यूपी विधानसभा उड़ाने की धमकी देने वाले इस इंसान की और भी बढ़ीं मुश्किलें…

अपर पुलिस महानिदेशक के सीयूजी नंबर पर यूपी विधानसभा उड़ाने की धमकी देने पर गिरफ्तार फरहान अहमद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फोन पर अपर पुलिस महानिदेशक को विधानसभा को उड़ाने की धमकी देने के मामले में गिरफ्तार फरहान से एटीएस के इंस्पेक्टर संजय कुमार ने शुक्रवार की देर शाम पूछताछ की।यूपी विधानसभा उड़ाने की धमकी देने वाले इस इंसान की और भी बढ़ीं मुश्किलें...

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पुलिस कस्टडी में रखे गए फरहान से करीब घंटे भर पूछताछ की गई। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है। विधानसभा परिसर में शुक्रवार को विस्फोटक बरामद होने के बाद पुलिस व जांच एजेंसियां दोनों मामलों को जोड़ कर देख रही हैं।

ऐसे में फरहान यूपी की एसटीएफ सहित केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए के भी रडार पर आ गया है। विस्फोट बरामद होने से एक दिन पूर्व ही देवरिया पुलिस के हत्थे चढ़े फरहान पर जेल में पैनी नजर रखने का निर्देश भी जारी किया गया था।

रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के कवलाछापर गांव का रहने वाले फरहान अहमद, पुत्र वजीर अहमद ने छह जुलाई को अपर पुलिस महानिदेशक के सीयूजी नंबर पर फोन कर स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर विधानसभा को उड़ा देने की धमकी दी थी। इसके बाद पुलिस और जांच एजेंसियों के कान खड़े हो गए। आनन-फानन में धमकी देने वाले की तलाश के लिए खुफिया एजेंसियों और पुलिसकर्मियों को सक्रिय कर दिया गया।

गोपनीय ढ़ंग से पुलिस ने की थी जांच पड़ताल 

जांच-पड़ताल में पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से फोन किया गया है, वह देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र का है। इसके बाद देवरिया पुलिस को सक्रिय किया गया। चूंकि मामला गंभीर था और विधानसभा उड़ाने की बात थी, इसलिए देवरिया पुलिस ने इस मामले में बड़े ही गोपनीय ढंग से जांच-पड़ताल की।

बृहस्पतिवार को तरकुलवा पुलिस ने तवक्कलपुर बंधे के पास से फरहान को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से वह मोबाइल और सिम कार्ड भी बरामद हुआ। फरहान से जब पूछा गया कि आखिर विधानसभा उड़ाने की धमकी देने की बात उसके दिमाग में कहां से दिमाग में आई तो उसने बताया कि धमकी उसने किसी से लगाई शर्त के चलते दी थी। सूत्र बताते हैं कि उसने यह शर्त अपनी प्रेमिका से लगा रखी थी।

लखनऊ में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का छात्र रह चुका है फरहान 

लखनऊ में आईजी कानून व्यवस्था हरि राम शर्मा ने बताया कि देवरिया से गिरफ्तार फरहान अहमद इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में बीबीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। चार जनवरी 2016 में पढ़ाई छोड़ कर लखनऊ से गांव आ गया। तब से लखनऊ नहीं गया।

उन्होंने बताया कि फरहान पूर्व में भी पुलिस को झूठी सूचनाएं दे चुका है। फरहान पहले एक व्यक्ति के घर में चार किलो गांजा रखे होने, किसी व्यक्ति के घर में एक लड़का व लड़की छिपे होने की सूचना देकर पुलिस को हलकान कर चुका है। एडीजी लखनऊ को फोन करने के बारे में पूछे जाने पर उसने बताया कि गांव में घर के पास तालाब की खुदाई अवैध रूप से जेसीबी मशीन से की जा रही थी।

उसने इंटरनेट से एडीजी लखनऊ जोन का मोबाइल नंबर निकाल कर अवैध खनन की सूचना दी। एडीजी ने पूछा कौन बोल रहे हो तो उसने 15 अगस्त को विधानसभा पर हमला करने की बात कहकर फोन काट दिया।

आईजी ने बताया कि फरहान का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास प्रकाश में नहीं आया है। उसके द्वारा चार मोबाइल के इस्तेमाल की जानकारी हुई है। उन्होंने बताया कि फरहान के पिता लगभग 20 वर्ष सऊदी में काम करने के बाद वर्तमान में घर पर रहकर भारत पोल्ट्री फार्म चलाते हैं।

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