ये हैं रावण के अधूरे 7 सपने, जो पूरे हो जाते तो आज दुनिया होती कुछ और….

धर्म ग्रंथों के अनुसार रावण को बुराई का प्रतीक माना जाता है। हमने रावण और उसकी ढेरों कहानियाँ सुन रखी हैं, लेकिन अभी भी कुछ ऐसी बातें हैं जो बहुत ही कम लोगों को मालूम है। आज हम आपको रावण के कुछ ऐसे सपनों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें वो पूरा नहीं कर सका और प्रभु श्री राम के हाथों मारा गया। कहा जाता है कि उसके सपने प्रकृति के विरूद्ध थे और अगर वो उन्हें पूरा कर लेता तो आज दुनिया आज ऐसी न होती।

ये हैं रावण के 7 अधूरे सपने

पहला सपना यह था कि रावण सोने को खुशबुदार बनाना चाहता था। रावण पूरी दुनिया के सोने पर कब्जा करना चाहता था। कहा जाता है कि सोने को ढूँढने में कोई परेशानी न हो इसलिए वो सोने को खुशबुदार बनाना चाहता था।

रावण का दूसरा सबसे बड़ा सपना खून का रंग बदलना था। दरअसल, उसके द्वारा युद्ध में अनेक लोगों को मारने के कारण धरती खून से लाल हो गई थी, इसलिए वह चाहता था कि खून का रंग सफेद हो।

रावण का रंग काला था। इसलिए, उसका तीसरा सपना सभी मनुष्यों के रंग को बदलकर गोरा करना था। कहा जाता है कि रावण के काले रंग के कारण उसका अपमान होता था इसलिए वो सभी का रंग गोरा करना चाहता था।

रावण ने जितने युद्ध जीते उतने हारे भी थे। रावण को सबसे बड़ी हार बाली ने दी थी। बाली ने रावण को 6 महिनों तक अपने बाजू में दबाये रखा था। इसलिए रावण का चौथा सपना किसी भी तरह से बाली को हराना था। जो अधुरा रह गया।

रावण का चौथा सपना दुनिया के सभी समुद्रों का पानी को खारे से मीठा करना था। कहा जाता है कि रावण का सपना था कि लोग भगवान की पूजा नहीं बल्कि उसकी पूजा करें और उसे अपना भगवान मानें।

रावण का सपना पृथ्वी के साथ साथ अंतरिक्ष पर भी कब्जा करने का था। इसलिए वह स्वर्ग तक सीढ़ियां बनाना चाहता था। ऐसा करने के पीछे रावण की इच्छा थी कि लोग स्वर्ग की लालसा में भगवान की पूजा न करके उसकी पूजा करें।

कहा जाता है कि रावण मदिरा का शौकीन था। लेकिन वह मदिरा की दुर्गंध से परेशान रहता था, इसलिए रावण का सातवाँ सपना शराब से दुर्गंध हटाना था। कहा जाता है कि रावण शक्तिशाली होने के साथ साथ विज्ञान और तकनीक भी जानता था। हालांकि, उसके ये सपने कभी पूरे नहीं हो सके। अगर ये सपने पूरे हो जाते तो शायद आज दुनिया कुछ और होती।

 

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