योगी सरकार के गड्ढामुक्त सड़कों के वादे की जमीनी हकीकत, एक आई सामने रिपोर्ट पूरा सच जानकर हिल जायगे आप

योगी सरकार के पहले सौ दिनों के लिए महत्वपूर्ण गड्ढामुक्त अभियान परवान नहीं चढ़ सका। इसकी मियाद 15 जून को खत्म हो गई, पर बड़ी तादाद में सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके। अभियान के नोडल विभाग पीडब्ल्यूडी ने माना कि दिए गए लक्ष्य के अनुसार 37 फीसदी सड़कें अभी तक ठीक नहीं हो सकीं।योगी सरकार के गड्ढामुक्त सड़कों के वादे की जमीनी हकीकत, एक आई सामने रिपोर्ट पूरा सच जानकर हिल जायगे आप

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स्थिति यह है कि सिंचाई, पंचायतीराज, गन्ना और नगर विकास विभाग ने सीएम के आदेश की कोई परवाह नहीं की।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश दिया था। प्रदेश में कुल 3 लाख 58 हजार 7 किलोमीटर लंबी सड़कें हैं। इनमें से एक लाख 21 हजार 34 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त अभियान के तहत बनाई गई कार्ययोजना में शामिल किया गया।

पीडब्ल्यूडी के अलावा, पीडब्ल्यूडी की एनएच विंग, एनएचएआई, पंचायतीराज विभाग, मंडी परिषद, गन्ना विभाग, सिंचाई विभाग, यूपी ग्राम सड़क विकास अभिकरण, नगर निकाय और नगर निगमों को अपनी सड़कें 15 जून तक गड्ढामुक्त करने के लिए कहा गया।

अफसरों ने दिलाया ‌था काम पूरा करने का भरोसा
शुरुआत में इन विभागों के आला अधिकारियों ने सरकार को भरोसा दिलाया कि अभियान शत-प्रतिशत सफल होगा। जब सरकार ने गड्ढामुक्त अभियान की सफलता को लेकर जोर-जोर से घोषणा शुरू कर दी, तब यही अफसर दिक्कतें गिनाने लगे।
हालात का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि पीडब्ल्यूडी की एनएच विंग को महज 189 और एनएचएआई को 60 किमी. लंबी सड़कें ठीक करनी थीं, पर दोनों ही इस छोटे से लक्ष्य को भी हासिल नहीं कर सके। सिंचाई विभाग ने तो बजट की कमी का हवाला देकर शुरू से ही हाथ खड़े कर दिए क्योंकि उसकी प्राथमिकता नहरों की सिंचाई है।
पंचायतीराज विभाग और मंडी परिषद की प्रगति रिपोर्ट भी बेहद खराब रही। सरकार के वादे पूरे करने को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाले गन्ना विभाग के अधिकारियों ने भी अभियान की हवा निकालने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। वे लक्ष्य का 15 फीसदी हिस्सा भी पूरा नहीं करवा पाए। अलबत्ता पीडब्ल्यूडी ने जरूर 82 फीसदी सड़कों को सुधारा। हालांकि विभाग 1,0117 किलोमीटर लंबी ध्वस्त सड़कों को ठीक नहीं कर सका।
पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना है कि अपनी सभी सड़कों को दुरुस्त करने के लिए उसे 4220 करोड़ रुपये की जरूरत है, पर उसके पास इस मद में महज 1296 करोड़ रुपये ही उपलब्ध हैं।
बजट की कमी, ये कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी 
इस पर पीडब्‍ल्यूडी के अपर मुख्य सचिव सदाकांत का कहना है कि बजट की कमी और कई विपरीत परिस्थितियों के चलते हम उन सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं कर सके, जिनमें विशेष मरम्मत की जरूरत थी। लेखानुदान से मिली रकम का भरपूर उपयोग करते हुए हमने अधिकतम सड़कों को गड्ढामुक्त करने का प्रयास किया। अन्य विभागों की धीमी प्रगति पर सक्षम स्तर पर वार्ता की जा रही है।

किस विभाग ने कितना किया काम
विभाग–लक्ष्य–हासिल(%)
लोक निर्माण विभाग–85160–70030(82%)
एनएच विंग–189–139(74%)
एनएचएआई–60–49(81%)
पंचायतीराज विभाग–3890–333(9%)

मंडी परिषद–10193–2457(24%)
गन्ना विभाग–3716–489(13%)
सिंचाई विभाग–9668–0.00(0%)
पीएमजीएसवाई–1703–1637(96%)
नगर निकाय, नगर निगम–6455–1222(19%)
कुल–121034–76356(63%)

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