खुशखबरी: UP में 24 घंटे बिजली देगी मोदी सरकार, हर घर होगा रौशन

UP में प्रचंड जीत का तोहफा देने वाली जनता को भी पीएम मोदी की तरफ से तोहफा मिलने वाला है। अब यूपी में बिजली नहीं रुलाएगी। जीं हां अब यूपी में अंधेरा नहीं रहेगा। शानदार जीत से गदगद मोदी सरकार ने यूपी के सभी गांव-मजरों और शहरों में 24 घंटे बिजली मुहैया कराने का इरादा बनाया है।

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योजना को परवान चढ़ाने के लिए शक्तिभवन में केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के अफसरों की यूपी के पॉवर कार्पोरेशन अफसरों के साथ गुफ्तगू हुई। बिजली उत्पादन और मांग का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। तय किया गया है कि प्रदेश में बिजली उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा, लेकिन फौरी व्यवस्था के तहत मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश से अतिरिक्त बिजली खरीद शुरू होगी।

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फिलहाल तो दस शहरों को मिलती है भरपूर बिजली यूपी में बिजली का हाल बेहाल है। मौजूदा दौर में प्रदेश से सिर्फ दस शहरों को रसूख या सियासी रिश्तेदारी के कारण भरपूर बिजली मिलती है, जबकि शेष शहरों में बिजली उपलब्धता के आधार पर सप्लाई और कटौती होती है।

फिलहाल राजधानी लखनऊ के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र नोयडा, पर्यटन के लिहाज से आगरा को कटौतीमुक्त रखा गया है, जबकि सियासी रसूख के कारण रायबरेली, अमेठी, हरदोई, रामपुर, कन्नौज और इटावा में खूब बिजली मिलती रही है। 
बावजूद अंधेरे में रहेंगे दस हजार से ज्यादा गांव मोदी सरकार ने भले ही यूपी के प्रत्येक गांव में बिजली पहुंचाने के लिए अफसरों को निर्देश दिये हैं, लेकिन यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल है। कारण यहकि यूपी के कुल सत्तानवे हजार सात सौ (97700 ) गांवों में से दस हजार छह सौ चौदह (10614) गांव में बिजली लाइन भी नहीं पहुंची है। पॉवर कार्पोरेशन अफसरों के मुताबिक अगले लोकसभा चुनाव से पहले यानी मई 2019 तक सभी गांवों को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने के लिए केंद्रीय टीम ने कहा है। 
अभी तक यूपी को उजाले से परहेज था: पॉवर फॉर ऑल योजना के जरिए केंद्र सरकार ने देश के सभी राज्यों में वर्ष 2019 तक 24 घंटे बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य तय किया है। इस योजना में देश के 28 राज्य को शामिल हो गए, लेकिन यूपी की अखिलेश सरकार ने समझौते पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया है। भाजपा का कहना है कि यूपी में भरपूर बिजली का श्रेय भाजपा को मिल सकता है, इस खौफ के कारण अखिलेश यादव ने योजना में शामिल होने से इंकार किया था।

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