राज्यसभा चुनाव: सपा-बसपा की दोस्ती को बड़ा झटका देने को तैयार भाजपा

भाजपा के दांव से राज्यसभा चुनाव में जंग का मैदान सज गया है। सपा-बसपा के किसी एक  प्रत्याशी को राज्यसभा जाने से रोकने के लिए भाजपा ने सोमवार को अनिल अग्रवाल के रूप में नौवां प्रत्याशी उतार दिया। इनके अलावा दो अन्य नेताओं सलिल विश्नोई और विद्यासागर सोनकर ने भी नामांकन दाखिल किए हैं। इस तरह भाजपा ने 11 उम्मीदवारों को उतार दिया है। जनसंघ के प्रत्याशी के तौर पर महेश चन्द्र शर्मा ने पर्चा भरा है लेकिन उनके नामांकन पत्र में कोई प्रस्तावक नहीं है।राज्यसभा चुनाव: सपा-बसपा की दोस्ती को बड़ा झटका देने को तैयार भाजपा

 

माना जा रहा है कि भाजपा के नौ प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे और दो के नाम वापस करा दिए जाएंगे। भाजपा ने नामांकन के अंतिम दिन 11 उम्मीदवार उतारकर चुनाव को रोमांचक मोड़ पर पहुंचा दिया। 11 उम्मीदवारों का नामांकन कराने से यह साफ हो गया है कि पार्टी के नीति निर्धारक चुनाव के जरिए सपा-बसपा की दोस्ती को झटका देना चाहते हैं।

भाजपा सपा-बसपा में सेंधमारी करके यह साबित करने की कोशिश करेगी कि उनके विधायकों का अपने नेतृत्व में पूरा भरोसा नहीं है। भाजपा की रणनीति को अमली जामा पहनाने के लिए सोमवार को दिन भर सियासी घटनाक्रम चलता रहा। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा घोषित आठ उम्मीदवारों ने दो चरणों में नामांकन किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय के साथ 11.30 बजे वित्त मंत्री अरुण जेटली विधानभवन के सेंट्रल हॉल पहुंचे।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा सहित सरकार के मंत्रियों, भाजपा पदाधिकारियों व विधायकों की मौजूदगी में जेटली ने निर्वाचन अधिकारी पूनम को नामांकन पत्र सौंपा। दूसरे चरण में दोपहर 1.05 बजे भाजपा प्रत्याशी डॉ. अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हा राव, अशोक वाजपेयी, विजय पाल सिंह तोमर, कांता कर्दम, सकलदीप राजभर और हरनाथ सिंह यादव ने नामांकन दाखिल किए। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष से नौवें प्रत्याशी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, प्रतीक्षा कीजिए। इसी से अंदाज लग गया कि भाजपा नौवां उम्मीदवार उतारेगी।

इस तरह आए नौवें प्रत्याशी अनिल

भाजपा के नौवें उम्मीदवार गाजियाबाद निवासी अनिल अग्रवाल ने दोपहर 1.45 बजे  कुछ विधायकों, कार्यकर्ताओं के साथ सेंट्रल हॉल पहुंचकर पर्चा दाखिल किया। उनके जाने के कुछ देर बाद ही करीब 2 बजे प्रदेश अध्यक्ष पांडेय और उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य फिर सेंट्रल हाल आए।

उन्होंने बताया कि भाजपा अनिल अग्रवाल को नौवें  प्रत्याशी के रूप में उतार रही है। जब उन्हें पता चला कि अग्रवाल पर्चा दाखिल करके जा चुके हैं तो वे चौंक गए। पांडेय और मौर्य ने निर्वाचन कार्य में जुटे अधिकारियों के पास अग्रवाल का नामांकन पत्र देखा तो संतुष्ट होकर लौट गए।

अतिम समय में 9-2-11
नौवें उम्मीदवार अनिल अग्रवाल के नामांकन दाखिल करने के बाद कयासबाजी चल ही रही थी कि नामांकन का समय समाप्त होने से 20 मिनट पहले 2.40 बजे भाजपा के प्रदेश महामंत्री सलिल विश्नोई और विद्यासागर सोनकर ने भी नामांकन दाखिल कर सियासी सरगर्मी को हवा दे दी। भाजपा के नौ प्रत्याशियों के नामांकन पहले हो चुके थे। दो और आ गए। कुल 11 प्रत्याशी हो गए। एक भाजपा विधायक ने कहा, अब हुआ 9-2-11

महेश चंद शर्मा ने भरा पर्चा, मना करने के बाद ले लिया गया पर्चा

निर्दलीय उम्मीदवार महेश चंद शर्मा ने भी नामांकन दाखिल किया। उनके पर्चे पर प्रस्तावकों के नाम और दस्तखत नहीं होने पर निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्र लेने में असमर्थता जताई। शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय का हवाला देते हुए कहा, इसमें प्रस्तावक की आवश्यकता नहीं है।

उनके तर्क के बाद निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन पत्र ले लिया। शर्मा ने कहा, वह जनसंघ के नेता हैं और 2004 में लखनऊ से अटल बिहारी वाजपेयी समेत कई बड़े नेताओं के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।

कहीं इसलिए तो नहीं आए 11 प्रत्याशी
भाजपा के 11 प्रत्याशी उतारने की रणनीति का अभी खुलासा नहीं हुआ है। अटकलें हैं कि अंतिम नौ प्रत्याशी कौन होंगे। सूत्रों का कहना है कि पहले दाखिल हुए नौ पर्चों में किसी का पर्चा खारिज होने की स्थिति में एहतियाती तौर पर दो अतिरिक्त नामांकन कराए गए हैं। उम्मीद है कि नामांकन पत्रों की जांच के बाद दो उम्मीदवार नाम वापस ले लेंगे।

नाम वापसी के बाद 15 को साफ होगी तस्वीर

राज्यसभा चुनाव की तस्वीर 15 मार्च को नामांकन पत्रों की वापसी के बाद साफ होगी। दस सीटों के चुनाव के लिए कुल 14 नामांकन दाखिल हुए हैं। सपा-बसपा के एक-एक और भाजपा के 11 उम्मीदवारों ने पर्चे भरे हैं। एक पर्चा जनसंघ नेता महेश चन्द्र शर्मा ने दाखिल किया है।

नामांकन पत्रों की जांच 13 मार्च को होगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 15 मार्च है। भाजपा ने 11 उम्मीदवार उतारे हैं। उसके पास 8 उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त मत हैं। नौवें  उम्मीदवार को जिताने के लिए उसे जोड़-तोड़ का सहारा लेना पड़ेगा। ऐसे में साफ है कि पार्टी दो उम्मीदवारों का नामांकन वापस कराएगी। भाजपा के प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर और सलिल विश्नोई का नामांकन चुनावी रणनीति के तहत दाखिल कराया गया है।

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