राजद अध्‍यक्ष लालू ने की चुटकी: बोले- BJP के जाल में फसे नीतीश, हम नहीं डरेंगे……

राजद अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भागलपुर में सृजन घोटाला के खिलाफ रैली में पीएम नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। लालू ने कहा कि सृजन में नीतीश कुमार पूरी तरह फंस चुके हैं। इसी बात का फायदा उठाकर भाजपा ने उन्‍हें ब्‍लैकमेल किया और वे महागठबंधन तोड़कर एनडीए के साथ चले गये। लेकिन मैं नरेंद्र मोदी की घुड़कियों से डरने वाला नहीं हूं। मैं तो 20 साल से केस लड़ रहा हूं। नरेंद्र मोदी मोदी को धूल चटाकर ही दम लूंगा।  राजद अध्‍यक्ष लालू ने की चुटकी: बोले- BJP के जाल में फसे नीतीश, हम नहीं डरेंगे......Breaking: तीन तालक पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक शुरु!

सृजन के दुर्जनों का विसर्जन रैली को संबोधित करते हुए लालू यादव ने कहा कि इस रैली को दिल्ली से बाधित करने का प्रयास किया गया। सीबीआइ का इस्तेमाल किया गया। मुझे और तेजस्वी यादव को दिल्ली आने का समन भेजा गया। कहा गया कि कुछ पूछना है। हमने सीबीआइ को लिख कर भेज दिया कि भागलपुर में महाघोटाला हुआ है। इसके कई सारे सबूत मेरे पास हैं। पूछताछ की तारीख को आगे बढ़ा दिया जाये।

लालू ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि हमने तो तिलक लगाकर उसे बिहार की गद्दी सौंप दी। हमारे 80 विधायक हैं और नीतीश के 71। फिर भी हमने वही किया जो कहा था। लोग कहते हैं कि मुझे पुत्र मोह है। यदि ऐसा होता तो मैं उसी समय तेजस्‍वी को मुख्‍यमंत्री बनाने की बात करता। लेकिन ऐसा नहीं किया। हमने यह साफ कर दिया है कि तेजस्‍वी गरीब, पिछड़े और दलितों के आर्शिवाद से मुख्‍यमंत्री बनेगा।  

लालू ने नीतीश पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, एगो छौड़ी बुलकी, जने देखे दही चूड़ा, ओने जा के हुलकी। वही हाल नीतीश कुमार का है। जब बीजेपी वालों ने कहा कि सृजन घोटाला में आपका नाम सामने आ रहा है। यदि हमारे साथ नहीं आये तो जेल जाना पड़ेगा। सृजन घोटाले की खबर भाजपा के नेताओं को थी। मुख्यमंत्री भी इस बात को अच्छी तरह जानते थे। इसलिए बीजेपी ने ब्‍लैकमेल किया और नीतीश उसके साथ चले गये। 

सृजन घोटाले पर बोलते हुए लालू ने कहा कि नीतीश कुमार, सुशील मोदी, अश्चिनी चौबे पर अभी तक एफआइआर कयों नहीं हुआ ? मेरे उपर चारा घोटाले में मामला दर्ज किया गया, लेकिन इन लोगों पर नहीं हुआ। यदि भागलपुर के लोग मेहनत नहीं करते तो सृजन घोटाले को दबा दिया जाता। 

शहनवाज हुसैन पर कटाक्ष करते हुए लालू ने कहा कि उसकी गर्लफ्रेंड सृजन में थी। वह उसको मिठाई खिलाते हुए तस्‍वीर खिंचवाते हैं। शहनवाज उसके पास केक खाने के लिए जाते थे। 

सीएम नीतीश को पलटूराम कहते हुए लालू ने पूछा कि जब जब भागलपुर आये तो सर्किट हाउस में न ठहकर मिश्रा के घर में क्‍यों ठहरते थे। नीतीश कुमार को जनता का पैसा बर्बाद करने का हक नहीं है। उन्‍हें पाई-पाई का हिसाब देना होगा।

बिहार के बच्‍चे अस्‍पताल में मर रहे हैं। डॉक्‍टर नहीं हैं। दवा नहीं है और नीतीश कुमार राजगीर के तपोवन में जाते हैं। प्राकृतिक चिकित्‍सा करवाने। बतायें कि उनके और प्राकृतिक चिकित्‍सक जेता सिंह के बीच क्‍या संबंध है। मुख्‍यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।

नोटबंदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इसमें पूंजीपतियों का पैसा सफेद हो गया और गरीब आदमी लाइन में लगकर मर गया। रिजर्वेशन को खत्‍म कर दिया गया। आज भाजपा का सांसद निशिकांकत दुबे भागलपुर में बड़ा मॉल बना रहा है। उसमें सृजन का पैसा लगा है। लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। मेरे उपर तरह-तरह के मामले दर्ज करवाये जा रहे हैं। लेकिन हम नरेंद्र मोदी के घुड़की से डरने वाले नहीं है। 20 साल से केस झेल रहे हैं। जब इतने दिन में नहीं डरे तो अब क्‍या डरेंगे। मोदी को धूल चटाकर रहेंगे।

