मोदी का लालू पर तंज, जो योग नहीं करते इलाज कराने मुंबई जाते है

दुनियाभर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है और इस मौके पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये गए. इसी क्रम में बिहार की राजधानी पटना में पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉन्प्लेक्स में भी समारोह का आयोजन हुआ जिसमे  राज्यपाल सत्यपाल मलिक के साथ भाजपा के मंत्री तो दिखे मगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत जेडीयू के सभी मंत्री नदारद रहे. बीते दिनों बिहार NDA को लेकर हुई बातों से इसे जोड़ा जाना लाजमी भी है.  केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और रामकृपाल यादव, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और कृषि मंत्री प्रेम कुमार भी मंच पर मौजूद थे मगर नीतीश एन्ड कंपनी का न होना मामले को सियासी बना गया. दुनियाभर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है और इस मौके पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये गए. इसी क्रम में बिहार की राजधानी पटना में पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉन्प्लेक्स में भी समारोह का आयोजन हुआ जिसमे  राज्यपाल सत्यपाल मलिक के साथ भाजपा के मंत्री तो दिखे मगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत जेडीयू के सभी मंत्री नदारद रहे. बीते दिनों बिहार NDA को लेकर हुई बातों से इसे जोड़ा जाना लाजमी भी है.  केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और रामकृपाल यादव, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और कृषि मंत्री प्रेम कुमार भी मंच पर मौजूद थे मगर नीतीश एन्ड कंपनी का न होना मामले को सियासी बना गया.     केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस मौके पर कहा कि योग जोड़ने का काम करता है और इसमें राजनीति ढूंढने की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार खुद योग के प्रेमी हैं और पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉन्प्लेक्स में जो योग का कार्यक्रम आयोजित किया गया था वह राज्य सरकार द्वारा ही किया गया है.   वहीं दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी नीतीश कुमार का बचाओ में कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में भाजपा कोटे के सभी मंत्री मौजूद नहीं थे, लेकिन इसका यह मतलब नहीं निकलता है कि वह सभी योग के विरोधी हैं. नीतीश कुमार का बचाव करते हुए सुशील मोदी ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार तो योग करते हैं मगर जो लोग यह नहीं करते हैं उन्हें अपना इलाज कराने के लिए मुंबई जाना पड़ता है.दुनियाभर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है और इस मौके पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये गए. इसी क्रम में बिहार की राजधानी पटना में पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉन्प्लेक्स में भी समारोह का आयोजन हुआ जिसमे  राज्यपाल सत्यपाल मलिक के साथ भाजपा के मंत्री तो दिखे मगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत जेडीयू के सभी मंत्री नदारद रहे. बीते दिनों बिहार NDA को लेकर हुई बातों से इसे जोड़ा जाना लाजमी भी है.  केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और रामकृपाल यादव, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और कृषि मंत्री प्रेम कुमार भी मंच पर मौजूद थे मगर नीतीश एन्ड कंपनी का न होना मामले को सियासी बना गया.     केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस मौके पर कहा कि योग जोड़ने का काम करता है और इसमें राजनीति ढूंढने की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार खुद योग के प्रेमी हैं और पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉन्प्लेक्स में जो योग का कार्यक्रम आयोजित किया गया था वह राज्य सरकार द्वारा ही किया गया है.   वहीं दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी नीतीश कुमार का बचाओ में कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में भाजपा कोटे के सभी मंत्री मौजूद नहीं थे, लेकिन इसका यह मतलब नहीं निकलता है कि वह सभी योग के विरोधी हैं. नीतीश कुमार का बचाव करते हुए सुशील मोदी ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार तो योग करते हैं मगर जो लोग यह नहीं करते हैं उन्हें अपना इलाज कराने के लिए मुंबई जाना पड़ता है.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस मौके पर कहा कि योग जोड़ने का काम करता है और इसमें राजनीति ढूंढने की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार खुद योग के प्रेमी हैं और पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉन्प्लेक्स में जो योग का कार्यक्रम आयोजित किया गया था वह राज्य सरकार द्वारा ही किया गया है. 

वहीं दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी नीतीश कुमार का बचाओ में कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में भाजपा कोटे के सभी मंत्री मौजूद नहीं थे, लेकिन इसका यह मतलब नहीं निकलता है कि वह सभी योग के विरोधी हैं. नीतीश कुमार का बचाव करते हुए सुशील मोदी ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार तो योग करते हैं मगर जो लोग यह नहीं करते हैं उन्हें अपना इलाज कराने के लिए मुंबई जाना पड़ता है.

 

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