यौन शोषण कांड: बालिका गृह में रात भर गूंजती थीं चीखें, विदेश तक भेजी जातीं थीं लड़कियां

मुजफ्फरपुर के बालिका गृह यौन शोषण कांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस चार्जशीट, केस डायरी व वरीय पुलिस अधिकारियों के पर्यवेक्षण रिपोर्ट में मुख्य अरोपित ब्रजेश ठाकुर तथा उसके रैकेट के संचालन में शामिल दलालों व कारिंदों की पूरी फेहरिस्त लिखी गई है। यह भी ज्ञात हुआ है कि शोषण की शिकार लड़कियां रातभर चीखतीं रहतीं थीं, लेकिन उन्हें बचाने की हिम्म्मत किसी में नहीं थी। ब्रजेश का जाल नेपाल व बांंग्लादेश तक फैला था। वह वहां तक लड़कियों की सप्लाई करता था। उसके गुर्गो में शूटर व चलती गाड़ी में दुष्कर्म करवाने वाले भी शामिल थे।मुजफ्फरपुर के बालिका गृह यौन शोषण कांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस चार्जशीट, केस डायरी व वरीय पुलिस अधिकारियों के पर्यवेक्षण रिपोर्ट में मुख्य अरोपित ब्रजेश ठाकुर तथा उसके रैकेट के संचालन में शामिल दलालों व कारिंदों की पूरी फेहरिस्त लिखी गई है। यह भी ज्ञात हुआ है कि शोषण की शिकार लड़कियां रातभर चीखतीं रहतीं थीं, लेकिन उन्हें बचाने की हिम्म्मत किसी में नहीं थी। ब्रजेश का जाल नेपाल व बांंग्लादेश तक फैला था। वह वहां तक लड़कियों की सप्लाई करता था। उसके गुर्गो में शूटर व चलती गाड़ी में दुष्कर्म करवाने वाले भी शामिल थे।   ब्रजेश ने लगा रखे थे कई चेहरे  मुजफ्फरपुर की 'सेवा संकल्प एवं विकास समिति' से जुड़े ब्रजेश ठाकुर व उसके गुर्गों ने कई चेहरे लगा रखे थे। बाहरी दुनिया में समाजसेवी व पत्रकार का चेहरा लगाकर शराफत की चादर ओढ़ रखी थी। पुलिस ने इस गिरोह के संरक्षक व संचालक के तौर पर ब्रजेश ठाकुर को चिह्नित किया है।   मुजफ्फरपुर यौन शोषण पार्ट 2: आरोपित ब्रजेश के एक और आश्रय गृह से 11 युवतियां लापता यह भी पढ़ें ब्रजेश अपने को अखबार का संपादक व एक न्यूज एजेंसी का रिपोर्टर बताकर सरकारी अधिकारियों पर धौंस जमाता था। हालांकि, जेल में जब उससे पूछताछ की गई तो उसने किसी को जानने तक से इनकार कर दिया। उसकी जमानत की अर्जी पर बहस के दौरान कोर्ट में यही बात कही गई थी। पुलिस चार्जशीट, केस डायरी व वरीय पुलिस अधिकारियों के पर्यवेक्षण रिपोर्ट में उसके रैकेट के संचालन में शामिल दलालों व कारिंदों की पूरी फेहरिस्त लिखी गई है। इसमें मधु, संजय उर्फ झूलन व रमाशंकर मुख्य हैं। इसके अलावा आधा दर्जन लड़कियां भी इस रैकेट में शामिल थीं। इन लड़कियों का काम ग्राहक लाना, लड़की सप्लाई करना, होटल में दारू पहुंचाना था। इससे अवैध कमाई को ब्रजेश को सौंपना था।  