मोहन भागवत के साथ मंच साझा करेंगे रतन टाटा

मुंबईराज्य ब्यूरो कुछ सप्ताह पहले ही पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ मंच साझा किए जाने के बाद अब प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा भी भागवत के साथ एक मंच पर नजर आएंगे। यह कार्यक्रम शुक्रवार शाम को मुंबई की एक संस्था नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा आयोजित किया गया है। मुंबई, राज्य ब्यूरो। कुछ सप्ताह पहले ही पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ मंच साझा किए जाने के बाद अब प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा भी भागवत के साथ एक मंच पर नजर आएंगे। यह कार्यक्रम शुक्रवार शाम को मुंबई की एक संस्था नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा आयोजित किया गया है।  नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा संचालित रोगी सेवा सदन मुंबई में कैंसर के इलाज के लिए मशहूर टाटा अस्पताल के बिल्कुल नजदीक स्थित एक आवासीय व्यवस्था है। यहां एक समय में 76 मरीज और उनके दो सहायक रह सकते हैं। देश के कोने-कोने से कैंसर के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अक्सर लंबी अवधि के लिए मुंबई में रुकना पड़ता है। ऐसे मरीजों को आसरा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक रहे नारायण हरि पालकर उर्फ नाना पालकर की स्मृति में इस सेवा सदन की स्थापना 1968 में की गई थी।    मुंबई के परेल इलाके में स्थित 10 मंजिला इमारत में चल रहे नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा संचालित रोगी सेवा सदन में प्रतिवर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से आकर करीब 1500 रोगी रुकते हैं। 2011-12 में तो यह संख्या 1,762 तक पहुंच गई थी। चूंकि यह संस्थान टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट से चंद कदमों की दूरी पर स्थित है, इसलिए यहां से रोगियों का अस्पताल आना-जाना आसान हो जाता है। 24 अगस्त की शाम को नारायण हरि पालकर के जन्म शताब्दी का समापन समारोह है। इसी अवसर पर समिति ने सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा को भी आमंत्रित किया है।
नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा संचालित रोगी सेवा सदन मुंबई में कैंसर के इलाज के लिए मशहूर टाटा अस्पताल के बिल्कुल नजदीक स्थित एक आवासीय व्यवस्था है। यहां एक समय में 76 मरीज और उनके दो सहायक रह सकते हैं। देश के कोने-कोने से कैंसर के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अक्सर लंबी अवधि के लिए मुंबई में रुकना पड़ता है। ऐसे मरीजों को आसरा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक रहे नारायण हरि पालकर उर्फ नाना पालकर की स्मृति में इस सेवा सदन की स्थापना 1968 में की गई थी। 

मुंबई के परेल इलाके में स्थित 10 मंजिला इमारत में चल रहे नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा संचालित रोगी सेवा सदन में प्रतिवर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से आकर करीब 1500 रोगी रुकते हैं। 2011-12 में तो यह संख्या 1,762 तक पहुंच गई थी। चूंकि यह संस्थान टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट से चंद कदमों की दूरी पर स्थित हैइसलिए यहां से रोगियों का अस्पताल आना-जाना आसान हो जाता है। 24 अगस्त की शाम को नारायण हरि पालकर के जन्म शताब्दी का समापन समारोह है। इसी अवसर पर समिति ने सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा को भी आमंत्रित किया है। 

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