अभी अभी: CM योगी ने हिंदूओं के लिए लिया बड़ा फैसला विपक्ष हुआ हैरान

सीएम योगी आदित्यनाथ के हिंदू राष्ट्र वाले बयान पर सियासत शुरू हो गई है। मायावती ने इसे असंवैधानिक बताया है तो सीपीआई नेता डी राजा ने इसे खतरनाक तक करार दिया है। बीजेपी ने इस मामले पर सियासत को बेवजह करार दिया है।

अभी-अभी: सरकारी बच्चों की ड्रेस देखकर आगबबूला हुए CM योगी

सीएम बनने के बाद डीडी न्यूज को दिए अपने पहले टीवी इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा सही है। इस इंटरव्यू में योगी ने हिंदुत्व को लेकर अपनी सरकार के पक्ष को बड़े बेबाक तरीके से रखा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बूचड़खानों पर सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के फैसलों को लागू किया जाएगा।

विपक्ष का हल्लाबोल
हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर योगी के बयान को बीएसपी प्रमुख मायावती ने असंवैधानिक बताया और देश की सेकुलर छवि के लिए गहरा धक्का बताया। मायावती ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को देश का संविधान पढ़ना चाहिए. संविधान की बुनियाद धर्मनिरपेक्षता है। अगर वो हिन्दू राष्ट्र बनाएंगे तो सिख, पारसी और मुसलमान कहां जाएंगे। मायावती ने कहा कि योगी आदित्यनाथ आरएसएस का एजेंडा लागू कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में. वहीं सीपीआई के डी. राजा ने इसे खतरनाक बताया और कहा कि आने वाले वक्त में इसके नुकसान भी दिखने लगेंगे।

पहले टीवी इंटरव्यू में योगी ने कही ये बड़ी बातें-
एंटी रोमियो स्क्वॉड किसी जाति या धर्म के लोगों के विरोध में नहीं हैं बल्कि प्रदेश की लड़कियों को सुरक्षा का वातावरण मुहैया कराने की दिशा में उठाया गया कदम हैं।
पिछली सरकार के समय यूपी में असुरक्षा का माहौल था और चरमराई कानून व्यवस्था के कारण लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा था।
2 महीने के अंदर गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान करना होगा और अगर ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित चीनी मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
बूचड़खानों पर एनजीटी के मानकों का पालन करना ही होगा और इस मुद्दे पर कानून हाथ में लेने वालों को नहीं बख्शा जाएगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में बच्चों की मौत के लिए संबंधित सीएमओ जिम्मेदार होंगे. इसी तरह अगर भूख से कोई मौत होती है तो संबंधित जिलाधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा।
सत्ता हमारे लिए मौज मस्ती का अड्डा नहीं है।
योगी ने 11वीं, 12वीं कक्षा में विदेशी भाषा अनिवार्य होने से बच्चों का फायदा होने की बात कही और ऐलान किया कि जल्द ही पारदर्शिता के साथ शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
सभी अधिकारियों को 90 दिन का काम दिया गया है जिसकी रिपोर्ट 100 दिन के बाद खुद सीएम लेंगे।

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