यूपी में आंधी-बारिश से 38 की मौत, पेड़, बिजली खंभे, होर्डिंग्स और मकान ढहे, सैकड़ों लोग चोटिल

रविवार देर शाम मौसम के एकदम बदले तेवर से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया, लेकिन बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली। पहले तेज हवा चली फिर आंधी और कहीं कहीं बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। पेड़, बिजली के खंभे, होर्डिंग गिर गए। बिजली व्यवस्था चौपट हो गई। आंधी ने जमकर कहर बरपाया। इस दौरान 38 लोगों मौत हो गई जबकि विभिन्न स्थानों पर सैकड़ों लोगों के चोटिल होने की खबर है। वहीं राहत आयुक्त कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 23 लोगों ने जान गंवायी है जबकि 25 घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और संबंधित मंडलायुक्तों को निर्देश दिये हैं कि इस आंधी-तूफान में मृत व्यक्तियों के परिजनों को मानक के अनुसार शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने के साथ घायलों की समुचित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावितों के साथ है और उनकी हरसंभव मदद की जाएगी।बांदा व उरई में आंधी के साथ शाम साढ़े पांच बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे। क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए खड़े किसान उपज भीगने की चिंता में पड़ गए। हमीरपुर व महोबा में शाम साढ़े पांच बजे के करीब दस मिनट तक बारिश हुई। इस बीच छोटे ओले भी गिरे।     कानपुर और कानपुर देहात में तेज आंधी से आसमान में धूल का गुबार छा गया। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों के टीन शेड तेज हवा के झोंके से उड़ गए। हांलांकि तेजी आया हवा का गुबार कुछ ही देर बाद हल्की बूंदाबांदी के साथ शांत होने लगा।

बुंदेलखंड के साथ ही मध्य उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी आई। इटावा में टिनशेड उड़ गए व कई स्थानों पर पेड़ भी गिरे। औरैया, मेरठ, बांदा, उरई, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद कन्नौज में धूल भरी आंधी चली। उरई में जीटी रोड से लेकर अन्य मार्गों पर वाहनों के पहिए थम गए। कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे। बाराबंकी में दो लोगों की मौत हो गई। कन्नौज जिले के ग्राम कुंवरपुर काशीदीन में पेड़ गिरने से महिला की मौत हो गई, वहीं युवक जख्मी हो गया। हमीरपुर व महोबा में बारिश के साथ ओले गिरे।

कासगंज में पांच लोगों की और वृंदावन में एक श्रद्धालु की मौत हो गई। बुलंदशहर में दीवारें गिरने से जहां एक बालक समेत तीन की मौत हो गई वहीं कच्चा मकान गिरने से 12 लोग घायल हो गए। सहारनपुर में आकाशीय बिजली गिरने से दो की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। मुजफ्फरनगर में पेड़ टूटकर बाइक पर गिरने से युवक की मौत हो गई। गाजियाबाद के लालकुंआ में कार पर पेड़ गिर गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। हापुड़ में नलकूप के पास खड़ा छह वर्षीय बालक अरुण हौदे में गिरकर मौत हो गई।

गौतमबुद्ध नगर के स्टेलर जीवन सोसायटी के पास प्रचार का साइन बोर्ड गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। अलीगढ़ के गांव बिलौना में दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई। संभल में जुनावाई के समीप पेट्रोल पंप के पास एक पेड़ टूटकर ट्रैक्टर-ट्राली पर जा गिरा। पेड़ के नीचे दबकर रजनेश निवासी बदायूं की मौत हो गई। बरेली में देवरनिया के बंजरिया गांव में मस्जिद की मीनार दो घरों पर जा गिरी। हादसे में कई लोग दब गए। एक महिला और उसकी तीन साल की भतीजी की मौत हो गई। एक दर्जन से ज्यादा घायलों को बुलडोजर की मदद से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बदायूं में जरीफनगर क्षेत्र के दहगवां में कार पर पेड़ गिरने से प्रेम सिंह की मौत हो गई। बिजनौर, बागपत व शामली क्षेत्र में आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। बरेली, मुरादाबाद, सम्भल और रामपुर, नोएडा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद व हापुड़, अलीगढ़, हाथरस में भी आंधी चली। आगरा में आंधी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। नोएडा के सेक्टर 16 में मेट्रो का ओवरहेड तार टूट गया। इससे करीब डेढ़ घंटे आवागमन प्रभावित रहा। रात नौ बजे के बाद इलाहाबाद, प्रतापगढ़, कौशांबी के कई क्षेत्रों में आंधी चली। कुछ स्थानों पर बारिश के साथ ओले भी पड़े। 

सबसे अधिक गर्म रहा झांसी 
रविवार को राजधानी लखनऊ का अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश भर में झांसी 45.1 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। दूसरे नंबर पर 44.2 डिग्री के साथ बांदा व तीसरा सबसे गर्म जिला हमीरपुर 43.2 डिग्री के साथ रहा।

