यूपी सरकार का बड़ा फैसला: तूफान में जिनके मकान टूटे उन्हें मिलेंगे पक्के मकान  

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2 मई को तूफान में तबाह हुए लोगों की राहत के लिए शनिवार को आगरा और कानपुर में कई घोषणाएं की। कच्चे मकान वालों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान देने का एलान किया। कहा, तूफान, बरसात और ओलावृष्टि में सबसे पहले कच्चे मकान गिरते हैं। इससे जनहानि की भी आशंका रहती है, इसलिए गांवों में कच्चे मकान वालों को एक लाख 20 हजार रुपये देकर पक्के मकान बनवाए जाएंगे। सीएम योगी ने शनिवार को आगरा में प्रभावित इलाकों का हेलीकॉप्टर से जायजा लिया। पीड़ितों को चेक बांटे। अस्पतालों में पीड़ितों से मिले। सीएम ने दावा किया कि  98 फीसदी पीड़ितों को मुआवजा दिया जा चुका है।यूपी सरकार का बड़ा फैसला: तूफान में जिनके मकान टूटे उन्हें मिलेंगे पक्के मकान  

 

सीएम ने स्थगित की राजस्व-बिजली के बिलों की वसूली
– सीएम योगी ने कहा, प्रभावित गांवों में राजस्व वसूली व बिजली के बिलों की तत्काल स्थगित करा दें।

– किसी पीड़ित परिवार में अगर शादी योग्य बेटी है तो उसका विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराएं।

– प्रभावित इलाकों में 7 दिन में बिजली व्यवस्था दुरुस्त हो। राहत कार्यों में लापरवाही हुई तो अफसरों पर कार्रवाई होगी।

– बागवानी का नुकसान हुआ है तो उसका भी मुआवजा दिया जाए।

डेढ़ दर्जन से ज्यादा जिलों की बिजली व्यवस्था ध्वस्त

प्रदेश में आंधी-तूफान की मार बिजली व्यवस्था पर भी पड़ी है। आगरा, सहारनपुर, बरेली समेत डेढ़ दर्जन से ज्यादा जिलों की आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। तेज आंधी-तूफान से पूरा बिजली नेटवर्क तहस-नहस हो गया है। इसे दुरुस्त करके आपूर्ति व्यवस्था सामान्य करने में बिजलीकर्मियों व अभियंताओं को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा व प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने शनिवार को पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर गड़बड़ियों को ठीक कराकर आपूर्ति व्यवस्था सामान्य करने को कहा है।

आंधी-तूफान से आगरा, सीतापुर, बिजनौर, बरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, रायबरेली तथा उन्नाव सहित कई जिलों की बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। दक्षिणांचल वितरण निगम में औरैया, मैनपुरी, ललितुपर, कन्नौज, उरई, हाथरस, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, झांसी, मथुरा, फिरोजाबाद व एटा में भी बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा है।

बिजली कंपनियों से मिली रिपोर्ट के अनुसार पूरे प्रदेश में 16,000 से ज्यादा पीसीसी पोल तथा 588 स्टील टयूबलर पोल व उससे संबंधित लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं जिससे ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। कई जिलों में बिजली नेटवर्क बंद होने से बिजली की मांग में भी कमी आई है।

तीन महीने तक राजस्व वसूली स्थगित, लापरवाह कलेक्टर नपेंगे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा प्रभावित जिलों में तीन महीने तक राजस्व वसूली स्थगित करने व बिजली आपूर्ति बहाल होने तक बिजली बिल जारी न करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आपदा से नुकसान की रिपोर्ट न देने वाले जिलाधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए 24 घंटे में पूरा ब्योरा न देने पर मुख्य सचिव राजीव कुमार को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने दैवी आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित आगरा व कानपुर नगर के दौरे से लौटने के तुरंत बाद एनेक्सी में प्रदेश भर के आपदा प्रभावित जिलों में चल रहे राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जनहानि, पशुहानि, फसल हानि के साथ-साथ संपत्ति के नुकसान व राहत को लेकर उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी ली।

योगी ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया कि अगर डीएम 24 घंटे में रिपोर्ट न भेजें तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने डीएम को निर्देश दिया कि वे आपदा प्रभावित प्रत्येक गांव में विशेष शिविर लगाएं और हर प्रभावित परिवार को लाभार्थीपरक प्रत्येक योजना का लाभ दिलाएं। इन शिविरों में प्रभावित लोगों को राशन कार्ड, पेंशन, आवास, उज्जवला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, शौचालय समेत सभी तरह की सुविधाएं दिलाई जाएंगी।

‘जिनके घर गिरे उन्हें खाद्यान्न दिया जाए’

सीएम कहा कि प्रभावित इलाकों में जब तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, तब तक बिल पर छूट रहेगी। जिनके घर गिर गए हैं और जो घायल हैं, उनको खाद्यान्न दिलाया जाए। उनके इलाज की उचित व्यवस्था भी की जाए। जिन इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित हुई है, वहां इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए जाएं और जब तक हैंडपंप न लगें तब तक टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाए।

बैठक में मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, अपर मुख्य सचिव राजस्व चंचल कुमार तिवारी, राहत आयुक्त संजय कुमार, प्रमुख सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, प्रमुख सचिव दुग्ध विकास सुधीर एम बोबड़े सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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