योगी को बेनकाब करने के चक्कर में, खुद की पोल खोल बैठे अखिलेश

 उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ गठबंधन कर चुकी सपा के अध्यक्ष ने अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना लगाया है, लेकिन इस बार उनका तीर लौट कर उनकी तरफ ही वापस आ गया है. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक अख़बार की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा है कि “गन्ना किसानों का हज़ारों करोड़ बकाया है और ये ‘अक्षम सरकार’ अॉडिट के बहाने गन्ना किसानों का भुगतान टाल रही है.”लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ गठबंधन कर चुकी सपा के अध्यक्ष ने अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना लगाया है, लेकिन इस बार उनका तीर लौट कर उनकी तरफ ही वापस आ गया है. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक अख़बार की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा है कि "गन्ना किसानों का हज़ारों करोड़ बकाया है और ये ‘अक्षम सरकार’ अॉडिट के बहाने गन्ना किसानों का भुगतान टाल रही है."  उन्होंने आगे लिखा है, "अपनी नाकामी छिपाने के लिए ये सरकार हर बात में जाँच-पड़ताल का सहारा लेकर टालमटोल करती है. ये कैसी सरकार है जो न तो जनता के काम आ रही है और न कोई काम कर रही है." लेकिन इस तस्वीर को पोस्ट करते समय अखिलेश एक चूक कर बैठे, उन्होंने अखबार की तारीख नहीं देखी, यह अखबार एक साल पुराना, 23 अप्रैल 2017 का था. जबकि योगी सरकार ने  19 मार्च को ही पहले राज्य में अपना पहला वर्ष पूरा किया है.  अखिलेश की इसी गलती को बीजेपी नेताओं ने पकड़ लिया और सोचल मीडिया पर ही अखिलेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, पार्टी के प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने ट्वीट कर अखिलेश पर पलटवार किया. उन्होंने लिखा कि 'पहले हवा में मेट्रो चली, फिर हवा में ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, हवा में हुकूमत चलाने वाले लोगों ने जब हवा में आरोप लगाए तो ख़ुद को बेनक़ाब कर डाला, आप जो बक़ाया दिखा रहे,वो एक साल पुराना,आपकी ही सरकार का है,और अब सरकार इसे चुका रही,पेपर की डेट तो देख ली होती,कुछ हवा में लिखने से पहले.'' अखिलेश के इस पोस्ट पर दूसरे भी कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी, जिससे सपा प्रमुख का सोशल मीडिया पर मज़ाक बन गया.

उन्होंने आगे लिखा है, “अपनी नाकामी छिपाने के लिए ये सरकार हर बात में जाँच-पड़ताल का सहारा लेकर टालमटोल करती है. ये कैसी सरकार है जो न तो जनता के काम आ रही है और न कोई काम कर रही है.” लेकिन इस तस्वीर को पोस्ट करते समय अखिलेश एक चूक कर बैठे, उन्होंने अखबार की तारीख नहीं देखी, यह अखबार एक साल पुराना, 23 अप्रैल 2017 का था. जबकि योगी सरकार ने  19 मार्च को ही पहले राज्य में अपना पहला वर्ष पूरा किया है.

अखिलेश की इसी गलती को बीजेपी नेताओं ने पकड़ लिया और सोचल मीडिया पर ही अखिलेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, पार्टी के प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने ट्वीट कर अखिलेश पर पलटवार किया. उन्होंने लिखा कि ‘पहले हवा में मेट्रो चली, फिर हवा में ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, हवा में हुकूमत चलाने वाले लोगों ने जब हवा में आरोप लगाए तो ख़ुद को बेनक़ाब कर डाला, आप जो बक़ाया दिखा रहे,वो एक साल पुराना,आपकी ही सरकार का है,और अब सरकार इसे चुका रही,पेपर की डेट तो देख ली होती,कुछ हवा में लिखने से पहले.” अखिलेश के इस पोस्ट पर दूसरे भी कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी, जिससे सपा प्रमुख का सोशल मीडिया पर मज़ाक बन गया. 

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