आंधी के दौरान मुरादाबाद में लगी आग, 50 घर जले
मुरादाबाद मंडल में रविवार देर शाम तेज अंधड़ ने तबाही मचा दी। सम्भल में रजपुरा थाना क्षेत्र के चाऊपुर गांव में आंधी के चलते आग लग गई, जिसकी चपेट में पूरा गांव आ गया। 50 घर जल गए। बच्चों समेत कई लोग बुरी तरह झुलस गए, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है। पांच बच्चे गायब होने की खबर है। कई पशु भी जल गए। घरों में रखी नकदी, अनाज समेत लाखों रुपये की संपत्ति जलकर स्वाहा हो गई। समाचार लिखे जाने तक देर रात जिलेभर के दमकल कर्मी और गाडिय़ा आग काबू करने का प्रयास कर रही थीं। पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर राहत कार्य में जुटी थी। 
सम्भल में रजपुरा थाना क्षेत्र के चाऊपुर गांव में आंधी के चलते आग लग गई। देखते-देखते पूरा गांव आग की चपेट में आ गया। अफरातफरी के बीच लोग घर छोड़कर भागने लगे। 50 घर जल गए। दर्जनों लोग बुरी तरह झुलस गए। तमाम पशु जल गए। आग से झुलसे लोगों का अस्पतालों में उपचार चल रहा है। पूरे जिले की दमकल की गाडिय़ां मौके पर बुला ली गई, लेकिन जब तक आग बुझ चुकी थी। इसके बाद तेज हवा चली तो आग फिर जलने लगी। मौके पर पूरे जिले की दमकल गाडिय़ां आग पर काबू का प्रयास कर रही थीं। बताया गया है कि आग लगने के बाद से गांव के पांच बच्चे भी गायब हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सीओ गुन्नौर अकील अहमद ने बताया कि करीब 50 घरों में आग लगी थी। पांच बच्चे गायब होने की जानकारी मिली है, जिनका पता लगाया जा रहा है। 

मीटिंग में न आयें डीएम, राहत कार्य देखें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी निर्देश दिया है कि आपदा से प्रभावित जिलों के जिलाधिकारी उनकी अध्यक्षता में सोमवार को होने वाली बाढ़ प्रबंधन की बैठक में आने की बजाय अपने जिले में राहत कार्यों का प्रभावी संचालन करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत मिल जाए।

वेस्ट यूपी में आंधी पानी भारी नुकसान

मेरठ कई स्थानों पर होर्डिंग्स भी गिर गए। सहारनपुर में पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। मिर्जापुर में खाद की दुकान के आगे दीवार गिरने से दो लोग दब गए। बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र में आंधी-बारिश के बीच ओले पड़े। बिजनौर, बागपत व शामली क्षेत्र में भी आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। मुरादाबाद, सम्भल और रामपुर, नोएडा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद व हापुड़, अलीगढ़, हाथरस में भी आंधी चली। अलीगढ़ के गांव बिलौना में दीवार गिरने से सुनीता की मौत हो गई। चन्दौसी में बारिश हुई। सम्भल कोतवाली गुन्नौर के कस्बा जुनावाई के समीप पेड़ ट्रैक्टर ट्राली पर जा गिरा, जिसमें दो लोग गंभीर घायल हो गए जबकि मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।

मध्य उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में रविवार देर शाम आई आंधी से जनजीवन प्रभावित रहा। कुछ स्थानों पर पानी के साथ ओले भी गिरे। इटावा में अचानक तेज हवा के साथ बारिश ने किसानों की धड़कने बढ़ा दीं। ग्रामीण क्षेत्रों में टीनें उड़ गईं व कई स्थानों पर पेड़ भी गिर गए। औरैया में आंधी के चलते कई बिजली के खंभे टूट कर गिर गए। जिससे कई हिस्सों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। साथ ही कई स्थानों पेड़ गिरने की सूचना है। फर्रुखाबाद व कन्नौज में अचानक धूल भरी आंधी चलने से जीटी रोड से लेकर अन्य मार्गों पर वाहनों के पहिए थम गए। मौसम में बदलाव से किसानों की धड़कनें तेज हो गईं।

बांदा व उरई में आंधी के साथ शाम साढ़े पांच बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे। क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए खड़े किसान उपज भीगने की चिंता में पड़ गए। हमीरपुर व महोबा में शाम साढ़े पांच बजे के करीब दस मिनट तक बारिश हुई। इस बीच छोटे ओले भी गिरे। 

कानपुर और कानपुर देहात में तेज आंधी से आसमान में धूल का गुबार छा गया। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों के टीन शेड तेज हवा के झोंके से उड़ गए। हांलांकि तेजी आया हवा का गुबार कुछ ही देर बाद हल्की बूंदाबांदी के साथ शांत होने लगा।

 

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