योगी सरकार ने वो कर दिखाया जो कोई नहीं कर पाया, अब UP बनेगा ‘अमेरिका’ जैसा

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनते ही पिछले लगभग दो महीनों में प्रदेश हित में ताबड़तोड़ फैसले लिए गए। शपथ लेने के बाद आदित्यनाथ के सबसे बड़े फैसलों में एक बेहद एहेम फैसला था प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाना। इस काम के लिए योगी सरकार ने सम्बंधित अधिकारियों को 15 जून तक का वक़्त दिया है। इस लक्ष्य के तहत काम जोर-शोर से शुरू कर दिया गया है। एक बार फिर इस विषय में जानकारी लेते हुए योगी आदित्य नाथ ने 40 दिन के भीतर 11,107 सड़कों के गड्ढे भरने के आदेश दिए हैं।ये भी पढ़े: गैंगरेप में गायत्री प्रजापति के दो साथियों के खिलाफ वारंट जारी किया

इसके लिए सरकार ने 1395 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। राज्य सरकार ने 6 मई को धनराशि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस कार्य को पूरा करने के लिए 15 जून तक का समय दिया है। इसके बाद से राज्य में मानसून की बारिश शुरू हो जाती है। बिजनेस अखबार इकॉनमिक टाइम्स के मुताबिक, सबसे ज्यादा गड्ढे लखनऊ जोन में है। इस जोन के भीतर राज्य की राजधानी और पड़ोसी जिले आते हैं, जहां 1632 सड़कें गड्ढों वाली हैं।

इस सूची में लखनऊ जोन के बाद फैजाबाद, इलाहाबाद, आजमगढ़, आगरा और गोरखपुर का नंबर आता है। इन छह जोन को भी सड़कों की मरम्मत के लिए सबसे ज्यादा पैसा दिया गया है। हालांकि झांसी और मुरादाबाद जोन में सड़कों की स्थिति बेहतर दिखाई पड़ती है। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए एक सर्वे के मुताबिक, राज्य की सड़कों के एक तिहाई हिस्से में गड्ढे हैं।

मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि इस बात पर कड़ी नजर रखी जाए कि सड़कों को रिपेयर करने में केवल अच्छी क्वालिटी मटेरियल का ही इस्तेमाल है। इसके अलावा प्रमुख सार्वजनिक प्रतिनिधि की मौजूदगी में कंस्ट्रक्शन की वीडियोग्राफी भी की जाएगी। हाल ही में मुख्यमंत्री ने एक बैठक की थी और सड़कों के सुधार को लेकर आदेश दिए थे। सीएम का कहना था कि सड़क के मामले में उत्तर प्रदेश की तस्वीर काफी खराब है।

उन्होंने कहा कि यहां की सड़कों को पड़ोसी राज्यों की सड़कों से बेहतर बनाया जाए। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री और अन्य मिनिस्टर सड़कों की रिपेयरिंग के काम का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश की तर्ज पर यूपी में भी सड़क निर्माण निगम का गठन किया जा सकता है।

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