मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के बाद अब केजरीवाल के मंत्री से मारपीट का मामला गरमाया

सीसीटीवी घोटाले को लेकर विपक्ष के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक और मुश्किल में घिरते दिखाई दे रहे हैं। मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की पिटाई मामले में दिल्‍ली पुलिस 18 मई (शुक्रवार) को अरविंद केजरीवाल से पूछताछ करेगी। वहीं, अब दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन के साथ दिल्ली सचिवालय की लिफ्ट में धक्कामुक्की व मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में किसी ने भी मारपीट करने वाले आरोपितों के बारे में नहीं बताया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज की जब जांच की गई तो परमार मंत्री के साथ मारपीट करते देखे गए, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।  सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुछ अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। ज्ञात हो कि 20 फरवरी को इमरान हुसैन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि दोपहर 12.30 बजे सचिवालय में प्लाजा के अंदर लिफ्ट में कुछ लोगों ने उनसे कहा कि उन्हें मुख्य सचिव ने कहा है कि उनके साथ धक्कामुक्की की गई है।  आम आदमी पार्टी के मंत्रियों व विधायकों से बदला लेना है। उन लोगों ने उन्हें लिफ्ट में बंदी बना लिया और धक्कामुक्की व मारपीट की। उनका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। उन लोगों ने उनके स्टाफ हिमांशु की भी पिटाई की। उन लोगों ने धमकी दी कि सचिवालय में उन्हें कोई काम नहीं करने दिया जाएगा। कार्यालय आने पर उनकी हत्या कर दी जाएगी।पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में किसी ने भी मारपीट करने वाले आरोपितों के बारे में नहीं बताया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज की जब जांच की गई तो परमार मंत्री के साथ मारपीट करते देखे गए, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।  सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुछ अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। ज्ञात हो कि 20 फरवरी को इमरान हुसैन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि दोपहर 12.30 बजे सचिवालय में प्लाजा के अंदर लिफ्ट में कुछ लोगों ने उनसे कहा कि उन्हें मुख्य सचिव ने कहा है कि उनके साथ धक्कामुक्की की गई है।  आम आदमी पार्टी के मंत्रियों व विधायकों से बदला लेना है। उन लोगों ने उन्हें लिफ्ट में बंदी बना लिया और धक्कामुक्की व मारपीट की। उनका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। उन लोगों ने उनके स्टाफ हिमांशु की भी पिटाई की। उन लोगों ने धमकी दी कि सचिवालय में उन्हें कोई काम नहीं करने दिया जाएगा। कार्यालय आने पर उनकी हत्या कर दी जाएगी।

इस मामले में पुलिस ने शहरी विकास विभाग के अवर सचिव रविंद्र सिंह परमार को गिरफ्तार किया। हालांकि, पुलिस को जब परमार ने बताया कि उन्होंने तीस हजारी कोर्ट में अंतरिम जमानत की अर्जी दायर की हुई है तो आइपी एस्टेट थाना पुलिस ने उन्हें थाने से जमानत पर छोड़ दिया।

बीते मार्च व अप्रैल में आइपी एस्टेट थाना पुलिस ने घटना के समय सचिवालय में ड्यूटी पर तैनात डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी, क्लर्क, रिसेप्शन स्टाफ, लिफ्ट ऑपरेटर व निजी सुरक्षाकर्मी समेत 15 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की थी।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में किसी ने भी मारपीट करने वाले आरोपितों के बारे में नहीं बताया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज की जब जांच की गई तो परमार मंत्री के साथ मारपीट करते देखे गए, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुछ अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। ज्ञात हो कि 20 फरवरी को इमरान हुसैन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि दोपहर 12.30 बजे सचिवालय में प्लाजा के अंदर लिफ्ट में कुछ लोगों ने उनसे कहा कि उन्हें मुख्य सचिव ने कहा है कि उनके साथ धक्कामुक्की की गई है।

आम आदमी पार्टी के मंत्रियों व विधायकों से बदला लेना है। उन लोगों ने उन्हें लिफ्ट में बंदी बना लिया और धक्कामुक्की व मारपीट की। उनका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। उन लोगों ने उनके स्टाफ हिमांशु की भी पिटाई की। उन लोगों ने धमकी दी कि सचिवालय में उन्हें कोई काम नहीं करने दिया जाएगा। कार्यालय आने पर उनकी हत्या कर दी जाएगी।

 

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