मूसा के धोखे ने सबजार को मरवाया? आपसी रंजिश में टूट रहा हिज्बुल

हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कमांडर सबजार भट्ट की मौत के बाद हिज्बुल मुजाहिद्दीन के बीच आपसी रंजिश-सी नजर आ रही है. ज़ाकिर मूसा और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के नेतृत्व के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. सबजार भट्ट के साथ मुठभेड़ के दौरान भारतीय खुफिया एंजसियों ने इन बातों को नोटिस किया, जिससे यह साफ है कि मुजाहिद्दीन आपसी रंजिश की आग में जल रहा है. बुरहान वानी के उत्तराधिकारी कहे जाने वाले सबजार भट्ट के एनकाउंटर के बाद से ही हिज्बुल मुजाहिद्दीन में ऐसी बातें चल रही हैं कि क्या जाकिर मूसा ने सबजार भट्ट को धोखा दिया हैमूसा के धोखे ने सबजार को मरवाया? आपसी रंजिश में टूट रहा हिज्बुलयह भी पढ़े: योगीराज में अपराध कम होने की बजाए 27 फीसदी बढे:कुछ करो भी ‘सरकार’

हिज्बुल के आतंकियों को शक है कि जाकिर मूसा के किसी करीबी के पर्सनल मैसेंजर से ही सबजार की लोकेशन का जम्मू-कश्मीर पुलिस को पता लगा था, जिससे एनकाउंटर में पुलिस को मदद मिली. हालांकि अभी किसी भी एजेंसी की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है. आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ही त्राल में सबजार भट्ट का एनकाउंटर किया गया था.

हाल ही में जारी किया था ऑडियो
हाल ही में हिज्बुल की ओर से एक ऑडियो क्लिप भेजा गया था जिसमें कहा गया है कि कश्मीर में चल रहा ‘आंदोलन’ इस्लामिक है न कि राजनीतिक. इस ऑडियो क्लिप से सवाल उठने लगे हैं कि क्या हुर्रियत कश्मीर में अब अपनी प्रासंगिकता खो चुका है क्योंकि आतंकियों ने उनकी राजनीति को नकार दिया है. बुरहान बानी की जगह हिज्बुल के कमांडर बने जाकिर मूसा ने हुर्रियत नेताओं से साफ-साफ कहा है कि वो उनकी कुर्बानी पर राजनीति न करें.

मूसा को मरवाना चाहता है UJC
इस घटना के बाद से ही मूसा के खिलाफ आवाजें उठने लगी थी. हिज्बुल चीफ सैयद सलाउद्दीन और पाकिस्तानी आर्मी इससे वाक्ये से खफा थे. इनके नेतृत्व में ही यूनाइटेड जिहाद काउसिंल संगठन चलाया जाता है. खुफिया विभाग को मिली जानकारी के मुताबिक तो काउसिंल चाहता है कि मूसा को जल्द से जल्द खत्म किया जाए ताकि उसके लक्ष्य में कोई रुकावट ना आ पाये. साफ है कि पाकिस्तान में बैठी आईएसआई यह बिल्कुल नहीं चाहती है कि कश्मीर में बैठे हुए आतंकी सब कुछ मैनेज करें, तभी वे ऐसा चाहते हैं. मूसा इस बात से खुश नहीं था कि सबजार को हिज्बुल का कमांडर बनाया गया है, जिसके बाद उसने यह ऑडियो शेयर किया था.

सबजार की मौत के बाद अब टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट माने जाने वाले 29 वर्षीय रियाज नायकू को उसकी जिम्मेदारी दी गई है. हिज्बुल को उम्मीद है कि रियाज उसके लोगों को हिज्बुल के लक्ष्य से भटकने नहीं देगा. साथ ही क्योंकि रियाज टेक्नोलॉजी को काफी अच्छी तरह से समझता है जिससे युवा उनके संगठन के साथ जुड़ेंगे.

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