इस मौके पर लालू ने कहा कि नीतीश कुमार ने सिपाही बनने के लिए इंटर की परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया है। हमारी सरकार आयेगी तो फिर से नन-मैट्रिक पास वालों को सिपाही बनाया जायेगा।

वहीं सभा को संबोधित करते हुए राजद अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव के पुत्र और बिहार के पूर्व उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव ने क‍हा कि इस सभा का नाम सृजन के दुर्जनों का विसर्जन रखा गया है। पटना की भाजपा भगाओ देश बचाओ रैली में हमने एलान किया था कि बिहार के हर जिला में जाकर सृजन के दुर्जनों का पर्दाफाश करेंगे। भागलपुर में ही इस घोटाले की शुरूआत हुई है। करीब 2000 करोड़ का घोटाला हुआ है। 

आज बिहार की सरकार सत्ता के नशे में अंधी है। नीतीश, सुशील मोदी, शहनवाज, निशिकांत सभी ने मिलकर खजाना लूटा। तेजस्वी तो एक बहाना था, असली मकसद तो बीजेपी की गोद में जाना था। सृजन घोटाले को छुपाना था। 

जब हम सरकार में थे तो तो इन्हें घोटाला करने का मौका नहीं मिल रहा था। उन्‍हें घोटाला करने वाला पार्टनर चाहिए था। इस‍लिए वे भाजपा के साथ चले गये। 

तेजस्वी ने पूछा कि जब सृजन घोटाला हुआ तो कहां गया आपका अंतरात्मा। आपको तो इस्तीफा देना चाहिए था। आपके अंदर लानत आत्मा है। मोदी आत्‍मा है। जब तक बिहार की जनता सड़कों पर नहीं उतरेगी, सृजन के घोटालेबाजों पर कार्रवाई नहीं हो पायेगी। 

नीतीश कुमार ने जनादेश का अपमान किया है। वे न सिर्फ नैतिक भ्रष्टाचार के पितामह हैं, बल्कि गरीबों को धोखा देने का काम किया है। वित्‍त मंत्री रहते हुए उन्‍हें सब पता था, लेकिन उन्‍होंने न तो दोषियों पर कार्रवाई की और न हीं जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया। संजीत कुमार के पत्र को मुख्यमंत्री के इशारे पर दबा दिया गया। हर बार घोटाले को उजगार नही होने दिया गया। 

सुशील मोदी इस घोटाले में पूरी तरह लिप्त हैं। सुशील मोदी के बहन के खाते में सृजन के खाते से करोड़ों रूपये जमा किया गया। सुशील मोदी के बिजनेस पार्टनर जालान पर अब तक कोई करवाई नहीं। लेकिन इसमें कोई कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन जब हमने इस घोटाले को उजागर करने का काम किया तो हमारे परिवार को दबाने का काम किया गया। हमारे उपर झूठे मुकदमे कर दिये गये।

सुशील मोदी ने बड़े पैमाने पर कालाधन बनाया है। भाई की कंपनी में करोड़ों का निवेश किया है। लेकिन घोटाले में नाम नहीं आये इसलिए उन्‍होने अपने भाई को भी पहचानने से भी इंकार कर दिया। सुशील मोदी का व्‍यवसायिक और खून का रिश्‍ता रेखा मोदी है। 

आज सीबीआइ इस मामले की जांच कर रही है। हम जानते हैं कि दोनों जगह उनकी ही सरकार है। सीबीआई पर सृजन घोटाले को दबाने का है दबाव है। लेकिन सीबीआइ इस घोटाले की निष्पक्ष होकर जांच करें। हम पूछना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री अभी एफआइआर दर्ज क्‍यों नहीं किया गया। मुख्‍यमंत्री के इशारे पर सबूत को नष्‍ट करने का काम किया जा रहा है। यह व्‍यापम से भी बड़ा घोटाला है। जेल में बंद आरोपितों के जान को ख़तरा है। साजिश के तहत उन्हें मारकर घोटाले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। 

हमारी मांग है कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच हो। कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाये। मनोरमा के बेटे और पुत्र वधू को विदेश भेज दिया गया है। सबूत नष्ट करने वालों पर भी एफआइआर हो। 

जब हम पहली बार आये तो धारा 144 लगा दिया गया। रहने के लिए सर्किट हाउस भी नहीं दिया गया। लेकिन हमने उसी दिन कह दिया था, कि हम रैली कर के रहेंगे। घोटाले का हर हाल में पर्दाफाश करेंगे। अधिकारियों ने मुख्‍यमंत्री के इशारे पर सबौर प्रखंड में भी मेरी सभा नहीं होने दी।

नीतीश कुमार कहते हैं कि मैंने इस घोटाले का पर्दाफाश करने का काम किया। हम पूछते हैं कि आपको तो 2013 में ही इसकी जानकारी हो गई थी, उस समय चुप क्‍यों थे। नीतीश कुमार विकास पुरूष नहीं भ्रष्टाचारी पुरूष हैं। 

