मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की चुप्पी पर उठ रहे हैं सवाल

पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबी घूमने के मामले में सियासत थमने का नाम नहीं ले रही हैं. अब इस मामले पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर निशाना साधा हैं. धर्मेद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक छोटी-छोटी बातों पर बयान देते हैं  मगर श्रीजगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबी घूमने के  मामले में चुप्पी क्यों साध रखी हैं.पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबी घूमने के मामले में सियासत थमने का नाम नहीं ले रही हैं. अब इस मामले पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर निशाना साधा हैं. धर्मेद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक छोटी-छोटी बातों पर बयान देते हैं  मगर श्रीजगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबी घूमने के  मामले में चुप्पी क्यों साध रखी हैं.      केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान लिखा हैं कि मुख्य प्रशासक को हटाने के बाद डुप्लीकेट चाबी का मिलना, सवाल खड़ा कर रहा है. भाजपा के साथ कांग्रेस भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरने में लगी हुई हैं.   प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निरंजन पटनायक ने मुख्यमंत्री से  सवाल किए हैं. उन्हे कहना हैं कि  नियम में नकली चाबी की व्यवस्था नहीं थी फिर नकली चाबी तैयार कैसे हुई और किसने इसकी अनुमति दी. नकली चाबी के बारे में न कहकर क्यों सरकार चुप्पी साधे हुए थी. असली चाबी कहां है.    इस मामले में प्रदेश सरकार भी सतर्क नजर आ रही हैं. इस मामले में राज्य के  कानून मंत्री  का कहना हैं कि नकली चाबी को लेकर अलग-अलग प्रकार के द्वंद दिखाई दे रहा है. उन्होनें ने कहा कि श्रीजगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबी घूमने के मामले जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.

 केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान लिखा हैं कि मुख्य प्रशासक को हटाने के बाद डुप्लीकेट चाबी का मिलना, सवाल खड़ा कर रहा है. भाजपा के साथ कांग्रेस भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरने में लगी हुई हैं.   प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निरंजन पटनायक ने मुख्यमंत्री से  सवाल किए हैं. उन्हे कहना हैं कि  नियम में नकली चाबी की व्यवस्था नहीं थी फिर नकली चाबी तैयार कैसे हुई और किसने इसकी अनुमति दी. नकली चाबी के बारे में न कहकर क्यों सरकार चुप्पी साधे हुए थी. असली चाबी कहां है.

इस मामले में प्रदेश सरकार भी सतर्क नजर आ रही हैं. इस मामले में राज्य के  कानून मंत्री  का कहना हैं कि नकली चाबी को लेकर अलग-अलग प्रकार के द्वंद दिखाई दे रहा है. उन्होनें ने कहा कि श्रीजगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबी घूमने के मामले जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. 

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