मिसाइल परीक्षण पर नॉर्थ कोरिया को चौतरफा घेरने की तैयारी, ट्रंप ने आबे और मून से की बात

उत्तर कोरिया की ओर से बुधवार को मिसाइल परीक्षण किये जाने के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर दक्षिण कोरियाई समकक्ष मून जे-इन और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से उकसावे भरे इस कदम पर चर्चा की. उत्तर कोरिया ने लगभग ढाई महीने की खामोशी के बाद  अपने सबसे ताकतवर हथियार  अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल को जापान सागर में फायर किया है.मिसाइल परीक्षण पर नॉर्थ कोरिया को चौतरफा घेरने की तैयारी, ट्रंप ने आबे और मून से की बातGift: देखिए पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी क्या गिफ्ट दिया!

ट्रंप के सामने चुनौती

उत्तर कोरिया का यह परीक्षण उसके खिलाफ ताजा प्रतिबंध लगाने और उसे आतंकवादियों को पालने वाला देश घोषित करने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है. इस बैलिस्टिक मिसाइल के दायरे में वाशिंगटन समेत अमेरिका के पूर्वी समुद्रीय तट इलाके भी आते हैं. मिसाइल उत्तर कोरिया के सैन नि से प्रक्षेपित की गई और जापान के विशेष आर्थिक जोन क्षेत्र में जापान सागर में गिरने से पहले उसने करीब 1000 किलोमीटर की दूरी तय की.

उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के बाद हालात को संभाल लेने की बात पर जोर देते हुए ट्रंप ने आबे और मून से फोन पर अलग-अलग बातचीत की. साथ ही उत्तर कोरिया के इस कारनामे पर संयुक्त कदम उठाने को लेकर भी चर्चा की है.

मिसाइल परीक्षण के बाद व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट रूम में संवाददाताओं के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा, ‘हम इसे संभाल लेंगे, हम इस हालात से निपट लेंगे’. दोनों नेताओं के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान उन्होंने यह रेखांकित किया कि उत्तर कोरिया की उकसावे वाली ताजा कार्रवाई न सिर्फ अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है. 

दक्षिण कोरिया का जवाबी परीक्षण

अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने संवाददाताओं को बताया कि इस मिसाइल ने पिछली सभी मिसाइलों के मुकाबले ज्यादा ऊंचाई तक उड़ान भरी है. उन्होंने कहा, ‘उनके रिसर्च और विकास कार्यक्रमों के तहत, उसका प्रयास शायद ऐसी मिसाइल विकसित करने का है जो दुनिया के किसी भी कोने तक पहुंच सके. इसकी प्रतिक्रिया स्वरूप दक्षिण कोरिया ने पानी में पिनप्वाइंट मिसाइलें दागी हैं, ताकि उत्तर कोरिया यह समझ सके कि वह हमारे सहयोगी के हमले की जद में है’. अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा कि सभी विकल्प खुले हैं.

आपात बैठक की मांग

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की स्थाई प्रतिनिधि निकी हेली और जापान और दक्षिण कोरिया के उनके समकक्षों ने न्यूयॉर्क में एक आवाज में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् से आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया है. मीडिया के लिए जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सुरक्षा परिषद् का सत्र 29 नवंबर को शाम साढ़े चार बजे होना तय है.

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