राष्ट्रपति कोविंद आज सियाचिन दौरे पर

14 सालों बाद एक बार फिर जम्मू कश्मीर के सियाचिन का दौरा करंगे. 2004 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम में सियाचिन दूर किया था, जिसके बाद से कोई भारतीय राष्ट्रपति सियाचिन नहीं गया है. लेकिन आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, सियाचिन स्थित सेना के बेस कैंप का दौरा करेंगे.  इसके बाद वह 13 और 14 मई को राजस्थान में रहेंगे,  अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान वह अजमेर दरगाह पर जियारत करने पहुंचेंगे. इस दौरान राष्ट्रपति के जयपुर में बिड़ला ऑडिटोरियम में एक समारोह में भी भाग लेने की संभावना है. 14 सालों बाद एक बार फिर जम्मू कश्मीर के सियाचिन का दौरा करंगे. 2004 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम में सियाचिन दूर किया था, जिसके बाद से कोई भारतीय राष्ट्रपति सियाचिन नहीं गया है. लेकिन आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, सियाचिन स्थित सेना के बेस कैंप का दौरा करेंगे.  इसके बाद वह 13 और 14 मई को राजस्थान में रहेंगे,  अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान वह अजमेर दरगाह पर जियारत करने पहुंचेंगे. इस दौरान राष्ट्रपति के जयपुर में बिड़ला ऑडिटोरियम में एक समारोह में भी भाग लेने की संभावना है.   राष्ट्रपति भवन से मिली जानकारी के मुताबिक आज राष्ट्रपति सेना के बेस कैंप में जाकर जवानों से चर्चा करेंगे, राष्ट्रपति कोविंद अपने दौरे के दौरान कुमार पोस्ट भी जाएंगे. गौरतलब है कि सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है, जहां जवानों को दुश्मन के साथ-साथ मौसम से भी जूझना पड़ता है. सियाचिन की ऊंचाई 22,000 फीट है (विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 29,000 फीट है) और तापमान न्यूनतम से 45 डिग्री सेल्सियस से भी कम रहता है.  इससे पहले राष्ट्रपति कोविंद अरुणाचल प्रदेश में भी जवानों की हौसला-अफ़ज़ाई के लिए जा चुके हैं, उनकी इस यात्रा पर चीन ने आपत्ति भी दर्ज कराइ थी, . तब चीन ने कहा था कि भारत को ऐसे समय में सीमा विवाद को ‘जटिल बनाने’ से बचना चाहिए जब दोपक्षीय रिश्ते ‘निर्णायक क्षण’ में हों.

राष्ट्रपति भवन से मिली जानकारी के मुताबिक आज राष्ट्रपति सेना के बेस कैंप में जाकर जवानों से चर्चा करेंगे, राष्ट्रपति कोविंद अपने दौरे के दौरान कुमार पोस्ट भी जाएंगे. गौरतलब है कि सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है, जहां जवानों को दुश्मन के साथ-साथ मौसम से भी जूझना पड़ता है. सियाचिन की ऊंचाई 22,000 फीट है (विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 29,000 फीट है) और तापमान न्यूनतम से 45 डिग्री सेल्सियस से भी कम रहता है.

इससे पहले राष्ट्रपति कोविंद अरुणाचल प्रदेश में भी जवानों की हौसला-अफ़ज़ाई के लिए जा चुके हैं, उनकी इस यात्रा पर चीन ने आपत्ति भी दर्ज कराइ थी, . तब चीन ने कहा था कि भारत को ऐसे समय में सीमा विवाद को ‘जटिल बनाने’ से बचना चाहिए जब दोपक्षीय रिश्ते ‘निर्णायक क्षण’ में हों. 

You May Also Like

English News