों का सामना कर रहा है. हाई कोर्ट के जज एंड्रयू हेनशॉ ने इस बात का संज्ञान लिया कि माल्या ‘वित्तीय गड़बड़ियों’ के लिए भारत को प्रत्यर्पित किए जाने का विरोध कर रहा है.

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