मधु के सहारे टेंडर भी लेता था ब्रजेश   यौन शोषण कांड: आज खोले जाएंगे बालिका गृह के कमरे, खुलेंगे महापाप के और कई राज यह भी पढ़ें पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रजेश ठाकुर के धंधे में मधु मुख्य कर्ताधर्ता थी। यह देह व्यापार से जुड़ी थी। सामाजिक जीवन में साफ सुथरी छवि रहे, इसके लिए वह संस्था के कार्यक्रमों में कार्यकर्ता की हैसियत से काम करती थी। उसे वामा शक्ति वाहिनी की कर्ताधर्ता बनाया गया। ऊंची पहुुंच के बल पर उसे बेतिया एचआइवी परियोजना दिलाया गया। उसका उपयोग अधिकारियों को अपने पाले में लेकर टेंडर हासिल करने में भी किया जाता था।   शूटर संजय उर्फ झूलन कराता था चलती गाड़ी में दुष्‍कर्म   मुजफ्फरपुर यौन शोषण मामला पर मानवाधिकार आयोग गंभीर, सरकार से मांगी रिपोर्ट यह भी पढ़ें पत्रकार का चोला पहन कर लोगों के सामने आना वाला संजय उर्फ झूलन गोली चलाने व चलती गाड़ी में रेप करवाने में माहिर है। वह ब्रजेश ठाकुर के शाही कारोबार देखना था। वह सरकारी कार्यालयों में दलाली भी करता था। पटना में वह ब्रजेश ठाकुर के पारिवारिक अखबार का काम भी देखता था।  काले धंधे में ब्रजेश का सहयोगी है रमाशंकर   बिहार गर्ल्स रिमांड होम मामला: लड़कियों ने कहा-हां, हमारे साथ गंदा काम होता था यह भी पढ़ें रमाशंकर को आदर्श महिला शिल्प कला केंद्र का सचिव बनाया गया था। उसका असली काम ब्रजेश के काले धंधे का संचालन में सहयोग करना था।  नेपाल व बंग्लादेश तक फैला नेटवर्क  ब्रजेश का रैकेट नेपाल व बंग्लादेश तक फैला हुआ है। वहां के ग्राहक व व्यापारी यहां से जुड़े थे। विदेशों में भी लड़कियों को भेजा जाता था।  मधु सहित ये सभी हैं जांच के दायरे में  बालिका गृह व सेवा संकल्प एवं विकास समिति एनजीओ से जुड़े वामा शक्ति वाहिनी की मधु, लेखापाल व भंडारपाल केपी गुप्ता, नर्स मुन्नी देवी, रसोइया मंजू देवी, सफाई कर्मचारी कुंज देवी, व्यवसायिक परीक्षक किरण मसीह, स्पेशल एजुकेटर पूजा भारती पुलिस की जांच के दायरे में है।  पड़ोसियों ने बताया: बालिका गृह से आती थी चिल्लाने की आवाज  पुलिस के समक्ष ब्रजेश ठाकुर के कुछ पड़ोसियों ने भी अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि ब्रजेश दबंग प्रवृति का व्यक्ति है। उसके भय से वे तथा आसपास के लोग कुछ भी नहीं बोलते थे। उसके काम में कोई हस्तक्षेप भी नहीं करते थे। इन लोगों ने बालिका गृह की बच्चियों के चिल्लाने की कई बार आवाज सुनने का दावा भी किया।

