राहुल को नोटिस मिलने पर EC पहुंची कांग्रेस, कहा-पीएम और शाह पर भी हो FIR

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इंटरव्यू के प्रसारण पर रोक लगाने और चुनाव आयोग द्वारा नोटिस दिए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है । देर रात कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे और बीजेपी पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, वित्त मंत्री अरुण जेटली और रेल मंत्री पीयूष गोयल पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया।राहुल को नोटिस मिलने पर EC पहुंची कांग्रेस, कहा-पीएम और शाह पर भी हो FIR

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पार्टी नेताओं ने कहा कि फिक्की के मंच पर पीएम ने कांग्रेस पर जो आरोप लगाए है, वो आचार संहिता का उल्लंघन है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 2014 के चुनावों में मोदी जी ने भी मतदान के दिन बीजेपी का चुनाव चिह्न दिखाया लेकिन चुनाव आयोग ने उनपर एक्शन नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात चुनाव के पहले चरण से पहले बीजेपी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित किया। 

सुरेजावाला ने कहा कि चुनाव आयोग का दोहरा रवैया सही नहीं है। इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी के अन्य नेताओं पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।

कांग्रेस ने सीधा आरोप लगाया है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता, वहां के मुख्यमंत्री और भाजपा अध्यक्ष चुनाव आयोग की भूमिका निभाकर मीडिया और आचार संहिता के उल्लघंन का नोटिस भेजने और मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री भाजपा के मंच से मीडिया से खुलेआम कहते हैं कि आयोग तुम्हें नोटिस जारी करेगा। 

दरअसल कांग्रेस ने विभिन्न न्यूज चैनलों में दिखाए गए साक्षात्कार पर भाजपा की आपत्ति पर अपनी नाराजगी जताई साथ ही आयोग से भाजपा नेताओं के खिलाफ नोटिस जारी करने की मांग की है। 

सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेताओं का सारा गुस्सा कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर है। एक तरफ पीएम कहते हैं कि कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं और दूसरी ओर अपने सभी सार्वजनिक भाषणों का 90 प्रतिशत समय कांग्रेस की आलोचना में लगाते हैं। जबकि न तो वे गुजरात के विकास की बात करते हैं और न ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों को जवाब दिया है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि आज जब गुजरात और देश के कुछ चैनलों पर राहुल गांधी का साक्षात्कार दिखाया गया तो प्रधानमंत्री कार्यालय से और स्वयं मुख्यमंत्री ने टेलीविजन चैनल को और उनके संपादकों को धमकाया कि उनको जेल भेज देंगे। अगर मतदान के एक दिन पहले साक्षात्कार चलाना गैरकानूनी और असंवैधानिक है तो 2014 लोकसभा चुनाव में ठीक एक दिन पहले कुछ न्यूज चैनलों ने उनका साक्षात्कार दिखाया था। अभी गुजरात चुनाव में नौ को मतदान हुए और एक दिन पहले आठ दिसंबर को भाजपा ने अपना घोषणापत्र जारी किया। क्या ये लोग भी आचार संहिता का उल्लघंन कर रहे थे। 

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