राजनाथ का बयान, जाति-धर्म के नाम पर नहीं होने देंगे भेदभाव

नई दिल्लीः भाजपा नेता तरुण विजय के नस्लीय बयान को लेकर लोकसभा में सोमवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में जाति- धर्म, रंग-भेद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां ऐसी चीजों की जगह नहीं है। उन्होंने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि तरुण विजय ने माफी मांग ली है तो अब कैसा एक्शन।

सीएम योगी ने पीएम मोदी को दिया एक-एक काम का हिसाब, घंटों चली बैठकमल्लिकार्जुन खडगे ने उठाया मुद्दा
संसद में विपक्ष नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे काे उठाते हुए केंद्र सरकार से पूछा कि आपने तरुण विजय के खिलाफ क्या एक्शन लिया, अगर आप एक्शन नहीं लेते हैं तो हम सदन के भीतर ही नहीं बल्कि बाहर भी प्रदर्शन करेंगे। खड़गे ने कहा कि दक्षिण भारत में रहने वाले लोग क्या देश का हिस्सा नहीं हैं। ये आपकी मानसिकता दिखाता है। आप भारत को बांटना चाहते हैं। 

हम सदन में नहीं बोलेंगे तब कहां बोलेंगे
वहीं लाेकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि हिन्दुस्तान इतना बड़ा देश है. कोई भी, कहीं भी कुछ भी बोले और इस विषय पर सदन को बाधित करना ठीक नहीं है। वे इस सदन के सदस्य भी नहीं है। इस पर खडगे ने सवाल किया कि हम सदन में नहीं बोलेंगे तब कहां बोलेंगे? कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी पार्टी सदस्यों से कुछ कहते देखा गया। इसके बाद कांग्रेस सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस सदस्य ‘ये अपमान नहीं सहेंगे, भेदभाव बंद करो’ के नारे लगा रहे थे।

क्या है पूरा मामला
हाल ही में अफ्रीकी छात्रों पर हमले के बाद नस्लभेद के आरोपों पर भारत का बचाव करते हुए भाजपा नेता तरूण विजय ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा था कि हमारे यहां अश्वेत लोग हर तरफ हैं। इसलिए भारतीयों को नस्ली कहना गलत होगा। ऐसा होता तो हम दक्षिण भारतीयों के साथ कैसे रह पाते। हालांकि, सोशल मीडिया पर विवाद पैदा होते देख उन्होंने अपने बयान पर माफी मांग ली थी।

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