यूपी पुलिस के सिपाही ने फांसी लगाकर दी जान, जानिए क्यों?

लखनऊ: मोहनलालगंत तहसील में सोमवार की देर रात एक सिपाही ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस का कहना है कि सिपाही ने प्रेम-प्रसंग के चलते आत्महत्या कर ली है। पुलिस को इस बात के सबूत उसके मोबाइल फोन के रिकार्ड से मिले है।

एसपी ग्रामीण डा.सतीश कुमार ने बताया कि प्रतापगढ़ जनपद के गोगापुर नौबस्ता गांव निवासी 29 वर्षीय रामकिशोर 2015 बेच का सिपाही था। मौजूदा समय में वह मोहनलालगंज तहसील के उपकोषागार की सुरक्षा में तैनात था और तहसील परिसर में ही बने क्वार्टर में रहता था।

बताया जाता सोमवार की देर रात किसी समय सिपाही राम किशोर ने तहसील परिसर में बने कुंए की गिर्री में मफलर के सहारे लटक कर अपनी जान दे दी। सुबह करीब 4 बजे जब सिपाही के अन्य साथी सोकर उठे तो उनकी नज़र रामकिशोर के शव पर पड़ी। उन लोगों ने फौरन इस बात की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही मौके पर मोहनलालगंज पुलिस, सीओ मोहनलालगंज और एसपी ग्रामीण भी पहुंच गये। पुलिस ने सिपाही के शव को फंदे से उतरवाया और छानबीन के बाद उसको पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने सिपाही के परिवार वालों को भी इस बात की सूचना दे दी है।

इंस्पेक्टर मोहनलालगंज ने बताया कि जब सिपाही रामकिशोर के मोबाइल फोन की छानबीन की तो पता चला कि सोमवार की रात 8 बजे से लेकर 11 बजे के बीच में उसने प्रतापगढ़ की रहने वाले एक युवती से करीब 40 बार फोन पर बात की थी। छानबीन की गयी तो पता चला कि सिपाही रामकिशोर का अपनी एक सहपाठी रह चुकी युवती से काफी समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था।

दोनों एक दूसरे से शादी करना चाह रहे थे, पर रामकिशोर के परिवार के लोग इस शादी के लिए राजी नहीं थे। पुलिस का कहना है कि इस बात की संभावना है कि दोनों के बीच रात में बातचीत के दौरान शायद किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और फिर इसके बाद रामकिशोर ने आत्महत्या कर ली।

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