मोदी सरकार ने उत्तराखंड को दिया नए साल का बड़ा तोहफा, प्रदेश के विकास को इन मुद्दों पर भरी हामी

उत्तराखंड को मोदी सरकार ने नए साल की सौगात दी है। राज्य में सड़कों और पुलों की मरम्मत व निर्माण के लिए केंद्र छह सौ करोड़ रुपये देने के लिए राजी हो गया है। इस रकम में से 156 करोड़ रुपये तत्काल जारी होंगे, जबकि बाकी पैसा किस्तों में मिलेगा।मोदी सरकार ने उत्तराखंड को दिया नए साल का बड़ा तोहफा, प्रदेश के विकास को इन मुद्दों पर भरी हामीलोकतंत्र पर हमले को पूरा हुआ 17 साल: शहीद हुए लोगों को श्रद्धाजंलि देंगे PM मोदी

यही नहीं हरिद्वार, देहरादून और हल्द्वानी बाईपास बनाने के लिए केंद्र ने हामी भर दी है। इसमें शर्त यह रहेगी कि राज्य इसमें आने वाले खर्च का आधा हिस्सा वहन करेगा, जो लगभग सात करोड़ होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के बीच राज्य से जुड़े तमाम मुद्दों को लेकर काफी सकारात्मक वार्ता हुई।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की। इस दौरान चारधाम ऑल वेदर रोड की प्रगति पर चर्चा करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने रामनगर-कर्णप्रयाग राज्य राजमार्ग सहित प्रदेश के कुछ राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित करने का अनुरोध किया।

साथ ही उत्तराखंड में भी सी-प्लेन योजना संचालित करने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में केंद्र के सहयोग से टिहरी, नैनीताल की झीलों और प्रमुख नदियों में सी-प्लेन योजना की शुरुआत की जा सकती है। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण में किसानों को मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज पर भी सकारात्मक बातचीत हुई।

इन मुद्दों पर भरी हामी

उन्होंने कहा कि अलकनंदा व भागीरथी नदियों पर 70 में से 33 जल विद्युत परियोजनाएं, जिनकी कुल क्षमता 4060 मेगावाट तथा लागत 41,000 करोड़ रुपये है, एनजीआरबीए, ईको-सेंसटिव जोन तथा उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के क्रम में बंद पड़ी हैं।

रावत ने अनुरोध किया कि यदि एक संयुक्त शपथ पत्र ऊर्जा मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय और पर्यावरण व जल मंत्रालय द्वारा उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए तो उक्त परियोजनाओं के लिए शीघ्र अनुमोदन मिल सकता है।

इसी प्रकार चमोली की 300 मेगावाट की बावला नंदप्रयाग जल विद्युत परियोजना के संबंध में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि इस परियोजना से संबंधित डीपीआर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के समक्ष अनुमोदन के लिए लंबित है, क्योंकि जल संसाधन मंत्रालय द्वारा इन्वायरमेंटल फ्लो का अभी अध्ययन नहीं किया गया है।

उन्होंने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए भी कहा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री को राज्य की लंबित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजना है कि उत्तराखंड समेत हिमालय क्षेत्र में जो बड़ी झीलें हैं, वहां सी-प्लेन की लैंडिंग की जाए। उन्होंने कहा है कि सी-प्लेन एक फीट पानी तथा सड़क में भी उतर सकता है।

सौंग पर बांध बनाने पर भी सहमति

आने वाले समय में यह बहुत सस्ता ट्रांसपोर्ट का माध्यम बनने जा रहा है। अमेरिका, कनाडा, जापान की तर्ज पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग से इसके लिए नियम बनाए जा रहे हैं।

सौंग पर बांध बनाने पर भी सहमति
देहरादून। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से देहरादून में सौंग नदी पर बांध बनाने के बाबत चर्चा की। उन्होंने बताया कि ऐसा होने के बाद राज्य में सिंचाई की व्यवस्था बेहद दुरुस्त हो जाएगी। साथ ही पेयजल की किल्लत से भी निजात मिलेगी।

इसके अलावा इस बांध पर आठ मेगावाट का एक पावर प्लांट भी बन सकता है। इसके अतिरिक्त रिस्पना और बिंदाल नदी में सौंग का पानी छोड़कर उन्हें पुनर्जीवित करने में भी मदद मिलेगी। इस बांध के निर्माण में लगभग 950 करोड़ का खर्च आएगा, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति प्रदान की है।

राज्य के विकास से जुड़े तमाम मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से लंबी वार्ता हुई। उन्होंने ज्यादातर मुद्दे पर सकारात्मक रुख दिखाया है। जल्द ही चीजें धरातल पर आना शुरू हो जाएंगी। 

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