मोस्ट वांटेड आतंकियों की तलाश जारी, जीनत-उल-इस्लाम को सौंपी जा सकती है लश्कर की कमान

पिछले एक वर्ष में 147 आतंकियों को मारने के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर पांच मोस्ट वांटेड आतंकी हैं। जाकिर मूसा, रियाज नायकू, सद्दाम पाडर, जीनत उल इस्लाम और खालिद की तलाश तेज कर दी गई है।मोस्ट वांटेड आतंकियों की तलाश जारी, जीनत-उल-इस्लाम को सौंपी जा सकती है लश्कर की कमानBreaking news: मुंबई में बड़ा ट्रेन हादसा टला, टूटी थी ट्रैक की फिश प्लेट….

कहा जा रहा है कि अबु इस्माइल के मारे जाने के बाद जीनत उल इस्लाम को लश्कर की कमान सौंपी जा सकती है। 

मारे गए आतंकियों में अबु दुजाना, अबू इस्माइल, साब्जार भट समेत करीब 15 से अधिक हार्डकोर आतंकी कमांडर शामिल हैं। इससे आतंकी संगठन लश्कर और घाटी में सबसे ज्यादा सक्रिय हिज्बुल में लीडरशिप की कमी आ चुकी है।

सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो हिज्ब कमांडर जाकिर मूसा के संगठन छोड़ने के बाद से आतंकियों के बीच काफी मनमुटाव हो चुका है। सेना की विक्टर फोर्स के जीओसी मेजर जनरल बीएस राजू ने बताया कि अबु इस्माइल के मारे जाने से संगठन में एक वैक्यूम पैदा हो गया है जिसे भरना मुश्किल है। 

ये आतंकी हैं निशाने पर
जाकिर मूसा
यह आतंकी सुरक्षा एजेंसियों की सूची में सबसे ऊपर है। आतंकी संगठन हिज्बुल के विभाजन के बाद उसने कश्मीर में अंसार गजवत-उल हिंद का गठन किया। कई आतंकियों ने समय-समय पर हथियारों और नेटवर्क मजबूत करने के लिए उसे समर्थन दिया।

इसमें लश्कर चीफ अबु दुजाना भी शामिल था। मूसा काफी खतरनाक माना जाता है क्योंकि वह कश्मीर और पूरे भारत में इस्लामी खलीफा लागू करने के लिए लगातार प्रचार कर रहा है। 

रियाज नाइकू
रियाज नायकू आतंकी संगठन हिज्बुल का प्रमुख और ए डबल प्लस श्रेणी का आतंकी है। इस समय सबसे अनुभवी हिज्बुल कमांडरों में से एक है। यह कश्मीर में हिज्ब के ऑपरेशन देख रहा है। पिछले महीने एक मुठभेड़ में यासीन इट्टू की मौत के बाद से उसने पदभार संभाला है।

नायकू अवंतीपोरा के द्रग्बुग से है। वह तकनीक में महारत रखता है। हाल ही में वह एक आतंकी के जनाजे में शामिल हुआ और सार्वजनिक रूप से जाकिर मूसा के पाकिस्तान विरोधी अभियान का विरोध कर पाकिस्तान को समर्थन देने की बात कही। रियाज ने इस वर्ष के शुरुआत में 11 मिनट का वीडियो जारी कर कश्मीरी पंडितों को घाटी में लौटने को कहा था।

सद्दाम पाडर
सद्दाम हिज्ब के पूर्व कमांडर बुरहान वानी का काफी करीबी था और सोशल मीडिया पर वायरल हुए हिज्ब के 12 आतंकियों के उस फोटो का हिस्सा भी था। पाडर के अलावा केवल तारिक पंडित ही है जो उस फोटो में देखे गए आतंकियों में से जिंदा है, लेकिन वह समर्पण कर चुका है।

पाडर पिछले करीब 4-5 साल से सक्रिय है। पहले वह लश्कर का हिस्सा था, लेकिन वर्ष 2015 में वह हिज्बुल में शामिल हुआ। मूसा द्वारा हिज्ब की कमान छोड़ने के बाद वह अगले हिज्ब प्रमुख होने के लिए शीर्ष दावेदारों में से एक था, लेकिन उसकी जगह नायकू ने ले ली। हालांकि  वह ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है, लेकिन एक चालाक आतंकी है और उन लोगों में से एक जिन पर बुरहान भरोसा करता था।

लश्कर की कमान संभालने का दावेदार है जीनत-उल-इस्लाम

जीनत-उल-इस्लाम
जीनत घाटी में लश्कर की कमान संभालने वालों में से एक है। अबू इस्माइल के मारे जाने के बाद वही लश्कर की कमान संभालने का दावेदार है। 28 वर्षीय जीनत शोपियां जिले के सुगन जेनापोरा का निवासी है और वर्ष 2015 में आतंकी बना था। फरवरी में शोपियां में हुए हमले के भी मुख्य आरोपी में से एक माना जाता है जिसमें तीन सैनिक शहीद हुए थे।

उसे आईईडी विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता है और लश्कर से पहले वह आतंकी संगठन अल-बदर का सदस्य था। वर्ष 2008 में उसे गिरफ्तार किया गया था जब उसने कबूला था कि वह ओजीडब्ल्यू के रूप काम कर रहा था, लेकिन उसे चार साल बाद रिहा कर दिया गया था। लश्कर मॉड्यूल में शामिल होने से पहले उसने शादी भी रचाई थी।

खालिद
जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर के बारे में बहुत कुछ नहीं पता है, लेकिन इतनी जानकारी है कि उसका कोड नाम खालिद है। वह पाकिस्तान से प्रशिक्षित है और घुसपैठ करने के बाद से सोपोर क्षेत्र में सक्रिय है।

यह भी माना जाता है कि एक महीने पहले दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में पुलिस लाइन पर आत्मघाती हमले के पीछे भी उसका हाथ है जिसमें चार सीआरपीएफ और चार पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। उनका नाम अक्टूबर 2016 में पहली बार सामने आया था जब सेना ने बारामुला में जेएम मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था।

पुलिस अधिकारियों ने तब कहा था कि खालिद की अध्यक्षता वाले मॉड्यूल ने उस साल अगस्त में बारामुला में एक सेना के काफिले पर हमला किया था जिसमें सेना के दो जवान और एक पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।

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