मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ की तर्ज पर लॉन्च होगा योगी का ‘मेक इन यूपी’

केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की मेक इन इंडिया की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में अलग से मेक इन यूपी विभाग बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 को अंतिम रूप दिया गया.

मोदी के 'मेक इन इंडिया' की तर्ज पर लॉन्च होगा योगी का 'मेक इन यूपी'

राज्य सरकार की नीति में कहा गया है कि मेक इन इण्डिया की सफलता का लाभ उठाने के लिये प्रदेश में एक समर्पित मेक इन यूपी विभाग की स्थापना की जाएगी. इस विभाग के तहत उद्योग एवं सेक्टर विशिष्ट राज्य निवेश तथा विनिर्माण क्षेत्र (एसआईएमजेड) को चिन्हित एवं सृजित किया जाएगा.

नीति में यह भी कहा गया है कि मेक इन इंडिया कार्यक्रम ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा गया है. इससे क्षमता विकसित करने, बौद्धिक सम्पदा का संरक्षण तथा श्रेष्ठ विनिर्माण ढांचा तैयार करने में मदद मिली है.

मेक इन इंडिया की तर्ज पर बनने वाले मेक इन यूपी कार्यक्रम में ऐसी रणनीति अपनायी जाएगी, जिससे प्रदेश को विनिर्माण का प्रमुख केन्द्र बनाया जा सके. इस नीति का लक्ष्य राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश को प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है, जिससे रोजगार सृजित हो सके तथा प्रदेश के स्थायी, समेकित तथा संतुलित आर्थकि विकास को बल मिले.

योगी सरकार के मुताबिक राज्य में वाणिज्यिक गतिविधियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिये नोएडा, कानपुर, गोरखपुर, बुन्देलखण्ड तथा पूर्वांचल जैसे औद्योगिक क्लस्टर क्षेत्र में विशेष अधिकारी के नेतृत्व में समर्पति पुलिस बल को तैनात किया जाएगा.

 प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर क्षेत्रों में एकीकृत पुलिस सह अग्निशमन स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे. प्रदेश के उद्योगों तथा विनिर्माण इकाइयों को बिना किसी परेशानी के परिवहन के विभिन्न साधनों के उपयोग से भारत एवं विदेशी बाजारों में उनके उत्पाद को पहुंचाने में सहायता प्रदान करने के लिये वायु, जल, सड़क एवं रेल नेटवर्क का एक सम्पर्क जाल बनाया जाएगा. इस क्रम में लखनऊ एवं नोएडा में मौजूद मेट्रो सेवाओं में विस्तार के साथ-साथ कानपुर, मेरठ, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर, झांसी एवं गाजियाबाद नगरों में भी मेट्रो सेवाओं का विकास तथा प्रमुख राज्य राजमार्गों को चौड़ा करके एवं सृदृढ़ बनाकर यातायात संचालन को सुगम किया जाएगा.

निवेश को प्रोत्साहन देने एवं ब्राण्ड यूपी के विपणन को सुनिश्चित करने के मद्देनजर उत्तर प्रदेश को वैकल्पिक निवेश केन्द्र के रूप में प्रस्तुत किये जाने के लिये ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भी आयोजित की जायेगी हालांकि इस समिट की तारीख और विस्तृत खांके पर राज्य सरकार बाद में फैसला लेगी.

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