मैक्रों की जीत पर एशियाई बाजार के साथ झूमा सेंसेक्स और निफ्टी

फ्रांस के राष्ट्रपति चुनावों में मध्यममार्गी उम्मीदवार इमैनुएल मैक्रों की जीत से दुनियाभर के शेयर बाजारों को बड़ी राहत मिली है. जीत की खबर आने के बाद खुले एशियाई शेयर बाजारों में रौनक लौट आई. जहां एशिया का प्रमुख सबसे पहले खुलने वाला जापानी शेयर मार्केट निक्केई पर लगभग 1.8 फीसदी की उछाल के साथ दिन का कारोबार शुरू हुआ वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स 0.1 फीसदी, हैंगसेंग 0.4 फीसदी और ताइवान शेयर बाजार 0.1 फीसदी की उछाल के साथ दिन की शुरुआत की.  ये भी पढ़े: भारत से मिले 450 करोड़ के गिफ्ट का फायदा उठा पाएंगे SAARC देश
फ्रांस चुनावों के नतीजों पर भारतीय शेयर बाजार ने भी हरे निशान में शुरुआत करते हुए प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में लगभग 100 अंकों की बढ़त बनाते हुए 30,000 के आंकड़े के पास पहुंच गया. सेंसेक्स में यह उछाल 0.30 फीसदी से अधिक की रही. वहीं 50 प्रमुख शेयरों वाला निफ्टी इंडेक्स भी एशियाई बाजारों की तर्ज पर 0.40 फीसदी की बढ़त लेते हुए 9,322 के स्तर पर पहुंत गया.निफ्टी में शामिल 50 कंपनियों में 35 कंपनियों को शेयर हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं.

अन्य प्रमुख एशियाई इंडेक्स कोस्पी 0.6 फीसदी की मजबूती के साथ खुला तो भारतीय शेयर बाजार के खुलने से पहले प्रमुख एशियाई इंडेक्स एसजीएक्स निफ्टी भी 0.2 फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है. गौरतलब है कि एशियाई बाजारों में फ्रांस चुनावों से लौटी मजबूती के बाद उम्मीद जताई गई कि भारतीय शेयर बाजार भी मजबूत शुरुआत करते नजर आ सकते हैं.

फ्रांस चुनाव और तिमाही नतीजों का होगा असर
शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह कंपनियों के चौथी तिमाही के आगे आने वाले और नतीजों, वृहद आर्थिक आंकड़ों तथा फ्रांस के चुनाव के नतीजों से तय होगी. विशेषग्यों ने यह राय जताई है. ट्रेड स्मार्ट ऑनलाइन के संस्थापक निदेशक विजय सिंघानिया ने कहा, मौजूदा तिमाही नतीजों के सीजन से शेयर आधारित उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.

इस सप्ताह जिन प्रमुख कंपनियों के नतीजे आने हैं उनमें भारती एयरटेल, हीरो मोटोकॉर्प, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और डॉ रेड्डीज लैब शामिल हैं. उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी चुनाव के नतीजों और कंपनियों के तिमाही नतीजों के अगले चरण से बाजार की धारणा तय होगी.

आम्रपाली आद्या ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स के निदेशक एवं शोध प्रमुख अबिनाश कुमार सुधांशु ने कहा, सप्ताह के दौरान कई वृहद आर्थिक आंकड़े मसलन मुद्रास्फीति एवं आईआईपी आएंगे. भारती एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे भी सप्ताह के दौरान आने हैं. बाजार की निगाह तिमाही नतीजों पर होगी. इस सप्ताह कई घटनाक्रम हैं और ऐसे में हम उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं कर सकते. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि फ्रांसीसी चुनाव के नतीजे और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति तथा आईआईपी के आंकड़ों पर सभी की निगाह रहेगी.

सेंसेक्स निफ्टी की पिछले सप्ताह की चाल
बीते सप्ताह बंबई शेयर का सेंसेक्स जहां 59.60 अंक टूटा, वहीं नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 18.75 अंक नीचे आ गया था. वहीं सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 267 अंक टूटा था और निफ्टी सर्वकालिक रिकार्डस्तर से फिसला गया था. सेंसेक्स शुक्रवार के कारोबार में 267 अंक की जोरदार गिरावट के साथ 30,000 अंक से नीचे चला गया था. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे पहुंच गया था.

30 शेयरों वाला सेंसेक्स 29,823.60 अंक के निचले स्तर तक गिरने के बाद अंत में 267.41 अंक या 0.89 प्रतिशत के नुकसान से 29,858.80 अंक पर बंद हुआ था. यह 22 मार्च के बाद सेंसेक्स की एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है. इससे पिछले सत्र में बैंकिंग और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सुधार के कदमों से सेंसेक्स 231.41 अंक चढ़ा था। वहीं सप्ताह के आखिरी दिन निफ्टी कारोबार के दौरान अपने पिछले रिकार्ड 9,367.15 अंक के स्तर को पार कर 9,377.10 अंक के स्तर के नए रिकॉर्ड स्तर को छूने के बाद अंत में 74.60 अंक या 0.80 प्रतिशत टूटकर 9,285.30 अंक पर बंद था.

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