रिफाइनरी के शुभारंभ पर PM मोदी ने दिया बड़ा बयान, कहा- कांग्रेस और अकाल जुड़वा भाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश की पहली इको फ्रेंडली रिफाइनरी का कार्य शुभारंभ किया। बाड़मेर के पचपदरा में बनने वाली इस रिफाइनरी की लागत करीब 43 हजार करोड़ रुपए है। चार वर्ष में बनकर तैयार होने वाली यह रिफाइनरी बीएस-6 मानक पर बनेगी। एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के तहत​ इस रिफाइनरी का निर्माण किया जाएगा। रिफाइनरी के शुभारंभ पर PM मोदी ने दिया बड़ा बयान, कहा- कांग्रेस और अकाल जुड़वा भाईपीएम मोदी ने आज बाड़मेर​ रिफाइनरी के कार्य शुभारंभ के मौके पर कहा कि  यह संकल्प से सिद्दी का समय है। उन्होंने कहा ​​कि उन्हें यहां से विश्वास दिया गया है कि जब वर्ष 2022 में देश आजादी के 75 वर्ष का जश्न मना रहा होगा तब यहां से रिफाइनरी का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। 

पीएम मोदी ने इस मौके पर राजस्थान की मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि वसुंधरा राजे में राजपरिवार के साथ मारवाड़ी गुण भी है। इसलिए वे राजस्थान का 40 हजार करोड़ रुपए बचाने में कामयाब रही है। 

पीएम मोदी ने इस मौके पर इजरायल के हाइफा को मुक्त कराने में राजस्थान के वीर सपूतों के योगदान को याद किया। मोदी ने मेजर दलतप सिंह शेखावत को प्रणाम करते ​हुए हाइफा युद्ध के बारे में याद​ दिलाया। 

कांग्रेस पर साधा निशाना

– कांग्रेस की कार्यशैली का हिस्सा है कि सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करना। वे सिर्फ पत्थर लगाना जाने है। 
– रेलवे बजट में 1500 से ज्यादा कांग्रेस ने ऐसी घोषणाएं कि जिनका आज तक नामो​निशान नहीं है। 
– वन रैंक वन पेंशन में भी कांग्रेस ने फौजियों के साथ छल किया। इस कार्य के लिए बजट में भी सिर्फ दिखावा किया गया था। 

ऐसी होगी देश की पहली इको फ्रेंडली रिफाइनरी

बाड़मेर रिफाइनरी का कार्य 4 साल में पूरा ​होगा जिसके निर्माण में करीब 43129 करोड़ रुपए की लागत आएगी और इसका निर्माण 4567.32 एकड़ भूमि में होगा। इस रिफाइनरी के निर्माण में युक्त होने वाली करीब 30 फीसदी मशीनें विदेश से मंगवाई गई है जबकि 70 फीसदी मशीने देश की भेल कंपनी उपलब्ध करवाएगी। 

इस प्रोजेक्ट में 15 ​हजार से ज्यादा कर्मचारी और इंजीनियर लगेंगे जिनके यहां रहने की व्यवस्था एक टाउनशिप का निर्माण कराके की गई है। यहां निर्माण कार्य के साथ साथ 1 साल बाद से ही रिफाइनरी  के फेब्रिकेशन का काम भी तेजी से किया जाएगा। 

आपको बता दें कि बाड़मेर रिफाइनरी एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के सहयोग से स्थापित की जा रही है जिसमें 74 फीसदी एचपीसीएल की हिस्सेदारी तय की गई है जबकि राज्य सरकार की इसमें 26 फीसदी हिस्सेदारी होगी। यहां बीएस 6 मानक स्तर के पेट्रोल डीजल का उत्पदान किया जाएगा। 

राजस्थान में क्रूड आॅयल नहीं है ऐसे में रिफाइनरी को क्रूड आॅयल एक पाइप लाइन के जरिए गुजरात से उपलब्ध कराया जाएगा। ये पाइपलाइन 2 से 3 फीट चौड़ी होगी जिसकी लंबाई करीब 650 किलोमीटर बताई गई है। केयर्न एनर्जी कंपनी ये क्रूड आॅयल उपलब्ध कराएगी।

रिफाइनरी को पानी प्रोजेक्ट से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नगाड़ा गांव के जलदाय विभाग के वॉटर स्टोरेज से होगी वहीं बिजली का निर्माण पास ही में स्थित पावरग्रिड से मिलेगी। 

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