यूपी सरकार ने इस बार डेंगू से बचने के लिए की ये हैं तैयारियां…

डेंगू से रोकथाम के लिए सरकार ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य विभाग ने हर रविवार मच्छरों पर वार अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि डेंगू से बचाव केवल सावधानी के जरिए ही संभव है।यूपी सरकार ने इस बार डेंगू से बचने के लिए की ये हैं तैयारियां...#विडियो: ये वो फिटनेस ट्रेनर है जो बॉलीवुड अभिनेत्रियों को ऐसे रखती हैं, हॉट, सेक्सी, फिट और स्लिम रखती है

इसलिए सरकार जागरूकता अभियान चलाने जा रही है। हर सप्ताह रविवार के दिन साफ-सफाई का अभियान चलेगा। ऐसे स्थानों को साफ किया जाएगा, जहां मच्छर पैदा होते हैं।

सिद्धार्थ नाथ शुक्रवार को स्वास्थ्य निदेशालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। सरकार ने अप्रैल से ही डेंगू के खिलाफ अभियान शुरू किया था। इसी के तहत जापानी बुखार से निपटने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया।

इसमें तय लक्ष्य का 103 फीसदी सफलता मिली। वर्ष 2016 में डेंगू के 15033 केस आए थे। इसी को देखते हुए सरकार ने पहले से कमर कस ली है।
सभी जिलों के सीएमओ को एंटी लार्वा का छिड़काव करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

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सीजन शुरू होते ही हर अस्पताल को 10 बेड और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पांच बेड आरक्षित रखने हैं। हर अस्पताल में हाई फीवर वाले मरीजों के लिए हेल्प डेस्क बनेगी।

सरकारी अस्पतालों से अ‌भ‌ियान की शुरुआत

स्वास्थ्य मंत्री ‌स‌िद्धार्थ नाथ ‌स‌िंह

रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। इसका काम डेंगू वाले स्थानों को चयनित कर केस स्टडी करना और आसपास के इलाकों को डेंगू के कीटाणु से मुक्त कराना है। यह टीम डीएम, एसएसपी या किसी भी स्थानों की चेकिंग कर सकती है। यह टीम मंत्री आवास की भी जांच कर सकती है।

यदि वहां डेंगू का लार्वा पाया जाता है तो सीएमओ को यह अधिकार है कि वे नोटिस दें। उसे ठीक न किया गया तो पांच हजार तक जुर्माना लग सकता है।
हर स्कूल में हेल्थ एजुकेटर नियुक्त किए गए हैं।

यह बच्चों को डेंगू से बचाव के तरीके बताएंगे। स्कूलों में उन स्थानों को चिह्नित कर साफ-सफाई होगी, जहां जल भराव होगा। पिछले साल 4.50 करोड़ रुपये का बजट जल जनित रोगों से निपटने के लिए मिला था। इस सीजन में ज्यादा बजट मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य मंत्री ने रविवार मच्छरों पर वार अभियान की शुरुआत नौ जुलाई को लखनऊ के सरकारी अस्पतालों से करने का फैसला लिया है। लखनऊ में बनी 70 रैपिड रिस्पांस टीम को सरकारी अस्पतालों में लगाया जाएगा।

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