राष्ट्रीय पार्टियों के खजाने में आए 299.54 करोड़, भाजपा-कांग्रेस ने नहीं दिया जवाब

देश की कौन सी पार्टी कितनी अमीर है और किस पार्टी को हर साल सबसे ज्यादा चंदा आता है इस बात पर काफी समय से बहस चल रही है। पिछले दिनों एडीआर की रिपोर्ट ने इसका खुलासा किया है कि एक साल में सबसे ज्यादा आय बसपा की है। बसपा की 2017 की कुल आय 173.58 करोड़ बताई है जबकि देश की सात राष्ट्रीय पार्टियों में से पांच पार्टियों ने साल 2016-17 के दौरान अपनी कुल आय 299.54 करोड़ रुपये बताई है।राष्ट्रीय पार्टियों के खजाने में आए 299.54 करोड़, भाजपा-कांग्रेस ने नहीं दिया जवाब

लेकिन चौंकाने वाली बात है कि देश की दो बड़ी पार्टियों बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी कमाई का खुलासा नहीं किया है। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने दी है।

बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा और कांग्रेस ने अभी तक अपनी ऑडिट हो चुकी रिपोर्ट को चुनाव आयोग को नहीं सौंपा है जबकि रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तारीख को बीते तीन महीने से अधिक हो चुके हैं। सभी पार्टियों के लिए वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तारीख 30 अक्तूबर, 2017 थी।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (एम) (CPM) और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) ने समय से अपना ऑडिट रिपोर्ट जमा कर दिया था। वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने रिपोर्ट को जमा करने की आखिरी तारीख खत्म होने के 22 दिन बाद जमा किया था। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने जमा करने की तारीख खत्म के लगभग दो महीने बाद अपनी ऑडिट रिपोर्ट 19 जनवरी, 2018 को जमा की।

पांचों राष्ट्रीय पार्टियों की आय का 0.69 फीसदी है

दिल्ली स्थित संस्था एडीआर ने कहा कि राष्ट्रीय पार्टियों में से बसपा ने साल 2016-17 में अपनी आय सबसे अधिक 173.58 करोड़ बताई है। यह राशि साल 2016-17 में राष्ट्रीय पार्टियों की आय का 57.95 फीसदी है। राष्ट्रीय पार्टियों में आय के मामले में सीपीएम दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है जिसने अपनी आय 100.25 करोड़ बताई है और यह राशि पांच राष्ट्रीय पार्टियों की कुल आय का 33.47 फीसदी है। वहीं सीपीआई की कुल आय सबसे कम मात्र 2.07 करोड़ है जो कि पांचों राष्ट्रीय पार्टियों की आय का 0.69 फीसदी है। 

बता दें कि इन पार्टियों की आय तो अधिक है लेकिन इनका बैंक बैलेंस उससे ज्यादा है क्योंकि ये पार्टियां पैसे खर्च करने में उतनी की कंजूस हैं। इसमें भी बसपा अव्वल है। बसपा ने अपनी आय की मात्र 30 फीसदी राशि (51.83 करोड़) ही खर्च की है। वहीं एआईटीसी ने अपनी 6.39 करोड़ बताई जबकि उसने 17.87 करोड़ (280 फीसदी) खर्च किया  है। वहीं एनसीपी ने भी अपनी 17.23 करोड़ की आय पर 7.73 की अतिरिक्त राशि खर्च की है। 

साल 2015-16 के दौरान भाजपा ने अपनी कुल आय 570.86 करोड़ घोषित की थी जो कि सभी राष्ट्रीय पार्टियों में सबसे अधिक थी। वहीं कांग्रेस पार्टी की कुल आय 261.56 करोड़ रुपया था जो कि दूसरे स्थान पर थी। हालांकि इस दोनों ही पार्टियों ने चुनाव आयोग में अपने आयकर रिटर्न की कॉपी नहीं जमा की है।  

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