ये है दुनिया का सबसे खूबसूरत झरना, हर दिन हजारो लोग आते हैं देखने…

झरनों की बात करें तो यह देखने में जितने सुंदर होते हैं, इनका पानी उतना ही  शीतल और साफ होता है। लोग तनावी और थकी जिंदगी से छुटकारा पाने के लिए नेचर के नजदीक ऐसी ही जगहों पर जाने के शौकीन होते हैं।  आपने भी हिल स्टेशन के रास्ते कई झरने बहते देखे होंगे लेकिन अमरीका और कनाडा के बॉर्डर पर बहता यह झरना दुनिया का सबसे खूबसूरत झरनों में से एक है, जिसे नायग्रा वॉटरफॉल कहते हैं। ये है दुनिया का सबसे खूबसूरत झरना, हर दिन हजारो लोग आते हैं देखने...अगर आप भी जन्नत की सफर तय करना चाहते है तो एक बार जरुर जाये…

हर साल लाखों की संख्या में टूरिस्ट इस खूबसूरत झरने को देखने के लिए वहां पहुंचते हैं। घूमने-फिरने और स्कून की सांस लेने के लिए यह जगह बेस्ट है। यहां पहुंच कर लोग नैचुरल ब्यूटी का आनंद लेते हैं। वहीं एडवेंचर के शौकीन वहां बोटिंग करने भी पहुंचते हैं।ये है दुनिया का सबसे खूबसूरत झरना, हर दिन हजारो लोग आते हैं देखने...1. संयुक्त राज्य अमरीका और कनाडा के इंटरनैशनल बॉर्डर पर बहते इस वाटरफॉल पर  3 झरनों (Horseshoe Falls, the American Falls and the Bridal Veil Falls) का मिलन होता हैं, इसलिए इसे नायग्रा वाटरफॉल का सामूहिक नाम दिया गया। संयुक्त राज्य अमरीका के न्यू यॉर्क और कनाडा के ओंटारियो राज्य के बीच बहते इस झरने की ऊंचाई 167 फीट है। 

2. इस झरने का प्रवाह नायग्रा नदी में होता है। एरी और ओंटारियो झील दोनों ही नायग्रा नदी पर मिलती हैं। 167 फीट की ऊंचाई से बहते इस झरने का प्रवाह दुनिया में सबसे तेज है। हार्सशू फॉल ऊंचाई और तेज प्रवाह को देखें तो यह नॉर्थ अमरीका का सबसे शक्तिशाली वाटरफॉल है। यह उत्तर और उत्तर-पश्चिम बेफ्लो और न्यू यार्क में 27 किलोमीटर तक फैला है और वहीं दक्षिण, दक्षिण-पूर्व टोरंटो औक यह दोनों शहरों में (Niagara Falls, Ontario  and Niagara Falls, New York) 121 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ये है दुनिया का सबसे खूबसूरत झरना, हर दिन हजारो लोग आते हैं देखने...3. कनाडा की ओर से बहते होर्सशू यानि घोड़े की नाल के आकार का झरना सबसे बड़ा है। वहीं, अमरीका की ओर से प्रवेश करता अमेरिकन फॉल गोट आइलैंड पर जाकर अलग हो जाता है। सबसे छोटा झरना ब्राइडल वेल भी अमेरिकन साइड की ओर से ही बहता है लेकिन यह भी लूना आइलैंड में दूसरे झरनों से अलग हो जाता है। 
4. 1819 में पहले दोनों देशों के बीच इंटरनैशनल बाउंडरी लाइन सिर्फ हार्सशू फाल तक ही निर्धारित की थी लेकिन प्राकृतिक कटाव और निर्माण के चलते बाउंडरी लाइन को बढ़ा दिया गया।

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