राष्ट्रपति चुनाव: मुलायम NDA कैंडिडेट के साथ, अखिलेश को भी लगा झटका…

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर मुलायम सिंह यादव के रुख से समाजवादी पार्टी असहज है। मुलायम ने राष्ट्रपति पद के लिए बेहतर प्रत्याशी की अपेक्षा जताते हुए एनडीए को समर्थन का भरोसा दिलाया है। इसके विपरीत सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार के पक्ष में हैं।राष्ट्रपति चुनाव: मुलायम NDA कैंडिडेट के साथ, अखिलेश को भी लगा झटका...

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राष्ट्रपति का चुनाव 17 जुलाई को होना है, लेकिन अभी तक सत्ता पक्ष या विपक्ष ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। डिनर डिप्लोमेसी चल रही है। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह व वेंकैया नायडू विपक्षी नेताओं का मन टटोल रहे हैं।

उन्होंने सपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से भी इस मुद्दे पर बातचीत की है। मुलायम ने बताया कि किस तरह उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए एपीजे अब्दुल कलाम का नाम चलाया था और एनडीए ने उन्हें प्रत्याशी बनाया।

उन्होंने कहा कि यदि उम्मीदवार बेहतर छवि का होगा तो एनडीए का समर्थन किया जाएगा। उनका आशय था कि भाजपा का उम्मीदवार स्वीकार्य होना चाहिए। मुलायम के इस रुख से उनकी पार्टी इत्तेफाक नहीं करती।

मुलायम सिंह यादव
इससे सपा नेता थोड़ा असहज जरूर हुए हैं, लेकिन रविवार को किसी ने भी अधिकृत तौर पर उनके बयान पर कोई टिप्पणी नहीं की। इतना जरूर कहा कि सपा का स्टैंड सबको पता है।

अखिलेश यादव प्रमुख विपक्षी नेताओं के संपर्क में हैं। वह सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक में शामिल हो चुके हैं। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष की संयुक्त रणनीति का जल्द एलान हो सकता है।

इंतजार सिर्फ भाजपा (एनडीए) के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी का है। इससे पहले भी मुलायम कई बार कांग्रेस के खिलाफ स्टैंड लेते रहे हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव में सपा के कांग्रेस से गठबंधन पर विरोध जताया था। कांग्रेस के प्रत्याशियों को हराने तक की अपील कर दी थी।

पीएम के डिनर में विपक्षी दलों को साधने की कोशिश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से दिए जाने वाले डिनर में विपक्षी दलों को साधने की कोशिश हो सकती है। पीएम मोदी 20 जून को दोपहर बाद राजधानी पहुंचेंगे। कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उनके सम्मान में रात्रि भोज दिया जाएगा।
इसके लिए सत्तापक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को न्योता मिल गया है। एनडी तिवारी, मुलायम सिंह, मायावती, रामगोविंद चौधरी समेत कई नेताओं को डिनर में बुलाया गया है।

माना जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव से पहले प्रधानमंत्री की विपक्ष के नेताओं से मुलाकात होगी। इसे राष्ट्रपति चुनाव के लिए उन्हें साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। प्रदेश में सपा और बसपा मुख्य विपक्षी दल हैं।

इन दोनों दलों के अध्यक्ष अखिलेश यादव व मायावती, सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल हो चुके हैं। भाजपा की कोशिश है कि चुनाव के लिए आम सहमति बन जाए या सपा-बसपा जैसे दल कांग्रेस के साथ खड़े न हों।

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