राज्यपाल संभालेंगे नई उद्योग नीति बनाने की जिम्मेदारी

राज्य में नई उद्योग नीति बनाकर देश से बड़े उद्यमियों को यहां आकर्षित करने के अभियान की कमान राज्यपाल एनएन वोहरा खुद संभालेंगे। शुक्रवार को राज्य सरकार ने तीन साल पहले बनी कमेटी को निरस्त करते हुए राज्यपाल की अध्यक्षता वाली 21 सदस्यीय कमेटी बना दी।राज्य में नई उद्योग नीति बनाकर देश से बड़े उद्यमियों को यहां आकर्षित करने के अभियान की कमान राज्यपाल एनएन वोहरा खुद संभालेंगे। शुक्रवार को राज्य सरकार ने तीन साल पहले बनी कमेटी को निरस्त करते हुए राज्यपाल की अध्यक्षता वाली 21 सदस्यीय कमेटी बना दी।   यह कमेटी राज्य में उद्योग के फलने फूलने का माहौल बनाने के साथ औद्योगिक संगठनों द्वारा समय-समय पर उठाए जाने वाले मसलों को हल करने की कारवाई करेगी। उच्च स्तरीय यह कमेटी हर तीन महीने बाद बैठक कर राज्य में उद्योग को सरकार बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर विचार विमर्श करेगी।  भाजपा-पीडीपी सरकार के कार्यकाल में जुलाई 2015 में शुरू ईज आफ डुइंग बिजनेस अभियान आगे नहीं बढ़ पाया। अब राज्यपाल शासन में इस दिशा में नए सिरे से पहल की गई है। ऐसे में नए सिरे से बनाई गई कमेटी के सदस्यों में उद्योग विभाग का जिम्मा संभालने वाले राज्यपाल के सलाहकार, मुख्यसचिव, योजना, उद्योग, रोजगार, वन, बिजली, राजस्व, सूचना एवं तकनीक, कृषि विभागों के प्रशासनिक सचिव शामिल हैं।   जम्मू कश्मीर में कांग्रेस के 22 जिला प्रधान घोषित यह भी पढ़ें उनके साथ प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के चेयरमैन, कमिश्नर कमर्शियल टैक्स, केंद्र सरकार के उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव, संयुक्त सचिव डीआइपीपी, चैंबर ऑफ कॉमर्स जम्मू व कश्मीर के प्रधान व कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के प्रधान भी इसके साथ सदस्य होंगे।  इसी बीच कमेटी के चेयरमैन चाहें तो वह किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में इस कमेटी में शामिल कर सकते हैं। उच्च स्तरीय इस कमेटी को काम करने में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से सहयोग दिया जाएगा।

यह कमेटी राज्य में उद्योग के फलने फूलने का माहौल बनाने के साथ औद्योगिक संगठनों द्वारा समय-समय पर उठाए जाने वाले मसलों को हल करने की कारवाई करेगी। उच्च स्तरीय यह कमेटी हर तीन महीने बाद बैठक कर राज्य में उद्योग को सरकार बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर विचार विमर्श करेगी।

भाजपा-पीडीपी सरकार के कार्यकाल में जुलाई 2015 में शुरू ईज आफ डुइंग बिजनेस अभियान आगे नहीं बढ़ पाया। अब राज्यपाल शासन में इस दिशा में नए सिरे से पहल की गई है। ऐसे में नए सिरे से बनाई गई कमेटी के सदस्यों में उद्योग विभाग का जिम्मा संभालने वाले राज्यपाल के सलाहकार, मुख्यसचिव, योजना, उद्योग, रोजगार, वन, बिजली, राजस्व, सूचना एवं तकनीक, कृषि विभागों के प्रशासनिक सचिव शामिल हैं।

उनके साथ प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के चेयरमैन, कमिश्नर कमर्शियल टैक्स, केंद्र सरकार के उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव, संयुक्त सचिव डीआइपीपी, चैंबर ऑफ कॉमर्स जम्मू व कश्मीर के प्रधान व कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के प्रधान भी इसके साथ सदस्य होंगे।

इसी बीच कमेटी के चेयरमैन चाहें तो वह किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में इस कमेटी में शामिल कर सकते हैं। उच्च स्तरीय इस कमेटी को काम करने में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से सहयोग दिया जाएगा।

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