रुस और अमेरिका भारत को देंगे सैन्य सुरक्षा के लिए ये बड़े और जरुरी उपहार…

इतिहास में साफ शब्दों में लिखा है कि जिस देश के पास शक्तिशाली टैंक हैं उसे जीतने से कोई नहीं रोक सका है। बड़ी-बड़ी जंग तोपखानों के दम पर ही लड़ी गई है। अब भारत के पास भी आधुनिक हथियारों की भरमार होगा। आज तमाम देशों के पास तरह-तरह के आधुनिक टैंक हैं, जिनकी अपनी अलग-अलग खासियतें हैं। दुनिया के ऐसे ही खतरनाक टैंकों में  हम आपको  कुछ  टैंकों के बारे में बताएंगे जो जल्द ही भारत के पास आने वाली है। 

रुस और अमेरिका भारत को देंगे सैन्य सुरक्षा के लिए ये बड़े और जरुरी उपहार...

मेरकावा टैंक- मेरकावा टैंक इजरायल का सबसे ताकतवर हथियार है। बताया  जा  रहा है कि पीएम मोदी के दौरे के बाद  इजरायल अपनी ताकत भारत को  देकर पीएम मोदी से अपनी दोस्ती निभाएगा। इजरायल के पीएम नेतन्याहू का कहना है कि वो हर हाल में भारत की मदद करेंगे। और भारत को  इजरायल की बड़े से बड़े  हथियार सौपेंगे। 

टी-34 (रुस): रुस का अबतक का सबसे विध्वंसक हथियार। टी-34 के खौफ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जर्मनों ने अपने पीजेड केडब्ल्यू टैंकों का निर्माण किया। इसकी ऊंचाई कम होने की वजह से इसके बारे में दुश्मन दूर से अंदाजा नहीं लगा पाता था। हालांकि जर्मनी लाख कोशिश करके भी टी-34के बराबर टैंक नहीं बना पाया। जिसके उन्नत संस्करणों में 85 एमएम की तोप लगी थी। कुर्स्क युद्ध में रूसियों को वायुसेना का तो सहयोग मिला ही, अगर टी-34 टैंक नहीं होते, तो रूस पलक झपकते ही युद्ध हारने की स्थिति में था। 

 एम1 अब्राम्स: अमेरिकन आर्मी के एम1ए2 को दुनिया का सबसे विध्वंसक टैंक माना जाता है। इस टैंक ने इराक युद्ध, अफगान युद्ध, गल्फ युद्ध(इराक पर हमला, कुवैत की आजादी के लिए) में अपनी ताकत दिखाई। लगभग 60 टन वजनी इस टैंक की 105 एमएम तोपों के साथ ही एम60 राइफल मुख्य ताकत है, जो सामने से दुश्मनों का मुकाबला करते हैं। इस टैंक की खासियत इसकी तेजी भी है, जो 72 किमी की स्पीड से दुश्मन पर हमला करते हैं।

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