तेजस्‍वी ने पूछा कि मुख्‍यमंत्री यह बतायें कि उदयकांत मिश्रा कौन हैं? आखिर उनके साथ नीतीश कुमार का क्‍या रिश्‍ता है? नीतीश क्‍यों भागलपुर में उनके यहां माथा टेकने जाते हैं। 

नीतीश जी गरीबों की आवाज को सुनिये, उस आवाज को सुनिये जिसने वोट देकर आपको मुख्‍यमंत्री बनाया। वह आज आपसे इस्तीफा मांग रही है। सुशील मोदी का इस्‍तीफा मांग रही है। आज वे यहां लालू के पुत्र की हैसियत से नहीं, बल्कि धर्मपुत्र बनकर आये हैं। यदि यदि सृजन महिला से जुडी संस्था की महिलाओं का पैसा वापिस नहीं हुआ तो वे लोग सृजन में धरने पर बैठेंगे। 

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए तेजस्‍वी ने कहा कि आडवाणी का रथ भी हमारे पिता लालू यादव ने ही रोका था और अब मोदी के रथ को भी रोकेंगे।

रैली में तेजप्रताप यादव अपने पिता लालू यादव के रंग में नजर आये। पिता के अंदाज में माइक वालों को कहा कि जरा आवाज बढ़ाइये ताकि जनता को सब साफ-साफ सुनाई दे। सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सृजन घोटाले में शामिल किसी को हम छोड़ने वाले नहीं है। पूरे बिहार में इसका पर्दाफाश हो रहा है।

जदयू पर निशाना साधते हुए कहा कि नीरज कुमार जो लेटर भेजते हैं, मेरी मां राबड़ी देवी पर अारोप लगाते हैं। कुछ ही समय में दुर्गापूजा आ रहा है। जिस तरह से महिषासुर का वध मां दुर्गा ने किया था, मेरी मां नीरज कुमार जैसे महिषासुर का वध करेगी। सृजन के दुर्जनों का संहार करेगी। पूरा बिहार लालू एंड फैमली है। जिसको हमसे लड़ना है, मैदान में आकर लड़े। पता चल जायेगा कि किसमें कितना दम है। 

रैली के दौरान लालू के करीब पहुंचने की होड़ में भीड़ बेकाबू हो गई। समर्थक बैरिकेड को ताेड़ ‘डी’ एरिया में घुस गए। उन्‍हें सुरक्षा कर्मियों ने बाहर निकाला। रैली में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद व उनके दोनों बेटे नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव तथा पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव, पार्टी उपाध्‍यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह, एमएलए रामदेव यादवां, सांसद बुलो मंडल सहित कई अन्‍य नेता शामिल हुए। 

लालू से मिलने वालों का लगा तांता

रैली के पहले भागलपुर पहुंचे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद स्‍थानीय परिसदन में ठहरे। परिसदन परिसर नेताओं व कार्यकर्ताओं से भरा रहा। व‍हां लालू से मिलने पीरपैंती विधायक राम विलास पासवान, कटोरिया की विधायक स्वीटी हेम्ब्रम, सांसद जयप्रकाश नारायण यादव व पूर्व मंत्री सुरेश पासवान सहित इलाके के सभी बड़े राजद नेता पहुंचे।

लालू को राज्‍य सरकार कि खिलाफ मिला सृजन का हथियार

राज्य में महागठबंधन सरकार के बिखरने और सत्ता से राजद के बेदखल होने के बाद भाजपा-जदयू की सरकार से लालू-तेजस्वी खफा हैं। कई तरह के आरोपों से घिरे लालू को सृजन घोटाले के रूप में नया हथियार मिल गया है। राजद प्रमुख की नजरों में यह मध्य प्रदेश के ‘व्यापम’ घोटाले की तरह है, जिसे तूल देकर वे अपने सियासी प्रतिद्वंद्वियों को उसी दलदल में खींचने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें विरोधियों ने उन्हें पहले से खींच रखा है। चारा घोटाले में अदालत का सामना कर रहे राजद प्रमुख सृजन को बिहार का सबसे बड़ा घोटाला बताकर समर्थकों की सहानुभूति अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं।

नीतीश-सुशील मोदी को घेरने को ले तेजस्‍वी भी मुखर

तेजस्वी भी सृजन घोटाले के मुद्दे पर लगातार मुखर हैं। वे सीएम नीतीश कुमार एवं उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर लगातार हमले कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष भाजपा-जदयू की सरकार को कठघरे में खड़ा करने की तैयारी में हैं। तेजस्वी ने 27 अगस्त को ही पटना के गांधी मैदान की भाजपा भगाओ रैली के दौरान मंच से ही इस यात्रा का ऐलान कर रखा था। इसके पहले विधानमंडल के मानसून सत्र में भी राजद के विधायकों ने लगातार पांच दिनों तक इसी मुद्दे पर सदन में हंगामा किया था।

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