मुझे डोप टेस्ट से परेशानी नहीं है-अमरिन्दर सिंह

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बीते दिनों पुलिस कर्मचारियों और सरकारी मुलाजिमों का डोप टेस्ट करवाने का ऐलान किया था. अपने इस फैसले के बाद उनका काफी मजाक बनाया गया और निंदा भी की गई. जिसके जवाब में अब उन्होंने कहा कि वह अपना डोप टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं, लेकिन बाकी चुने हुए नुमाइंदों पर यह फ़ैसला उनकी अंतर-आत्मा पर छोड़ते देना चाहिए.पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बीते दिनों पुलिस कर्मचारियों और सरकारी मुलाजिमों का डोप टेस्ट करवाने का ऐलान किया था. अपने इस फैसले के बाद उनका काफी मजाक बनाया गया और निंदा भी की गई. जिसके जवाब में अब उन्होंने कहा कि वह अपना डोप टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं, लेकिन बाकी चुने हुए नुमाइंदों पर यह फ़ैसला उनकी अंतर-आत्मा पर छोड़ते देना चाहिए.  मुख्यमंत्री के विचारो से असहमत कांग्रेस और अन्य पार्टियों सहित विभिन्न वर्गों ने मांग की थी कि राजनीतिज्ञों को भी अपना डोप टेस्ट करवाना चाहिए. जिसका जवाब आज सीएम अमरिंदर सिंह ने दिया है. राजनैतिक और अन्य विरोधियों को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मुझे डोप टेस्ट करवाने के लिए कोई परेशानी नहीं है." नशे की समस्या की गंभीरता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी यह टेस्ट करवाने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कैबिनेट साथी सहित कई राजनीतिज्ञ पहले ही यह टेस्ट कराने के लिए स्वैच्छिक तौर पर आगे आए हैं.   मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा कार्यकाल के दौरान नशा करने या नशे के कारोबार से संबंध में किसी भी राजनीतिज्ञ की तरफ अभी तक उंगली नहीं उठी, फिर भी यदि कोई मंत्री या विधायक इस टेस्ट की ज़रूरत महसूस करता है तो उनका स्वागत है. कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि जहां तक उनका निजी तौर पर संबंध है, उनको ऐसा करने में कोई झिझक नहीं है. उन्होंने पंजाब में सदा के लिए नशे की बीमारी को जड़ से उखाडऩे के लिए अपनी वचनबद्धता को दोहराया है.

मुख्यमंत्री के विचारो से असहमत कांग्रेस और अन्य पार्टियों सहित विभिन्न वर्गों ने मांग की थी कि राजनीतिज्ञों को भी अपना डोप टेस्ट करवाना चाहिए. जिसका जवाब आज सीएम अमरिंदर सिंह ने दिया है. राजनैतिक और अन्य विरोधियों को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे डोप टेस्ट करवाने के लिए कोई परेशानी नहीं है.” नशे की समस्या की गंभीरता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी यह टेस्ट करवाने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कैबिनेट साथी सहित कई राजनीतिज्ञ पहले ही यह टेस्ट कराने के लिए स्वैच्छिक तौर पर आगे आए हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा कार्यकाल के दौरान नशा करने या नशे के कारोबार से संबंध में किसी भी राजनीतिज्ञ की तरफ अभी तक उंगली नहीं उठी, फिर भी यदि कोई मंत्री या विधायक इस टेस्ट की ज़रूरत महसूस करता है तो उनका स्वागत है. कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि जहां तक उनका निजी तौर पर संबंध है, उनको ऐसा करने में कोई झिझक नहीं है. उन्होंने पंजाब में सदा के लिए नशे की बीमारी को जड़ से उखाडऩे के लिए अपनी वचनबद्धता को दोहराया है.

You May Also Like

English News