मोदी के दौरे से फास्ट ट्रैक पर गुजरात बीजेपी का चुनाव अभियान

पीएम मोदी एक अच्छी राजनीतिक सूझबूझ वाले नेता हैं, इस बात में शायद ही किसी को शक हो। गुजरात में बीजेपी के सामने विपक्ष की स्थिति लगभग न के बराबर है। ऐसे में पीएम मोदी अपने गृह राज्य के दो दिन के दौरे पर हैं। पीएम के इस दौरे को इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां तक कि राज्य के सीनियर कांग्रेस नेता शंकर सिंह वाघेला भी इस बात को लेकर अपनी पार्टी के लोगों से बात कर चुके हैं कि उनकी पार्टी बीजेपी को कड़ी टक्कर देने में क्यों नाकामयाब रही। मोदी के दौरे से फास्ट ट्रैक पर गुजरात बीजेपी का चुनाव अभियान

पीएम मोदी अपने काम को बेहद गंभीरता से लेते हैं। जमीनी स्तर तक पहुंचने के लिए बनाई गई रणनीति पर काम करते हुए मोदी ने गुरुवार को लगातार 17 घंटे तक काम किया। वह कई जगह गए और लोगों से सीधे जुड़े। पीएम ने इस दौरे में जितने भी कार्यक्रम किए उन सबका असर चुनावी तौर पर भी देखा जा रहा है।

श्रीमद राजचंद्रजी के स्टैम्प और सिक्के का अनावरण
श्रीमद राजचंद्रजी सौराष्ट्र में जन्में गुजराती थी। महात्मा गांधी भी आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए उनके पास ही जाते थे। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में कहा, श्रीमदजी ‘सामान्य जीवन, असामान्य व्यक्तित्व’ वाली शख्सियत थे।

इस कार्यक्रम में दुनिया भर के 102 सेंटर्स से आने वाले श्रीमद राजचंद्र मिशन के अनुयायी और कई आध्यात्मिक गुरु भी शामिल हुए। श्रीमद राजचंद्र मिशन का मुख्य काम धरमपुर में है, जो दक्षिण गुजरात के आदिवासियों के लिए काम करता है। आने वाले चुनावों में बीजेपी की नजर इस आदिवासी सीट पर है। इस कार्यक्रम से पीएम मोदी ने अपनी पहुंच हाशिए पर कर दिए गए आदिवासियों, हीरा कारोबारियों, जैन समाज और आध्यात्मिक लोगों तक बनाई।राजकोट कार्यक्रम
इस दौरान पीएम मोदी ने सौनी योजना की शुरुआत की, इसमें राजकोट के पास वाले डैम को नर्मदा के पानी से भरने की शुरुआत करनी थी। इससे पहले पीएम ने राजकोट में करीब 9 किलोमीटर लंबा रोड शो किया था। रोड शो के रूट पर राज्य और केंद्र सरकार के कई बैनर लगे थे। इसके अलावा पूरे शहर में कई जगह मोदी के बड़े-बड़े कट-आउट लगे थे।पिछले 40 साल में किसी प्रधानमंत्री ने राजकोट का दौरा किया है। ऐसे में राजकोट बीजेपी के कार्यकर्ता, किसान और पाटीदार समाज के लोग काफी खुश हैं। राजकोट को गुजरात में आरएसएस का केंद्र कहा जा सकता है। मुख्यमंत्री विजय रुपानी भी इसी जगह से आते हैं। पीएम मोदी पहली बार इसी जगह से चुने जाने के बाद राज्य के सीएम बने थे। राजकोट में लोगों से सीधे जुड़कर पीएम ने सौराष्ट्र बीजेपी को मजबूत करने की कोशिश की। गुजरात की 182 में 54 सीटें सौराष्ट्र से आती हैं। पाटीदार आंदोलन भी इसी राज्य में सबसे ज्यादा सक्रिय है। वहीं किसान भी कुछ हद तक बीजेपी से नाराज हैं। ऐसे में यह कार्यक्रम बीजेपी के कुछ राहत ला सकता है।

दिव्यांगों की चिंता
दिव्यांगों के लिए सरकार के ‘सबका साथ सबका विकास’ पर काम करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दिव्यांगों के लिए और स्टार्ट-अप शुरू करने वाले लोगों से कहा कि किसी ऐसी तकनीक को बढ़ावा दें, जिससे दिव्यांगों की जिंदगी में बड़ा परिवर्तन आ सके। पीएम मोदी ने बताया कि एनडीए सरकार ने दिव्यांगों की मदद और उनके फायदे के लिए करीब 5500 कार्यक्रम शुरू किए थे। पीएम ने इस कार्यक्रम के जरिए दिव्यांगों और समाज के ऐसे लोगों को साधने की कोशिश की जो सोशल वर्क को लेकर ज्यादा उत्सुक रहते हैं।

रोड शो
पीएम ने राजकोट शहर में एयरपोर्ट से पब्लिक ग्राउंड तक करीब 8 किलोमीट लंबा रोड शो किया। रोड शो के बाद एक कार्यक्रम में पीएम ने कहा कि राजकोट का उनके जीवन में विशेष स्थान है। उन्होंने कहा, ‘अगर राजकोट मुझे चुनकर गांधी नगर न भेजता तो मैं कभी दिल्ली न गया होता।’ इस साल मोदी की यह राज्य में चौथी यात्रा है। बारिश के बाद भी हजारों लोग पीएम मोदी को देखने के लिए जुटे थे।

पीएम मोदी को जनता की नब्ज पकड़ने के लिए जाना जाता है। कुछ महीनों पहले मोदी ने सूरत में भी ऐसा ही कार्यक्रम किया था। हालांकि राजकोट में रोड शो रूट के दोनों तरफ बैरिकेडिंग की गई थी। इस वजह से बारिश में मोदी को देखने पहुंचे कुछ लोगों को काफी निराशा हाथ लगी।

साबरमती आश्रम के कार्यक्रम में
साबरमती आश्रम के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी हिस्सा लेने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि गोरक्षा के नाम पर देश में हो रही हिंसा पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गोरक्षा के नाम पर लोगों की हत्याओं की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों को गोसेवा विनोबा भावे और महात्मा गांधी से सीखनी चाहिए। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी को सुनने के लिए कई गांधीवादी और धर्मनिरपेक्ष लोग मौजूद थे। गोहत्या और गोहत्या के नाम पर देश में हो रही घटनाओं पर बात करने के लिए साबरमती आश्रम से अच्छी कोई जगह नहीं हो सकती थी। पीएम ने कहा कि साबरमती आश्रम एक मंदिर है और ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ के विचार का समर्थन करता है।

सर्किट हाउस में
पीएम मोदी ने सर्किट हाउस में 90 मिनट बिताए। इस दौरान सीएम रूपानी के अलावा बीजेपी के आठ बड़े नेताओं से मुलाकात की। पार्टी नेताओं ने मोदी को राज्य के राजनीतिक हालातों के बारे में बताया।

राजभवन में
राजभवन में पीएम मोदी ने रात का खाना खाया। बेहद व्यस्त दिन के बाद उन्होंने वहां रात बिताई। बता दें कि इससे पहले पीएम पुर्तगाल, यूएस और नीदरलैंड की यात्रा पर थे। इस दौरान मोदी ने राज्य के मंत्रियों से मुलाकात की और राज्य में उनके काम पर प्रजेंटेशन ली। पीएम ने इस दौरान उन मुद्दों पर बात की, जो गुजरात के लिए बेहद अहम हैं।

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