ब्रजेश ने लगा रखे थे कई चेहरे

मुजफ्फरपुर की ‘सेवा संकल्प एवं विकास समिति’ से जुड़े ब्रजेश ठाकुर व उसके गुर्गों ने कई चेहरे लगा रखे थे। बाहरी दुनिया में समाजसेवी व पत्रकार का चेहरा लगाकर शराफत की चादर ओढ़ रखी थी। पुलिस ने इस गिरोह के संरक्षक व संचालक के तौर पर ब्रजेश ठाकुर को चिह्नित किया है।

ब्रजेश अपने को अखबार का संपादक व एक न्यूज एजेंसी का रिपोर्टर बताकर सरकारी अधिकारियों पर धौंस जमाता था। हालांकि, जेल में जब उससे पूछताछ की गई तो उसने किसी को जानने तक से इनकार कर दिया। उसकी जमानत की अर्जी पर बहस के दौरान कोर्ट में यही बात कही गई थी। पुलिस चार्जशीट, केस डायरी व वरीय पुलिस अधिकारियों के पर्यवेक्षण रिपोर्ट में उसके रैकेट के संचालन में शामिल दलालों व कारिंदों की पूरी फेहरिस्त लिखी गई है। इसमें मधु, संजय उर्फ झूलन व रमाशंकर मुख्य हैं। इसके अलावा आधा दर्जन लड़कियां भी इस रैकेट में शामिल थीं। इन लड़कियों का काम ग्राहक लाना, लड़की सप्लाई करना, होटल में दारू पहुंचाना था। इससे अवैध कमाई को ब्रजेश को सौंपना था।

मधु के सहारे टेंडर भी लेता था ब्रजेश

पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रजेश ठाकुर के धंधे में मधु मुख्य कर्ताधर्ता थी। यह देह व्यापार से जुड़ी थी। सामाजिक जीवन में साफ सुथरी छवि रहे, इसके लिए वह संस्था के कार्यक्रमों में कार्यकर्ता की हैसियत से काम करती थी। उसे वामा शक्ति वाहिनी की कर्ताधर्ता बनाया गया। ऊंची पहुुंच के बल पर उसे बेतिया एचआइवी परियोजना दिलाया गया। उसका उपयोग अधिकारियों को अपने पाले में लेकर टेंडर हासिल करने में भी किया जाता था। 

शूटर संजय उर्फ झूलन कराता था चलती गाड़ी में दुष्‍कर्म

पत्रकार का चोला पहन कर लोगों के सामने आना वाला संजय उर्फ झूलन गोली चलाने व चलती गाड़ी में रेप करवाने में माहिर है। वह ब्रजेश ठाकुर के शाही कारोबार देखना था। वह सरकारी कार्यालयों में दलाली भी करता था। पटना में वह ब्रजेश ठाकुर के पारिवारिक अखबार का काम भी देखता था।

काले धंधे में ब्रजेश का सहयोगी है रमाशंकर

रमाशंकर को आदर्श महिला शिल्प कला केंद्र का सचिव बनाया गया था। उसका असली काम ब्रजेश के काले धंधे का संचालन में सहयोग करना था।

नेपाल व बंग्लादेश तक फैला नेटवर्क

ब्रजेश का रैकेट नेपाल व बंग्लादेश तक फैला हुआ है। वहां के ग्राहक व व्यापारी यहां से जुड़े थे। विदेशों में भी लड़कियों को भेजा जाता था।

मधु सहित ये सभी हैं जांच के दायरे में

बालिका गृह व सेवा संकल्प एवं विकास समिति एनजीओ से जुड़े वामा शक्ति वाहिनी की मधु, लेखापाल व भंडारपाल केपी गुप्ता, नर्स मुन्नी देवी, रसोइया मंजू देवी, सफाई कर्मचारी कुंज देवी, व्यवसायिक परीक्षक किरण मसीह, स्पेशल एजुकेटर पूजा भारती पुलिस की जांच के दायरे में है।

पड़ोसियों ने बताया: बालिका गृह से आती थी चिल्लाने की आवाज

पुलिस के समक्ष ब्रजेश ठाकुर के कुछ पड़ोसियों ने भी अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि ब्रजेश दबंग प्रवृति का व्यक्ति है। उसके भय से वे तथा आसपास के लोग कुछ भी नहीं बोलते थे। उसके काम में कोई हस्तक्षेप भी नहीं करते थे। इन लोगों ने बालिका गृह की बच्चियों के चिल्लाने की कई बार आवाज सुनने का दावा भी किया।

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